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Shamli News: सहकारी गन्ना विकास समिति शामली पर एक लाख रुपये जुर्माना
Fri, 21 Aug 2026 12:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:55 AM IST
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शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने किसान के गन्ने के भुगतान में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता के मामले में सहकारी गन्ना विकास समिति शामली पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही पीड़ित किसान को उसकी बकाया भुगतान राशि ब्याज सहित लौटाने, 50 हजार रुपये का मुआवजा देने और 10 हजार रुपये वाद व्यय अदा करने का आदेश सुनाया है।
गांव तीतरवाड़ा निवासी किसान जहूर हसन ने 17 जून 2022 को आयोग में सहकारी गन्ना विकास समिति शामली और इंडियन बैंक शाखा तीतरवाड़ा के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। परिवादी ने बताया कि वह किसान है और ऊन शुगर मिल को गन्ना सप्लाई करते हैं। गन्ना समिति शामली द्वारा उन्हें किसान कोड आवंटित किया गया था। किसान ने भुगतान प्राप्त करने के लिए इंडियन बैंक शाखा तीतरवाड़ा को अपना खाता संख्या दर्ज कराया था, जिस पर उन्होंने कृषि ऋण भी ले रखा था। परिवादी के मुताबिक वर्ष 2017-18 से शुगर मिल को सप्लाई किए गए गन्ने का भुगतान नहीं किया गया। समिति कार्यालय में पूछने पर अधिकारियों ने बताया कि गन्ने का भुगतान उनके कृषि ऋण खाते में जमा हो रहा है लेकिन फरवरी 2022 में तहसील से 11,59,829 रुपये का रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) मिला तो उसने बैंक में जाकर पता किया तो गन्ने का भुगतान न तो उनके बचत खाते में आया और न ही ऋण खाते में जमा किया गया। बल्कि भुगतान किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेजे जा रहे थे। एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 के बीच सप्लाई किए गए गन्ने का 1,62,774 रुपये का भुगतान नहीं दिया गया।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने गन्ना समिति को आदेशित किया कि वह परिवादी द्वारा एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 में गन्ना सप्लाई किए जाने के संबंध में 1,62,774 रुपये की धनराशि नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से एक अप्रैल 2021 से अंतिम भुगतान की तिथि तक और परिवादी को हुई मानसिक, आर्थिक व शारीरिक क्षति की क्षतिपूर्ति हेतु 50 हजार रुपये व वाद खर्च 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें। साथ ही गन्ना समिति द्वारा सेवा में कमी व अनुचित व्यापार व्यवहार और वित्तीय अनियमितता के लिए एक लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि राजकोष में जमा की जाएगी। इसके अलावा आदेशित किया कि परिवादी के कोड संख्या 896 को किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित न किया जाए। मामले में हुई वित्तीय अनियमितता एवं नियम विरुद्ध कार्य करने की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस अधीक्षक शामली और गन्ना विभाग के उच्च अधिकारियों को कार्रवाई कर आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए गए।
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गांव तीतरवाड़ा निवासी किसान जहूर हसन ने 17 जून 2022 को आयोग में सहकारी गन्ना विकास समिति शामली और इंडियन बैंक शाखा तीतरवाड़ा के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। परिवादी ने बताया कि वह किसान है और ऊन शुगर मिल को गन्ना सप्लाई करते हैं। गन्ना समिति शामली द्वारा उन्हें किसान कोड आवंटित किया गया था। किसान ने भुगतान प्राप्त करने के लिए इंडियन बैंक शाखा तीतरवाड़ा को अपना खाता संख्या दर्ज कराया था, जिस पर उन्होंने कृषि ऋण भी ले रखा था। परिवादी के मुताबिक वर्ष 2017-18 से शुगर मिल को सप्लाई किए गए गन्ने का भुगतान नहीं किया गया। समिति कार्यालय में पूछने पर अधिकारियों ने बताया कि गन्ने का भुगतान उनके कृषि ऋण खाते में जमा हो रहा है लेकिन फरवरी 2022 में तहसील से 11,59,829 रुपये का रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) मिला तो उसने बैंक में जाकर पता किया तो गन्ने का भुगतान न तो उनके बचत खाते में आया और न ही ऋण खाते में जमा किया गया। बल्कि भुगतान किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेजे जा रहे थे। एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 के बीच सप्लाई किए गए गन्ने का 1,62,774 रुपये का भुगतान नहीं दिया गया।
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आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने गन्ना समिति को आदेशित किया कि वह परिवादी द्वारा एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 में गन्ना सप्लाई किए जाने के संबंध में 1,62,774 रुपये की धनराशि नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से एक अप्रैल 2021 से अंतिम भुगतान की तिथि तक और परिवादी को हुई मानसिक, आर्थिक व शारीरिक क्षति की क्षतिपूर्ति हेतु 50 हजार रुपये व वाद खर्च 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें। साथ ही गन्ना समिति द्वारा सेवा में कमी व अनुचित व्यापार व्यवहार और वित्तीय अनियमितता के लिए एक लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि राजकोष में जमा की जाएगी। इसके अलावा आदेशित किया कि परिवादी के कोड संख्या 896 को किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित न किया जाए। मामले में हुई वित्तीय अनियमितता एवं नियम विरुद्ध कार्य करने की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस अधीक्षक शामली और गन्ना विभाग के उच्च अधिकारियों को कार्रवाई कर आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए गए।
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