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Shamli News: बदलता मौसम कर रहा बीमार, जिला अस्पताल की ओपीडी 400 पार
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जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लगी लाइन । संवाद
शामली। मौसम में बार-बार बदलाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। वायरल बुखार के साथ गले में खराश, सांस की नली में सूजन और फेफड़ों में संक्रमण के केस सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में रोजाना करीब 450 से ज्यादा मरीज बुखार, नजला, खांसी के आ रहे हैं। चिकित्सक दवा देने के साथ ही इस मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी बूंदाबांदी तो कभी बारिश से मौसम ठंडा हो जाता है तो फिर धूप निकलने से गर्म हो रहा है। तापमान के उतार चढ़ाव के चलते वायरल संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस बार वायरल बुखार के साथ सांस की नली में सूजन, गले में खराश और फेफड़ों में संक्रमण को बढ़ा रहा है, जिससे मरीज को ठीक होने से एक सप्ताह से ज्यादा समय लग रहा है।
जिला अस्पताल के डॉ. समद अली ने बताया कि वायरल बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, गले में खराश और फेफड़ों में संक्रमण के केस आ रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम में बार-बार बदलाव के कारण यह समस्या बन रही है। इस मौसम में लोगों को खानपान में सावधानी और मौसम के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए। शरीर पर पसीना आए तो उसे पहले सुखाना चाहिए। इसके बाद ही पानी पीना चाहिए। ज्यादा ठंडी खट्टी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। गले में खराश या खांसी है तो गुनगुना पानी पीना चाहिए। कोई भी समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं। सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।
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इस तरह के केस आ रहे
मोहल्ला दयानंद नगर निवासी सविता ने बताया कि उसे वायरल बुखार आया था। बुखार तो ठीक हो गया, लेकिन सांस लेने में दिक्कत होती है। डाक्टर ने वायरल संक्रमण की वजह से सांस की नली में सूजन आना बताया है।
चरण सिंह कालोनी निवासी ओमपाल ने बताया कि उसे एक सप्ताह पहले बुखार आया था। खांसी के साथ सीने में दर्द होता है। चिकित्सक ने फेफड़ों में संक्रमण के कारण यह समस्या बनी है। तीन-चार दिन दवा खाने से ठीक होना बताया है।
माजरा रोड निवासी राकेश ने बताया कि आठ दिन पहले बुखार आया था। बुखार ठीक हो गया, लेकिन गले में खराश व दुखन रहती है। डाक्टर ने दवा दी है।
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जिले में मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी बूंदाबांदी तो कभी बारिश से मौसम ठंडा हो जाता है तो फिर धूप निकलने से गर्म हो रहा है। तापमान के उतार चढ़ाव के चलते वायरल संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस बार वायरल बुखार के साथ सांस की नली में सूजन, गले में खराश और फेफड़ों में संक्रमण को बढ़ा रहा है, जिससे मरीज को ठीक होने से एक सप्ताह से ज्यादा समय लग रहा है।
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जिला अस्पताल के डॉ. समद अली ने बताया कि वायरल बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, गले में खराश और फेफड़ों में संक्रमण के केस आ रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम में बार-बार बदलाव के कारण यह समस्या बन रही है। इस मौसम में लोगों को खानपान में सावधानी और मौसम के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए। शरीर पर पसीना आए तो उसे पहले सुखाना चाहिए। इसके बाद ही पानी पीना चाहिए। ज्यादा ठंडी खट्टी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। गले में खराश या खांसी है तो गुनगुना पानी पीना चाहिए। कोई भी समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं। सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।
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इस तरह के केस आ रहे
मोहल्ला दयानंद नगर निवासी सविता ने बताया कि उसे वायरल बुखार आया था। बुखार तो ठीक हो गया, लेकिन सांस लेने में दिक्कत होती है। डाक्टर ने वायरल संक्रमण की वजह से सांस की नली में सूजन आना बताया है।
चरण सिंह कालोनी निवासी ओमपाल ने बताया कि उसे एक सप्ताह पहले बुखार आया था। खांसी के साथ सीने में दर्द होता है। चिकित्सक ने फेफड़ों में संक्रमण के कारण यह समस्या बनी है। तीन-चार दिन दवा खाने से ठीक होना बताया है।
माजरा रोड निवासी राकेश ने बताया कि आठ दिन पहले बुखार आया था। बुखार ठीक हो गया, लेकिन गले में खराश व दुखन रहती है। डाक्टर ने दवा दी है।