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रुपयो के लिए टोका, तो कर दी थी विरेंद्र की हत्या
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:40 AM IST
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शामली।
शेखूपुरा में हुई किसान विरेंद्र की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। उसकी हत्या उधार के दिए रुपये मांगने पर की गई थी। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं।
सीओ सिटी अशोक कुमार के कार्यालय पर एएसपी डॉ. जगदीश शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि थाना आदर्शमंडी क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी विरेंद्र का शव 14 सितंबर को अजय कुमार के खेत में पड़ा मिला था। इस मामले में विरेंद्र के भाई सुरेंद्र की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में चार हत्यारोपियों श्रवण पुत्र विनोद, विशाल पुत्र ओमप्रकाश, सोनू पुत्र राजबीर तथा अवनीश पुत्र प्रेम निवासीगण शेेखूपुरा के नाम सामने आए थे। जिसके बाद श्रवण और सोनू को एमएस फार्म के सामने से गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार मृतक विरेंद्र रुपये के लेनदेन का काम करता था। श्रवण को उसने 60 हजार रुपये, विशाल को दो हजार रुपये और सोनू कोे 35 हजार रुपये उधार दे रखे थे।
13 सितंबर की सुबह विरेंद्र खेत पर गया था तो मोबाइल वहीं रह गया था। शाम को वह मोबाइल लेने के लिए खेत पर गया तो वहां पर चारों आरोपी बैठे शराब पी रहे थे। उस समय विरेंद्र मोबाइल लेकर घर चला गया। रात्रि दस बजे जब विरेंद्र दोबारा अपने खेत पर पहुंचा तो चेनपाल की ट्यूबवेल पर चारों शराब पी रहे थे। जहां विरेंद्र ने उनसे उधार के रुपये देने को कहा। इस बात को लेकर कहासुनी हो गई। चारों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को उठाकर अजय के खेत में फेंककर फरार हो गए। इस दौरान सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह, थाना आदर्शमंडी प्रभारी राजकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सर्विलांस और सीडीआर ने खोल दिया केस
अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू की। पुलिस ने मृतक के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस ने परिजनों के शक जाहिर करने पर एक आरोपी के नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि उस नंबर से हत्याकांड के पास से बार-बार कॉल की गई। चारों आरोपियों के नंबर पर आपस में कई बार बातें हुई। जिस पर पूरा केस खुल गया।
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शेखूपुरा में हुई किसान विरेंद्र की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। उसकी हत्या उधार के दिए रुपये मांगने पर की गई थी। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं।
सीओ सिटी अशोक कुमार के कार्यालय पर एएसपी डॉ. जगदीश शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि थाना आदर्शमंडी क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी विरेंद्र का शव 14 सितंबर को अजय कुमार के खेत में पड़ा मिला था। इस मामले में विरेंद्र के भाई सुरेंद्र की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में चार हत्यारोपियों श्रवण पुत्र विनोद, विशाल पुत्र ओमप्रकाश, सोनू पुत्र राजबीर तथा अवनीश पुत्र प्रेम निवासीगण शेेखूपुरा के नाम सामने आए थे। जिसके बाद श्रवण और सोनू को एमएस फार्म के सामने से गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार मृतक विरेंद्र रुपये के लेनदेन का काम करता था। श्रवण को उसने 60 हजार रुपये, विशाल को दो हजार रुपये और सोनू कोे 35 हजार रुपये उधार दे रखे थे।
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13 सितंबर की सुबह विरेंद्र खेत पर गया था तो मोबाइल वहीं रह गया था। शाम को वह मोबाइल लेने के लिए खेत पर गया तो वहां पर चारों आरोपी बैठे शराब पी रहे थे। उस समय विरेंद्र मोबाइल लेकर घर चला गया। रात्रि दस बजे जब विरेंद्र दोबारा अपने खेत पर पहुंचा तो चेनपाल की ट्यूबवेल पर चारों शराब पी रहे थे। जहां विरेंद्र ने उनसे उधार के रुपये देने को कहा। इस बात को लेकर कहासुनी हो गई। चारों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को उठाकर अजय के खेत में फेंककर फरार हो गए। इस दौरान सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह, थाना आदर्शमंडी प्रभारी राजकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सर्विलांस और सीडीआर ने खोल दिया केस
अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू की। पुलिस ने मृतक के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस ने परिजनों के शक जाहिर करने पर एक आरोपी के नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि उस नंबर से हत्याकांड के पास से बार-बार कॉल की गई। चारों आरोपियों के नंबर पर आपस में कई बार बातें हुई। जिस पर पूरा केस खुल गया।