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एक हाथ में कारबाइन, दूसरे में पिस्टल से बरसाई गोलियां
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:54 AM IST
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शामली/मेरठ।
मुकीम गैंग का सबसे शातिर बदमाश साबिर जंधेड़ी दोनों हाथों से गोलियां चलाने में माहिर था। मंगलवार रात भी उसने एक हाथ से कारबाइन और दूसरे हाथ में पिस्टल से पुलिस टीम पर गोलियां बरसाईं। बावजूद इसके पुलिस की मजबूत घेराबंदी के सामने साबिर का दुस्साहस टिक नहीं पाया और मुठभेड़ में मारा गया।
वह मकान की ऊपरी मंजिल वाले कमरे में ही ठहरता था, जहां से दूर तक आने जाने वाले आसानी से दिखाई दें। मंगलवार रात भी गांव जंधेड़ी में जब वह अपने परिवार से मिलने पहुंचा उसने ऐसा ही किया। मकान के ऊपरी कमरे की पिछली दीवार पर खिड़की में जाली तक नहीं लगी थी, ताकि घेराबंदी होने पर वह खिड़की के रास्ते आसानी से निकल सके। लेकिन सटीक सूचना पर पुलिस ने उसे घेर लिया था। इस दौरान साबिर ने एक हाथ में कारबाइन तो दूसरे हाथ में पिस्टल लेकर से फायरिंग की। मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे से साबिर तब तक गोलियां बरसाता रहा, जब तक कि मैगजीन खाली नहीं हो गई। इसी तरह वह पिस्टल से भी गोलियां दागता रहा था। वहीं, जब मैगजीन खाली हो गई, तो उसने कमरे की पिछली तरफ खिड़की से कूदकर भागने की कोशिश भी की, लेकिन वहां दीवार पर कांच लगे हुए थे और वह भाग नहीं पाया।
एसपी अजय शर्मा ने बताया कि साबिर हमेशा दो असलहे साथ रखता था। उसने दोनों हाथों में पिस्टल लेकर पुलिस टीम पर गोलियां गोलियां बरसाते हुए साबिर औेर उसके साथी छत से कब्रिस्तान की ओर कूदकर भागने लगे तो नीचे खड़ी टीम ने भी फायरिंग खोल दी। बदमाश और पुलिस टीम में आमने सामने की मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में साबिर मारा गया। उसे भी कई गोलियां लगी हैं। उसके साथी वहां से भाग गए।
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मुकीम गैंग का सबसे शातिर बदमाश साबिर जंधेड़ी दोनों हाथों से गोलियां चलाने में माहिर था। मंगलवार रात भी उसने एक हाथ से कारबाइन और दूसरे हाथ में पिस्टल से पुलिस टीम पर गोलियां बरसाईं। बावजूद इसके पुलिस की मजबूत घेराबंदी के सामने साबिर का दुस्साहस टिक नहीं पाया और मुठभेड़ में मारा गया।
वह मकान की ऊपरी मंजिल वाले कमरे में ही ठहरता था, जहां से दूर तक आने जाने वाले आसानी से दिखाई दें। मंगलवार रात भी गांव जंधेड़ी में जब वह अपने परिवार से मिलने पहुंचा उसने ऐसा ही किया। मकान के ऊपरी कमरे की पिछली दीवार पर खिड़की में जाली तक नहीं लगी थी, ताकि घेराबंदी होने पर वह खिड़की के रास्ते आसानी से निकल सके। लेकिन सटीक सूचना पर पुलिस ने उसे घेर लिया था। इस दौरान साबिर ने एक हाथ में कारबाइन तो दूसरे हाथ में पिस्टल लेकर से फायरिंग की। मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे से साबिर तब तक गोलियां बरसाता रहा, जब तक कि मैगजीन खाली नहीं हो गई। इसी तरह वह पिस्टल से भी गोलियां दागता रहा था। वहीं, जब मैगजीन खाली हो गई, तो उसने कमरे की पिछली तरफ खिड़की से कूदकर भागने की कोशिश भी की, लेकिन वहां दीवार पर कांच लगे हुए थे और वह भाग नहीं पाया।
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एसपी अजय शर्मा ने बताया कि साबिर हमेशा दो असलहे साथ रखता था। उसने दोनों हाथों में पिस्टल लेकर पुलिस टीम पर गोलियां गोलियां बरसाते हुए साबिर औेर उसके साथी छत से कब्रिस्तान की ओर कूदकर भागने लगे तो नीचे खड़ी टीम ने भी फायरिंग खोल दी। बदमाश और पुलिस टीम में आमने सामने की मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में साबिर मारा गया। उसे भी कई गोलियां लगी हैं। उसके साथी वहां से भाग गए।
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