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बगैर तैयारी की दबिश से पुलिस पर हो रहे हमले
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:07 AM IST
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शामली।
पुलिस पर लगातार हो रहे हमले कई सवाल पैदा कर रहे हैं। कभी भंभेडी शाहपुर में लूटपाट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पिटती है, तो कभी शामली के मोहल्ला काजीवाड़ा में अवैध पशु कटान के खिलाफ छापा मारने पर हमला हो जाता है। इन हमलों में पुलिस की खुद की लापरवाही भी जिम्मेदार है। क्योंकि अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ यदि पूरी तैयारी के साथ दबिश दी जाए, तो शायद ऐसी स्थिति पैदा न हो।
दरअसल, दो दिन पूर्व ही झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव भंभेडी शाहपुर में पुलिस ने रात के अंधेेरे में लूटपाट के आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी। दबिश के दौरान एक जीप में पुलिसकर्मी पहुंचे थे, जिनमें से तीन पुलिसकर्मी मकान में घुस गए थे, जबकि बाकी वाहन में ही बैठे रहे थे। पुलिस को लूटपाट के आरोपी को गिरफ्तार ही करना था, तो पहले से ग्रामीणों का सहयोग भी प्राप्त कर लेना चाहिए था। ताकि दबिश के दौरान किसी तरह का विरोध न होने पाए। वहीं, शामली के मोहल्ला काजीवाड़ा और आजाद चौक पर पुलिस ने अवैध पशु कटान के खिलाफ शनिवार और फिर रविवार को छापा मारा। शनिवार को छापे के दौरान तो कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस पर हमले के साथ ही फायरिंग तक कर दी थी। वहीं, रविवार को छापा मारने गई पुलिस पर पथराव कर दिया था।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी पुलिस पर हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। एक साल पूर्व कैराना क्षेत्र के गांव गंदराऊ में अवैध रेत खनन पर छापा मारने पहुंची पुलिस को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया था। वहीं, दो साल पूर्व यमुना खादर में झिंझाना थाना पुलिस को बुरी तरह पीटा गया था। इसके अलावा भी पुलिस पर हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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अवैध धंधे करने वाले ही कर रहे बवाल
शामली। दबिश के दौरान हमले की सभी घटनाएं अवैध धंधे करने वालों के द्वारा किए जा रहे हैं। अवैध रेत खनन हो या फिर अवैध पशु कटान और लूटपाट का मामला। पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश देती है, तो अवैध धंधे बंद होते देखकर पुलिस पर हमले किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस को भी गंभीरता से सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
आरोपियों को पकड़ना पुलिस का काम है। जितनी फोर्स उपलब्ध होती है, उसी के साथ दबिश दी जाती है। क्योंकि सटीक सूचना पर तत्काल दबिश नहीं दी गई, तो आरोपी फरार हो सकता है। दबिश के दौरान यदि कोई व्यक्ति सरकारी कार्य में बाधा डालता है और पुलिस पर हमला करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भंभेडी शाहपुर और काजीवाड़ा मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई हैं। - डॉ. अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक
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पुलिस पर लगातार हो रहे हमले कई सवाल पैदा कर रहे हैं। कभी भंभेडी शाहपुर में लूटपाट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पिटती है, तो कभी शामली के मोहल्ला काजीवाड़ा में अवैध पशु कटान के खिलाफ छापा मारने पर हमला हो जाता है। इन हमलों में पुलिस की खुद की लापरवाही भी जिम्मेदार है। क्योंकि अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ यदि पूरी तैयारी के साथ दबिश दी जाए, तो शायद ऐसी स्थिति पैदा न हो।
दरअसल, दो दिन पूर्व ही झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव भंभेडी शाहपुर में पुलिस ने रात के अंधेेरे में लूटपाट के आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी। दबिश के दौरान एक जीप में पुलिसकर्मी पहुंचे थे, जिनमें से तीन पुलिसकर्मी मकान में घुस गए थे, जबकि बाकी वाहन में ही बैठे रहे थे। पुलिस को लूटपाट के आरोपी को गिरफ्तार ही करना था, तो पहले से ग्रामीणों का सहयोग भी प्राप्त कर लेना चाहिए था। ताकि दबिश के दौरान किसी तरह का विरोध न होने पाए। वहीं, शामली के मोहल्ला काजीवाड़ा और आजाद चौक पर पुलिस ने अवैध पशु कटान के खिलाफ शनिवार और फिर रविवार को छापा मारा। शनिवार को छापे के दौरान तो कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस पर हमले के साथ ही फायरिंग तक कर दी थी। वहीं, रविवार को छापा मारने गई पुलिस पर पथराव कर दिया था।
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गौरतलब है कि इससे पूर्व भी पुलिस पर हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। एक साल पूर्व कैराना क्षेत्र के गांव गंदराऊ में अवैध रेत खनन पर छापा मारने पहुंची पुलिस को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया था। वहीं, दो साल पूर्व यमुना खादर में झिंझाना थाना पुलिस को बुरी तरह पीटा गया था। इसके अलावा भी पुलिस पर हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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अवैध धंधे करने वाले ही कर रहे बवाल
शामली। दबिश के दौरान हमले की सभी घटनाएं अवैध धंधे करने वालों के द्वारा किए जा रहे हैं। अवैध रेत खनन हो या फिर अवैध पशु कटान और लूटपाट का मामला। पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश देती है, तो अवैध धंधे बंद होते देखकर पुलिस पर हमले किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस को भी गंभीरता से सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
आरोपियों को पकड़ना पुलिस का काम है। जितनी फोर्स उपलब्ध होती है, उसी के साथ दबिश दी जाती है। क्योंकि सटीक सूचना पर तत्काल दबिश नहीं दी गई, तो आरोपी फरार हो सकता है। दबिश के दौरान यदि कोई व्यक्ति सरकारी कार्य में बाधा डालता है और पुलिस पर हमला करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भंभेडी शाहपुर और काजीवाड़ा मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई हैं। - डॉ. अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक