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Shamli News: दलाल को तीन हजार रुपये दो, घर पहुंच जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस
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शामली। अगर आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवान है और टेस्ट देने की झंझट से बचना चाहते हैं तो परिवहन विभाग के बाहर सक्रिय दलालों से संपर्क कर लीजिए। तीन से चार हजार रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस आपके घर तक पहुंच जाएगा।
शहर स्थित एआरटीओ कार्यालय के बाहर करीब 24 से अधिक दलाल सक्रिय हैं। उनकी पैठ इस कदर है कि कार्यालय के बाहर मौजूद खोखा संचालक तक लाइसेंस बनवाने का ठेका लेते नजर आते हैं।
संवाददाता ने एआरटीओ कार्यालय की पड़ताल की। इस दौरान कार्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में दलाल सक्रिय दिखाई दिए। ये लोग लाइसेंस, वाहन फिटनेस, एनओसी और अन्य कार्य कराने के नाम पर आने वाले लोगों से संपर्क कर रहे थे।
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संभागीय परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहनों की फिटनेस कराने, एनओसी दर्ज कराने और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। आरोप है कि जो व्यक्ति स्वयं अपना काम कराने का प्रयास करता है, उसके आवेदन में कमियां निकालकर उसे वापस भेज दिया जाता है। वहीं कार्यालय के बाहर सक्रिय बिचौलिये ऐसे लोगों को अपने जाल में फंसाकर काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं।
लाइसेंस बनवाने के नाम पर तीन से चार हजार रुपये की वसूली
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए एक युवक ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि लाइसेंस बनवाने के लिए दलाल तीन से चार हजार रुपये तक वसूलते हैं। इसके अलावा वाहन फिटनेस, एनओसी और अन्य कार्यों के लिए भी दो से ढाई हजार रुपये तक की मांग की जाती है।
तीन हजार दे देना, घर पहुंच जाएगा डीएल
पड़ताल के दौरान एआरटीओ कार्यालय के बाहर एक खोखे पर बैठे व्यक्ति ने कहा कि लर्निंग लाइसेंस के लिए एक हजार रुपये और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए तीन हजार रुपये लगेंगे। उसने दावा किया कि आवेदक को कार्यालय के अंदर जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और ड्राइविंग लाइसेंस घर पहुंचा दिया जाएगा।
एक अन्य दलाल ने कहा कि उनकी कार्यालय के अंदर पूरी सेटिंग है। उसने कहा, आप टेंशन मत लो, तीन हजार रुपये दे देना, काम हो जाएगा।
30 कदम की दूरी पर बैठे दलाल, फिर भी कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब छह माह से दलालों ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर स्थायी डेरा जमा रखा है। कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से उनकी दूरी मुश्किल से 30 कदम है। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
इन्होंने कहा
डीएल या लर्निंग लाइसेंस के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। लोगों से अधिक वसूली करने वाले दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द अभियान चलाया जाएगा।
— प्रवेश कुमार, एआरटीओ
एआरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों के सक्रिय होने की जानकारी नहीं है। मामला गंभीर है। अभियान चलाकर दलालों पर शिकंजा कसा जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
— आलोक यादव, जिलाधिकारी
नोट:
कल की किस्त में पढ़िए...
खुद ही टेस्ट कराते हैं दलाल, आवेदक को सिर्फ कंप्यूटर के सामने बैठाया जाता है। विभाग सब कुछ जानकर भी बना है अनजान।
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शहर स्थित एआरटीओ कार्यालय के बाहर करीब 24 से अधिक दलाल सक्रिय हैं। उनकी पैठ इस कदर है कि कार्यालय के बाहर मौजूद खोखा संचालक तक लाइसेंस बनवाने का ठेका लेते नजर आते हैं।
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संवाददाता ने एआरटीओ कार्यालय की पड़ताल की। इस दौरान कार्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में दलाल सक्रिय दिखाई दिए। ये लोग लाइसेंस, वाहन फिटनेस, एनओसी और अन्य कार्य कराने के नाम पर आने वाले लोगों से संपर्क कर रहे थे।
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संभागीय परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहनों की फिटनेस कराने, एनओसी दर्ज कराने और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। आरोप है कि जो व्यक्ति स्वयं अपना काम कराने का प्रयास करता है, उसके आवेदन में कमियां निकालकर उसे वापस भेज दिया जाता है। वहीं कार्यालय के बाहर सक्रिय बिचौलिये ऐसे लोगों को अपने जाल में फंसाकर काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं।
लाइसेंस बनवाने के नाम पर तीन से चार हजार रुपये की वसूली
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए एक युवक ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि लाइसेंस बनवाने के लिए दलाल तीन से चार हजार रुपये तक वसूलते हैं। इसके अलावा वाहन फिटनेस, एनओसी और अन्य कार्यों के लिए भी दो से ढाई हजार रुपये तक की मांग की जाती है।
तीन हजार दे देना, घर पहुंच जाएगा डीएल
पड़ताल के दौरान एआरटीओ कार्यालय के बाहर एक खोखे पर बैठे व्यक्ति ने कहा कि लर्निंग लाइसेंस के लिए एक हजार रुपये और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए तीन हजार रुपये लगेंगे। उसने दावा किया कि आवेदक को कार्यालय के अंदर जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और ड्राइविंग लाइसेंस घर पहुंचा दिया जाएगा।
एक अन्य दलाल ने कहा कि उनकी कार्यालय के अंदर पूरी सेटिंग है। उसने कहा, आप टेंशन मत लो, तीन हजार रुपये दे देना, काम हो जाएगा।
30 कदम की दूरी पर बैठे दलाल, फिर भी कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब छह माह से दलालों ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर स्थायी डेरा जमा रखा है। कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से उनकी दूरी मुश्किल से 30 कदम है। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
इन्होंने कहा
डीएल या लर्निंग लाइसेंस के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। लोगों से अधिक वसूली करने वाले दलालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द अभियान चलाया जाएगा।
— प्रवेश कुमार, एआरटीओ
एआरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों के सक्रिय होने की जानकारी नहीं है। मामला गंभीर है। अभियान चलाकर दलालों पर शिकंजा कसा जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
— आलोक यादव, जिलाधिकारी
नोट:
कल की किस्त में पढ़िए...
खुद ही टेस्ट कराते हैं दलाल, आवेदक को सिर्फ कंप्यूटर के सामने बैठाया जाता है। विभाग सब कुछ जानकर भी बना है अनजान।