{"_id":"62e0350ff8fed35dc154c5ea","slug":"construction-company-s-work-stopped-indefinite-strike-from-tomorrow-shamli-news-mrt59860853","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्माण कंपनी का काम रूकवाया, कल से अनिश्तिकालीन धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्माण कंपनी का काम रूकवाया, कल से अनिश्तिकालीन धरना
विज्ञापन
बाबरी क्षेत्र के हाथी करौदा के जंगल में हाईवे का निर्माण कार्य रूकवाते किसान।
- फोटो : SHAMLI
निर्माण कंपनी का काम रुकवाया, कल से अनिश्चितकालीन धरना
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की भूमि अधिग्रहण के मामले में प्रशासन के रुख को देखते हुए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन धरने का एलान कर दिया। ग्रामीणों ने हाथी करौदा के जंगल में हाईवे के निर्माण का काम रुकवा दिया।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर संघर्ष समिति की एक बैठक मंगलवार को बुटवाड़ा क्रॉसिंग के पास हुई। इस स्थान पर संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया था। तब प्रशासन ने किसानों को मनाने के लिए कांवड़ यात्रा का हवाला दिया था। किसानों ने प्रशासन को 26 जुलाई तक का समय देकर धरना स्थगित किया गया था। किसानों का आरोप कि प्रशासन ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की। जिस पर संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि 28 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना बुटराड़ा और करौदा के बीच जंक्शन पर शुरू किया जाएगा। साथ ही किसानों ने मांग रखी कि एक प्रोजेक्ट एक रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। बागपत के मवी कला गांव में एक करोड़ रुपये प्रति बीघा का मुआवजा दिया जा रहा है या फिर सर्किल रेट में 20 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी कर 2014 के बाद वर्तमान तिथि तक करके दी जाए।
बैठक के बाद संघर्ष समिति को पता चला कि हाथी करौदा गांव के जंगल में निर्माण कंपनी की मशीनें चल रही है। समिति के सदस्य और किसान एकत्र होकर वहां पहुंचे और कार्य रुकवा दिया। साथ ही कंपनी को चेतावनी दी कि बुधवार से पूरे जिले में कहीं पर भी कोई मशीन डंफर या किसी प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए। जब तक किसानों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह, सचिव विदेश मलिक, मास्टर महावीर सिंह, विजेंद्र सिंह, योगेंद्र प्रधान, हाजी तुफैल, डॉ. तेजपाल, राजू कुमार, विजेंद्र सिंह, सुरेश राणा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की भूमि अधिग्रहण के मामले में प्रशासन के रुख को देखते हुए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन धरने का एलान कर दिया। ग्रामीणों ने हाथी करौदा के जंगल में हाईवे के निर्माण का काम रुकवा दिया।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर संघर्ष समिति की एक बैठक मंगलवार को बुटवाड़ा क्रॉसिंग के पास हुई। इस स्थान पर संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया था। तब प्रशासन ने किसानों को मनाने के लिए कांवड़ यात्रा का हवाला दिया था। किसानों ने प्रशासन को 26 जुलाई तक का समय देकर धरना स्थगित किया गया था। किसानों का आरोप कि प्रशासन ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की। जिस पर संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि 28 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना बुटराड़ा और करौदा के बीच जंक्शन पर शुरू किया जाएगा। साथ ही किसानों ने मांग रखी कि एक प्रोजेक्ट एक रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। बागपत के मवी कला गांव में एक करोड़ रुपये प्रति बीघा का मुआवजा दिया जा रहा है या फिर सर्किल रेट में 20 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी कर 2014 के बाद वर्तमान तिथि तक करके दी जाए।
विज्ञापन
बैठक के बाद संघर्ष समिति को पता चला कि हाथी करौदा गांव के जंगल में निर्माण कंपनी की मशीनें चल रही है। समिति के सदस्य और किसान एकत्र होकर वहां पहुंचे और कार्य रुकवा दिया। साथ ही कंपनी को चेतावनी दी कि बुधवार से पूरे जिले में कहीं पर भी कोई मशीन डंफर या किसी प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए। जब तक किसानों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह, सचिव विदेश मलिक, मास्टर महावीर सिंह, विजेंद्र सिंह, योगेंद्र प्रधान, हाजी तुफैल, डॉ. तेजपाल, राजू कुमार, विजेंद्र सिंह, सुरेश राणा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन