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महिलाओं द्वारा कीटनाशक पीने का मामला : ससुराल वालों ने घर से निकाला, परिजनों ने भी किया किनारा

Sat, 05 Mar 2022 12:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 12:50 AM IST
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Case of women drinking insecticide: In-laws evicted from the house, relatives also shunned
शामली सीओ कार्यालय परिसर में कीटनाशक पीने के बाद बिगड़ी महिलाओं का हालत। - फोटो : SHAMLI
महिलाओं द्वारा कीटनाशक पीने का मामला : ससुराल वालों ने घर से निकाला, परिजनों ने भी किया किनारा
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शामली। सीओ सिटी कार्यालय पर जान देने की कोशिश करने वाली महिलाओं ने पुलिस और सीओ सिटी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एसपी लिखे पत्र में इन्होंने पुलिस पर अवैध हिरासत में रखने, बाद में झूठे मुकदमे में जेल भेजने, अवैध वसूली का दबाव बनाने, महिला थाने में निर्वस्त्र रखकर मारपीट करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। साथ ही लिखा है कि एक महीना जेल में रहने के बाद पति व ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया। परिजनों ने भी मुंह मोड़ लिया। अब इस जीवन को जीने का कोई मतलब नहीं रह गया। इस जीवन से मृत्यु ही अच्छी है।
शुक्रवार को शाम करीब तीन बजे सीओ सिटी कार्यालय पर पहुंचकर दो महिलाओं व एक युवती ने हंगामा किया और उसके बाद मच्छर मारने वाला कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर तीनों फर्श पर गिर गई। यह देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। महिला थाना और कोतवाली पुलिस ने तीनों को आनन फानन में सीएचसी में भर्ती कराया। सीओ थानाभवन बिजेंद्र सिंह भड़ाना ने सीएचसी पहुंचकर पीड़ित पक्ष से जानकारी ली। इस दौरान सीओ व परिजनों के बीच नोंकझोंक भी हुई। महिलाओं ने एसपी के नाम लिखे पत्र में आरोप लगाया कि पोल खुलने के डर से उनका शारीरिक परीक्षण भी नहीं कराया गया और जबरदस्ती उनके अंगूठे लगवा लिए और पांच जनवरी को जेल भेज दिया। सीओ सिटी श्रेष्ठा ठाकुर ने बताया कि घटना के समय वे कार्यालय में मौजूद नहीं थी। सीओ ने बताया कि तीनों के विरुद्ध पूर्व मेें एक मुकदमा दर्ज हुआ था। उस मुकदमे में पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई है। महिलाओं द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार है।
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एएसपी को सौंपी प्रकरण की जांच
शामली। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि उपचार के बाद तीनों की हालत सामान्य बताई गई है और उन्हें घर भेज दिया गया है। एसपी ने बताया चार जनवरी को कोतवाली पुलिस द्वारा स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार होने की सूचना पर छापा मारकर छह महिलाएं और एक पुरुष को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें ये तीनों भी शामिल थी। पूरे प्रकरण की जांच एएसपी ओपी सिंह को सौंपी गई है। साक्ष्य के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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स्पा सेंटर संचालिका ने एसपी से की थी शिकायत
स्पा सेंटर संचालिका ने एसपी को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि तीन जनवरी को सीओ सिटी श्रेष्ठा ठाकुर ने पुलिसकर्मियों के साथ उनके सेंटर पर आकर तलाशी ली थी। संचालिका का आरोप है कि तलाशी के दौरान पुलिस को कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली थी। गल्ले में रखे 37 हजार रुपये पुलिस ने निकाले थे। संचालिका का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि एफआईआर में उसे भी फरार दिखाया गया है जबकि उस समय वह वहीं मौजूद थी। संचालिका ने एसपी से जांच कराकर न्याय की मांग की है। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि स्पा सेंटर की संचालिका की तरफ से दो-तीन दिन पहले एक शिकायती पत्र मिला है। एएसपी ओपी सिंह को जांच दी गई है।
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