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कैश नहीं होने पर बैंक में हंगामा

Thu, 15 Dec 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Thu, 15 Dec 2016 12:04 AM IST
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Cash in the bank is not an uproar
public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कांधला।  केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद बैंकों के बाहर भीड़ कम नहीं हो रही है। बुधवार को कैश न होने के कारण उपभोक्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ हंगामा किया।   
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नोटबंदी के एक माह से ज्यादा बीत जाने के बाद भी बैंकों के बाहर भीड़ कम होने का नाम नहीं है। बुधवार को भी सुबह से ही बैंक के बाहर भारी भीड़ नजर आई। पीएनबी और एसबीआई में उपभोक्ताओं को केवल दो हजार रुपये कैश मिलने के कारण गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि बैंककर्मी अपनी मनमानी से लोगों को पैसा दे रहे हैं। 
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एसबीआई पर मौजूद उपभोक्ता अकरम बाबा ने बताया कि उसके परिवार में तीन लोग बीमार हंै दवाई को पैसा नहीं है। तीन माह का बच्चा गोद में लिए लाइन में लगी जिड़ाना निवासी रेशमा ने बताया सुबह 8 बजे से लाइन में है, लेकिन बैंक कर्मी पैसा देने को तैयार नहीं हैं। 
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मोबीना ने बताया कि उसके घर में 25 दिसंबर की शादी है प्रधानमंत्री ने ढाई लाख देने की बात की है, लेकिन उन्हें ढाई रुपये नहीं मिल रहे हैं। पीएनबी के बाहर भी लाइनों में लगे लोगों को पैसा न मिलने के कारण धक्का मुक्की के साथ कई लोगों की आपस मे मारपीट भी हुई, लेकिन दोपहर के बाद लाइनों में लगे लोगों को पैसा न होने की बात कहकर वहां से हटने के लिए पुलिस ने कहा तो लोग भड़क उठे। रालोद नेता डाक्टर विक्रांत जावला ने उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनी और लोगों बैंक मैनेजर से बात करते हुए लोगों को शांत किया। 

55 हजार 508 उपभोक्ताओं ने जमा कराए बिल
शामली। पांच सौ रुपये बिजली बिल में जमा कराने का बृहस्पतिवार को आखिरी दिन है। नोट बंदी के बाद बिजली बिल में पांच सौ, एक हजार रुपये के नोट स्वीकार किए जाने से 11 नवंबर के बाद जबरदस्त बिजली बिल की वसूली गई। बिजली बिल बीस लाख से लेकर एक करोड़ तक की प्रतिदिन बिजली विभाग की वसूली हुई थी।


24 नवंबर तक एक हजार रुपये के नोट बिजली बिल में बंद किए जाने और सिर्फ पांच सौ रुपये के नोट बिजली बिल में जमा करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर घोषित की गई थी। 14 दिसंबर तक बिजली बिल में 18 करोड़ 58 लाख रुपये की वसूली हो पाई है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि 14 दिसंबर तक 55 हजार 508 उपभोक्ताओं ने बिजली बिल के बकाया के रूप में 18 करोड़ 58 लाख रुपये जमा कराए हैं। नलकूपों की एक मुश्त समाधान योजना में 577 उपभोक्ताओं ने 78 लाख रुपये जमा किए हैं। योजना 31 तक लागू रहेगी।
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