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वीर सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
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वीर सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
शामली। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल शामली में महान स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को वीर सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेकर देश सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।
शनिवार को स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य संजय सैनी, आचार्य रविंद्र कुमार ने वीर सावरकर के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन किया। आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि स्वाधीनता का शंख फूंकने वाले वीर सावरकर पर अंग्रेजों ने अनेक अत्याचार किए। उन्होंने जेल में रहकर हिंदुत्व नाम की पुस्तक लिखी। जेल में लिखने की सामग्री न मिलने पर उन्होंने अपने नाखून बढ़ाएं और जेल की दीवारों पर अपने नाखूनों से लिखकर कैदियों को अलग-अलग अध्याय रटवा दिए। ऐसी यातनाएं सहन करने पर भी उन्होंने देश की सेवा करने का प्रण नहीं छोड़ा।
प्रधानाचार्य संजय सैनी ने विद्यार्थियों को बताया कि हमारे देश में अनेक क्रांतिकारी पैदा हुए हैं। वीर सावरकर उनमें से एक हैं, जिन्होंने अपने परिवार और अपनी चिंता न करके देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। हम सभी को वीर सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेकर संकल्प लेना चाहिए। हमें अपने देश, अपने समाज, अपने धर्म के विषय में सोचना चाहिए। इस अवसर पर आचार्य प्रवेश शर्मा, सुधीर सैनी, आशीष जैन, शिवकुमार धीमान, करुणकांत शर्मा, आदेश धीमान, रामकुमार, मांगेराम शर्मा, राजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।
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शामली। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल शामली में महान स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को वीर सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेकर देश सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।
शनिवार को स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य संजय सैनी, आचार्य रविंद्र कुमार ने वीर सावरकर के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन किया। आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि स्वाधीनता का शंख फूंकने वाले वीर सावरकर पर अंग्रेजों ने अनेक अत्याचार किए। उन्होंने जेल में रहकर हिंदुत्व नाम की पुस्तक लिखी। जेल में लिखने की सामग्री न मिलने पर उन्होंने अपने नाखून बढ़ाएं और जेल की दीवारों पर अपने नाखूनों से लिखकर कैदियों को अलग-अलग अध्याय रटवा दिए। ऐसी यातनाएं सहन करने पर भी उन्होंने देश की सेवा करने का प्रण नहीं छोड़ा।
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प्रधानाचार्य संजय सैनी ने विद्यार्थियों को बताया कि हमारे देश में अनेक क्रांतिकारी पैदा हुए हैं। वीर सावरकर उनमें से एक हैं, जिन्होंने अपने परिवार और अपनी चिंता न करके देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। हम सभी को वीर सावरकर के जीवन से प्रेरणा लेकर संकल्प लेना चाहिए। हमें अपने देश, अपने समाज, अपने धर्म के विषय में सोचना चाहिए। इस अवसर पर आचार्य प्रवेश शर्मा, सुधीर सैनी, आशीष जैन, शिवकुमार धीमान, करुणकांत शर्मा, आदेश धीमान, रामकुमार, मांगेराम शर्मा, राजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।
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