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कंप्यूटर, स्कैनर से बनाते थे जाली नोट
Mon, 25 Feb 2019 12:26 AM IST
Deepak Sharma
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Mon, 25 Feb 2019 12:26 AM IST
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arrest
- फोटो : अमर उजाला
थानाभवन। गांव भैंसानी इस्लामपुर के तीन युवकों को दिल्ली में दो दिन पहले दरियांगज क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। शनिवार रात को दिल्ली की क्राइम ब्रांच की टीम ने इस धंधे से जुड़े अन्य दो आरोपियों की तलाश में दबिश दी। दबिश के दौरान आरोपी पकड़ में नहीं आ सके। टीम ने एक आरोपी के घर से कंप्यूटर, स्कैनर बरामद किया है। कंप्यूटर और स्कैनर के माध्यम से ही आरोपी जाली नोट बनाते थे।
थानाभवन थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि दिल्ली की दरियागंज क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले दिल्ली में क्षेत्र के गांव भैंसानी इस्लामपुर निवासी जावेद, जब्बार और मेहताब को गिरफ्तार कर उनके पास से पांच लाख 12 हजार रुपये के जाली नोट बरामद किए थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने गांव के दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। शनिवार रात को दिल्ली की दरियागंज क्राइम ब्रांच की टीम इस अवैैध धंधे से जुड़े आरोपियों की तलाश में थानाभवन थाने पहुंची। टीम तीनों आरोपियों को साथ लेकर आई थी। स्थानीय पुलिस के साथ गांव भैंसानी इस्लामपुर में आरोपियों की तलाश में छापा मारा, लेकिन दोनों आरोपी फरार हो गए।
थाना प्रभारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों के घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मेहताब के घर से जाली नोट बनाने के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर बरामद हुआ है। इसके बाद पुलिस बरामद मशीन को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों के साथ दिल्ली लौट गई। थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि मामला दिल्ली का है। तीनों आरोपियों को पुलिस वहीं ले गई है। कार्रवाई दिल्ली क्राइम ब्रांच की ओर से ही की जा रही है।
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उधर, थाना प्रभारी संदीप बालियान के अनुसार छह नवंबर 2018 को पुलिस की मुल्लापुर रोड पर मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पुलिस ने जावेद, जब्बार और मोहसीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे में जावेद और जब्बार कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आए थे।
दिल्ली तक फैला था आरोपियोंं का नेटवर्क
थानाभवन। जाली नोट के साथ दिल्ली में गिरफ्तार जावेद जहां संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है, वहीं मेहताब और जब्बार के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मामले का खुलासा होने के बाद अब पुलिस जावेद के नेटवर्क की कुंडली खंगालने में जुट गई है। पुलिस की माने तो जावेद मेरठ के साथ गाजियाबाद, दिल्ली में जाली नोट चलाने का काम करता था।
दिल्ली के दरियागंज क्राइम ब्रांच की टीम जाली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ग्रामीणों का दावा है कि इस अवैध धंधे का मुखिया जावेद संपन्न परिवार से जुड़ा है। गांव में अच्छा घर होने के साथ जावेद के पास गुड़ बनाने का कोल्हू भी है। इसके अलावा जब्बार के पास करीब सात बीघा जमीन है। मेहताब का परिवार मजदूरी करके परिवार पालता है।
मेहताब की गांव में ही फोटो स्टेट और सिम कार्ड बेचने की दुकान है। उधर, मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस जावेद के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। स्थानीय पुलिस की माने तो फिलहाल जावेद का नकली नोट का नेटवर्क मेरठ, गाजियाबाद व दिल्ली में फैला होने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस अभी जांच करने की बात कह रही है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि इस काम में जावेद के साथ और कौन-कौन लोग शामिल है और कहां तक उसका नेटवर्क फैला है।
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थानाभवन थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि दिल्ली की दरियागंज क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले दिल्ली में क्षेत्र के गांव भैंसानी इस्लामपुर निवासी जावेद, जब्बार और मेहताब को गिरफ्तार कर उनके पास से पांच लाख 12 हजार रुपये के जाली नोट बरामद किए थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने गांव के दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। शनिवार रात को दिल्ली की दरियागंज क्राइम ब्रांच की टीम इस अवैैध धंधे से जुड़े आरोपियों की तलाश में थानाभवन थाने पहुंची। टीम तीनों आरोपियों को साथ लेकर आई थी। स्थानीय पुलिस के साथ गांव भैंसानी इस्लामपुर में आरोपियों की तलाश में छापा मारा, लेकिन दोनों आरोपी फरार हो गए।
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थाना प्रभारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों के घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मेहताब के घर से जाली नोट बनाने के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर बरामद हुआ है। इसके बाद पुलिस बरामद मशीन को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों के साथ दिल्ली लौट गई। थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि मामला दिल्ली का है। तीनों आरोपियों को पुलिस वहीं ले गई है। कार्रवाई दिल्ली क्राइम ब्रांच की ओर से ही की जा रही है।
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उधर, थाना प्रभारी संदीप बालियान के अनुसार छह नवंबर 2018 को पुलिस की मुल्लापुर रोड पर मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पुलिस ने जावेद, जब्बार और मोहसीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे में जावेद और जब्बार कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आए थे।
दिल्ली तक फैला था आरोपियोंं का नेटवर्क
थानाभवन। जाली नोट के साथ दिल्ली में गिरफ्तार जावेद जहां संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है, वहीं मेहताब और जब्बार के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मामले का खुलासा होने के बाद अब पुलिस जावेद के नेटवर्क की कुंडली खंगालने में जुट गई है। पुलिस की माने तो जावेद मेरठ के साथ गाजियाबाद, दिल्ली में जाली नोट चलाने का काम करता था।
दिल्ली के दरियागंज क्राइम ब्रांच की टीम जाली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ग्रामीणों का दावा है कि इस अवैध धंधे का मुखिया जावेद संपन्न परिवार से जुड़ा है। गांव में अच्छा घर होने के साथ जावेद के पास गुड़ बनाने का कोल्हू भी है। इसके अलावा जब्बार के पास करीब सात बीघा जमीन है। मेहताब का परिवार मजदूरी करके परिवार पालता है।
मेहताब की गांव में ही फोटो स्टेट और सिम कार्ड बेचने की दुकान है। उधर, मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस जावेद के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। स्थानीय पुलिस की माने तो फिलहाल जावेद का नकली नोट का नेटवर्क मेरठ, गाजियाबाद व दिल्ली में फैला होने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस अभी जांच करने की बात कह रही है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि इस काम में जावेद के साथ और कौन-कौन लोग शामिल है और कहां तक उसका नेटवर्क फैला है।