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सरकार के काम में बाल मजदूर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:44 AM IST
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Child labor
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली/चौसाना। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल श्रम कानून सहित और भी कानून क्यों न बना लें, लेकिन देश में अभी भी बाल श्रम जैसा अपराध जारी है। स्थिति वहां अधिक चिंताजनक हो जाती है, जहां सरकारी कार्य में मजदूरी पर बालकों को लगा दिया जाता है। शामली के झिंझाना क्षेत्र के खोड़समा में बिजलीघर निर्माण में बाल श्रम की तस्वीर देखने को मिली है।
चौसाना क्षेत्र के गांवों में बिजली की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने क्षेत्र के गांव खोड़समा में 33/11 केवी बिजलीघर का निर्माण कराने के निर्देश दिए थे।
इस विद्युत बिजलीघर के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। बिजलीघर निर्माण में बाल श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खोड़समा गांव में बन रहे बिजलीघर में कई बाल मजदूरों को नींव खोदने पर लगाया गया है। बताया जाता है कि इनके नाम मुनव्वर पुत्र इसलाम, नाजिम पुत्र मुसतकिम, नईम पुत्र काला निवासी कुंडा कला जिला सहारनपुर हैं। जिन हाथों में किताबें और पैन होना चाहिए था, उन नाबालिगों के हाथों में फावडे़ देखने को मिल रहे हैं।
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बाल मजदूरी कराना कानून के विरुद्ध है, जो भी इस कार्य को करा रहा है जांच कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - अवधेश कुमार, एसडीएम ऊन
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चौसाना क्षेत्र के गांवों में बिजली की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने क्षेत्र के गांव खोड़समा में 33/11 केवी बिजलीघर का निर्माण कराने के निर्देश दिए थे।
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इस विद्युत बिजलीघर के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। बिजलीघर निर्माण में बाल श्रम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खोड़समा गांव में बन रहे बिजलीघर में कई बाल मजदूरों को नींव खोदने पर लगाया गया है। बताया जाता है कि इनके नाम मुनव्वर पुत्र इसलाम, नाजिम पुत्र मुसतकिम, नईम पुत्र काला निवासी कुंडा कला जिला सहारनपुर हैं। जिन हाथों में किताबें और पैन होना चाहिए था, उन नाबालिगों के हाथों में फावडे़ देखने को मिल रहे हैं।
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बाल मजदूरी कराना कानून के विरुद्ध है, जो भी इस कार्य को करा रहा है जांच कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - अवधेश कुमार, एसडीएम ऊन