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एक ने हाथ पकड़े और दूसरे ने गोली मारी
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Tue, 17 May 2016 12:07 AM IST
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muder
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। रोहन को अपने दोस्तों पर पूरा भरोसा था। तभी तो 10 वीं में पास होने पर वह अपने दोस्त की खुशी में शामिल होने एक बुलावे पर चल दिया। उसे मालूम नहीं था कि दोस्ती के चोले में दरिंदगी छिपी है, जो भरोसे का कत्ल कर देगी। उसके एक दोस्त ने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए। इससे पहले रोहन कुछ समझ पाता कि दूसरे ने सिर से तमंचा सटाकर गोली मार दी।
मोहल्ला गुजरातियान के रोहन की हत्या फुल प्लानिंग के साथ की गई। हत्या की वजह बेशक रुपयों की मांग को लेकर हुई कहासुनी बताई गई, मगर हत्या की कहानी में एक लड़की का किरदार भी छिपा हुआ है।
उसी को लेकर रोहन के दोस्तों ने हत्या का ताना बाना बुना। रविवार शाम करीब छह बजे रोहन को दोनों ने उसके घर से बुलाया। रोहन भी बेहिचक उनके साथ चला गया। मालूम चला है कि फिर दोनों ने दावत की। इसके बाद रोहन को दोनों आरोपी अपने साथ करनाल रोड पर ले गए। वहां कसेरवा मार्ग पर ले जाकर रोहन को गोली मार दी । फिर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और चुपचाप अपने घर आ गए।
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पुलिस के सामने कबूला जुर्म
छानबीन के बाद पुलिस ने जब दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो कुछ देर तक वह पुलिस को गुमराह करते रहे। फिर कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरी कहानी उगल दी। पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूूल किया।
पहले भी हुई ऐसी वारदातें
दोस्ती में भरोसे के कत्ल की घटनाएं जिले में पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। छह महीना पूर्व कैराना में मुकरीम उर्फ भूरा की हत्या हुई। मुकरीम को भी उसके दोस्त घर से बुलाकर ले गए थे। हत्या करके उसका शव जहानपुरा रोड पर तालाब में फेंक दिया था। एक साल पूर्व कांधला नई बस्ती निवासी सोनू की हत्या को उसके दोस्त रवि और उसके साथियों ने अंजाम दिया।
सोनू की कार भी लूटकर ले गए थे। सोनू का शव बुढ़ाना क्षेत्र के एक कब्रिस्तान में दबा दिया गया था, जबकि उसकी कार देहरादून में जोली ग्रांट से बरामद हुई थी। इसके अलावा झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना में गौरव की हत्या में भी उसके दोस्तों का नाम सामने आया था।
अभिभावकों को भी सचेत रहने की जरूरत
शामली(ब्यूरो)। पढ़ाई -लिखाई की उम्र में तमंचे और चाकू से खेल रहे युवा। किधर जा रही है युवा पीढ़ी। अभिभावकों को भी सचेत रहने की जरूरत है कि उनके लाडले क्या कर रहे हैं और उनकी कैसी संगत है।
रोहन हत्याकांड ने समाज के लोगों के लिए उदाहरण पेश किया है। छात्र तमंचे और चाकू लेकर घूमते हैं, जिसके प्रमाण कई बार छात्र गुटों में संघर्ष के दौरान सामने आ चुके हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब मासूम हाथों ने बड़ी वारदात की हो। इससे पूर्व शामली में बुढ़ाना बस स्टैंड पर छात्र शिवम की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या करने वाले भी छात्र ही थे।
दो साल पूर्व शामली में मिल रोड पर नाबालिग छात्रों ने कुडाना निवासी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं कई बार लूट और चोरी की वारदातों में किशोर पकड़े जा चुके हैं। जाहिर है कि युवा पीढ़ी भटकाव की राह पर है। ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक अपने बच्चों के दोस्तों की गतिविधियों पर ध्यान रख सकें। ताकि ऐसी किसी घटना के होने पर अफसोस ना करना पड़े। पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने भी अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों की दोस्ती और उनके संबंधों का ख्याल करें।
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मोहल्ला गुजरातियान के रोहन की हत्या फुल प्लानिंग के साथ की गई। हत्या की वजह बेशक रुपयों की मांग को लेकर हुई कहासुनी बताई गई, मगर हत्या की कहानी में एक लड़की का किरदार भी छिपा हुआ है।
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उसी को लेकर रोहन के दोस्तों ने हत्या का ताना बाना बुना। रविवार शाम करीब छह बजे रोहन को दोनों ने उसके घर से बुलाया। रोहन भी बेहिचक उनके साथ चला गया। मालूम चला है कि फिर दोनों ने दावत की। इसके बाद रोहन को दोनों आरोपी अपने साथ करनाल रोड पर ले गए। वहां कसेरवा मार्ग पर ले जाकर रोहन को गोली मार दी । फिर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और चुपचाप अपने घर आ गए।
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पुलिस के सामने कबूला जुर्म
छानबीन के बाद पुलिस ने जब दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो कुछ देर तक वह पुलिस को गुमराह करते रहे। फिर कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरी कहानी उगल दी। पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूूल किया।
पहले भी हुई ऐसी वारदातें
दोस्ती में भरोसे के कत्ल की घटनाएं जिले में पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। छह महीना पूर्व कैराना में मुकरीम उर्फ भूरा की हत्या हुई। मुकरीम को भी उसके दोस्त घर से बुलाकर ले गए थे। हत्या करके उसका शव जहानपुरा रोड पर तालाब में फेंक दिया था। एक साल पूर्व कांधला नई बस्ती निवासी सोनू की हत्या को उसके दोस्त रवि और उसके साथियों ने अंजाम दिया।
सोनू की कार भी लूटकर ले गए थे। सोनू का शव बुढ़ाना क्षेत्र के एक कब्रिस्तान में दबा दिया गया था, जबकि उसकी कार देहरादून में जोली ग्रांट से बरामद हुई थी। इसके अलावा झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना में गौरव की हत्या में भी उसके दोस्तों का नाम सामने आया था।
अभिभावकों को भी सचेत रहने की जरूरत
शामली(ब्यूरो)। पढ़ाई -लिखाई की उम्र में तमंचे और चाकू से खेल रहे युवा। किधर जा रही है युवा पीढ़ी। अभिभावकों को भी सचेत रहने की जरूरत है कि उनके लाडले क्या कर रहे हैं और उनकी कैसी संगत है।
रोहन हत्याकांड ने समाज के लोगों के लिए उदाहरण पेश किया है। छात्र तमंचे और चाकू लेकर घूमते हैं, जिसके प्रमाण कई बार छात्र गुटों में संघर्ष के दौरान सामने आ चुके हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब मासूम हाथों ने बड़ी वारदात की हो। इससे पूर्व शामली में बुढ़ाना बस स्टैंड पर छात्र शिवम की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या करने वाले भी छात्र ही थे।
दो साल पूर्व शामली में मिल रोड पर नाबालिग छात्रों ने कुडाना निवासी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं कई बार लूट और चोरी की वारदातों में किशोर पकड़े जा चुके हैं। जाहिर है कि युवा पीढ़ी भटकाव की राह पर है। ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक अपने बच्चों के दोस्तों की गतिविधियों पर ध्यान रख सकें। ताकि ऐसी किसी घटना के होने पर अफसोस ना करना पड़े। पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने भी अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों की दोस्ती और उनके संबंधों का ख्याल करें।