फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   CDO and DDO of Shamli suspended

Shamli News: शामली के सीडीओ और डीडीओ निलंबित

Thu, 30 Nov 2023 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Thu, 30 Nov 2023 12:24 AM IST
विज्ञापन
CDO and DDO of Shamli suspended
शामली। सरकारी योजनाओं को गति देने में रुचि नहीं लेने, रिश्वत प्रकरण में कार्रवाई नहीं करने और बैठकों से नदारद रहने पर शासन ने शामली के सीडीओ रंजित सिंह को निलंबित कर दिया। इसके अलावा रिश्वत मांगने के कारण विभाग की छवि धूमिल करने पर डीडीओ रजत यादव को भी निलंबित किया गया है। डीएम की संस्तुति पर दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन

राज्यपाल के आदेश से संयुक्त सचिव प्रहलाद बरनवाल ने देर रात निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश में कहा कि मुख्य विकास अधिकारी शामली में तैनात रंजित सिंह विभागीय कार्यों, योजनाओं को गति देने में कोई रुचि नहीं ले रहे। विभागीय योजनाओं का अनुश्रवण न करने, जिले में समय-समय पर आयोजित होने वाली समीक्षा बैठकें में योजनाओं की प्रगति आख्या से उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराते, मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना निराश्रित गोवंश संरक्षित करने में भी लापरवाही बरती गई। इसके अलावा भारत संकल्प यात्रा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा बैठकों से नदारद रहते हैं।
विज्ञापन

यही नहीं, जिला विकास अधिकारी रजत यादव और उनके लिपिक द्वारा रिश्वत प्रकरण में भी सीडीओ ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। जिला विकास अधिकारी कई दिन तक नदारद रहे। जिलाधिकारी को कई मामलों में मांगने के बावजूद भी स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराया गया। शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतने के कारण जिले के विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई नहीं करने पर विभाग की छवि भी धूमिल हुई। आदेश में कहा कि मुख्य विकास अधिकारी को उत्तर प्रदेश सेवक नियमावली 1999 के नियम 4 के अंतर्गत निलंबित किया जाता है। निलंबन की अवधि में वह लखनऊ में अयुक्त ग्राम्य विकास लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा जिला विकास अधिकारी के पद पर तैनात रजत यादव द्वारा शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार से उनके बोलेरो गाड़ी के बकाया किराया भुगतान हेतु कनिष्ठ लिपिक अक्षय कुमार के माध्यम से रिश्वत मांगने का मामला शामली कोतवाली में दर्ज किया गया था। जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई। पद का दुरुपयोग जिला विकास अधिकारी ने किया। जिला विकास अधिकारी को भी निलंबित करने के आदेश दिए गए। प्रभारी डीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सीडीओ और डीडीओ के निलंबन का आदेश मिल गया है।

1 अक्तूबर को लिपिक को 30 हजार की रिश्वत के साथ पकड़ा था
विकास भवन स्थित डीडीओ कार्यालय के लिपिक को सहारनपुर एंटी करप्शन टीम ने 1 अक्तूबर को रंगेहाथ तीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। पीड़ित के बयान व रिकॉर्डिंग के आधार पर डीडीओ का नाम भी इस मामले में शामिल कर जांच शुरू कर दी है। लापरवाही के साथ-साथ रिश्वत प्रकरण भी डीडीओ और सीडीओ पर गाज गिरने का प्रमुख कारण बने। डीडीओ के कारण जहां विभाग की छवि धूमिल हुई वहीं सीडीओ ने इस मामले में कार्रवाई नहीं करते हुए डीडीओ को बचाने का प्रयास किया।


जिलाधिकारी के यहां शिकायतों का था अंबार
सीडीओ की आए दिन जिलाधिकारी के यहां पर लोग शिकायत कर रहे थे। जिसके कारण डीएम ने रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी थी। पिछले दिनों ब्लॉक प्रमुखों ने भी सीडीओ पर आरोप लगाए थे। पूर्व में शिकायतों के कारण ही सीडीओ रंजित सिंह का बागपत से लखनऊ ट्रांसफर किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed