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Shamli News: मौसम में बदलाव बिगाड़ सकता है सेहत, बरतें सावधानी
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- वायरल संक्रमण, टायफायड व मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ने का बना खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में बारिश होने से तापमान में गिरावट आने से मौसम में बदलाव आया है। गर्मी की तरफ बढ़ रहे मौसम अचानक ठंडा होने से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। बारिश के दौरान जलभराव होने से मच्छरजनित बीमारियां होने की आशंका है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
तीन दिन से जिले में बारिश व ठंडी हवा चली है। मंगलवार को बारिश थमने के बाद राहत मिली है। बारिश से पहले मौसम लगातार गर्म होता जा रहा था, लेकिन बारिश के बाद अचानक तापमान में गिरावट आने से मौसम में तेजी से बदलाव आया है। जिले में पहले से ही नजला, जुकाम, खांसी व वायरल बुखार चल रहा है। होली के बाद से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि मौसम बदलने से वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। साथ ही जलभराव होने से मच्छर ज्यादा पैदा होंगे। इससे मच्छरजनित बीमारियां भी बढ़ सकती है। दूषित पानी पीने से टायफायड भी हो सकता है। हृदय, श्वांस और दमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है। इसलिए मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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फिजिशियन डॉ. रविंद्र तोमर का कहना है कि मौसम के अनुसार कपड़े पहने। इस मौसम में लापरवाही न बरते। जरा सी लापरवाही बीमार कर सकती है। सुबह-शाम को ठंड से बचाव करें और मौसम के अनुसार कपड़े पहने।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि मंगलवार को लगभग 605 नए मरीज आए और करीब 300 मरीज पुरानी पर्ची पर उपचार कराने पहुुंचे। ज्यादातर मरीज गले में खराश, नजला, जुकाम, खांसी व वायरल बुखार से संबंधित थे। इसके अलावा हड्डी रोग के मरीज भी आए। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई गई है।
ये बरतें सावधानी
- भीड़ वाले स्थानों पर फेस मास्क लगाएं।
- गले में खराश होने पर हल्दी नमक डालकर गुनगुने पानी के गरारे करें।
- घरों व आसपास पानी इकट्ठा न होने दे।
- दिल, श्वांस, खांसी व दमा के रोगी सुबह-शाम भाप ले और नियमित दवा ले।
- गुनगुना पानी पीयें और हल्का खाना खाएं।
- सुबह-शाम मौसम के अनुसार कपड़े पहने।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में बारिश होने से तापमान में गिरावट आने से मौसम में बदलाव आया है। गर्मी की तरफ बढ़ रहे मौसम अचानक ठंडा होने से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। बारिश के दौरान जलभराव होने से मच्छरजनित बीमारियां होने की आशंका है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
तीन दिन से जिले में बारिश व ठंडी हवा चली है। मंगलवार को बारिश थमने के बाद राहत मिली है। बारिश से पहले मौसम लगातार गर्म होता जा रहा था, लेकिन बारिश के बाद अचानक तापमान में गिरावट आने से मौसम में तेजी से बदलाव आया है। जिले में पहले से ही नजला, जुकाम, खांसी व वायरल बुखार चल रहा है। होली के बाद से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि मौसम बदलने से वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। साथ ही जलभराव होने से मच्छर ज्यादा पैदा होंगे। इससे मच्छरजनित बीमारियां भी बढ़ सकती है। दूषित पानी पीने से टायफायड भी हो सकता है। हृदय, श्वांस और दमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है। इसलिए मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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फिजिशियन डॉ. रविंद्र तोमर का कहना है कि मौसम के अनुसार कपड़े पहने। इस मौसम में लापरवाही न बरते। जरा सी लापरवाही बीमार कर सकती है। सुबह-शाम को ठंड से बचाव करें और मौसम के अनुसार कपड़े पहने।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि मंगलवार को लगभग 605 नए मरीज आए और करीब 300 मरीज पुरानी पर्ची पर उपचार कराने पहुुंचे। ज्यादातर मरीज गले में खराश, नजला, जुकाम, खांसी व वायरल बुखार से संबंधित थे। इसके अलावा हड्डी रोग के मरीज भी आए। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई गई है।
ये बरतें सावधानी
- भीड़ वाले स्थानों पर फेस मास्क लगाएं।
- गले में खराश होने पर हल्दी नमक डालकर गुनगुने पानी के गरारे करें।
- घरों व आसपास पानी इकट्ठा न होने दे।
- दिल, श्वांस, खांसी व दमा के रोगी सुबह-शाम भाप ले और नियमित दवा ले।
- गुनगुना पानी पीयें और हल्का खाना खाएं।
- सुबह-शाम मौसम के अनुसार कपड़े पहने।