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चीन के उत्पादों का बहिष्कार कर कड़ा सबक सिखाएं देशवासी

Mon, 22 Jun 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2020 12:06 AM IST
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Boycott Chinese products and teach strong lessons
शामली। भारत-चीन सीमा पर हाल में हुई हिंसक झड़पें और बढ़ते तनाव को लेकर पूर्व सैनिकों में चीन के खिलाफ गुस्सा है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार तो इस मुद्दे पर अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन देशवासी भी चीन के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होकर चीन के बने सामान का बहिष्कार कर उसे ऐसा कड़ा सबक सिखाएं कि वह दोबारा इस तरह की कायराना हरकत करने के बारे में सोच भी न सकें।
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दगाबाज चीन से संबंध खत्म करें
चीन धोखेबाज देश है। 1962 में भी उसने धोखा किया था और इस बार भी भारतीय सैनिकों पर धोखे से वार किया है। ऐसे दगाबाज देश से किसी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए। देशवासी भी चीन को कड़ा सबक सिखाने के लिए चीन निर्मित सामान का बहिष्कार करें और उनका इस्तेमाल न करें।
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- बिजेंद्र सिह नायक, कसेरवा कलां।
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धोखेबाज चीन को सबक सिखाना जरूरी
चीन कहता कुछ है और करता कुछ और है। ऐसे देश पर यकीन नहीं किया जा सकता। ऐसे धोखेबाज को सबक सिखाना जरूरी है। सरकार तो अपने स्तर पर जो भी कार्रवाई इस मुद्दे को लेकर कर रही है, वह सही ही होगी, लेकिन देश के नागरिक होने का फर्ज निभाते हुए सभी लोग एकजुट होकर चीन के सामान का बहिष्कार कर चीन को आर्थिक रूप से कमजोर बनाएं।
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- मोहर अली, सूबेदार बनत।
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अपने स्तर पर कड़े फैसले ले सरकार
सीमा पर चीन ने तनाव बढ़ाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है, लेकिन अब उसे समझना चाहिए कि भारत 1962 जैसा नहीं है। आज भारत की गिनती शक्तिशाली देशों में होती है। भारतीय सैनिकों का मनोबल ऊंचा है और वह हर परिस्थिति में मुंह तोड़ जवाब देने को तैयार हैं। सरकार अपने स्तर पर कड़े फैसले ले। देश के नागरिक भी चीन निर्मित उत्पादों का बहिष्कार कर चीन को आर्थिक रूप से इतना कमजोर कर दें कि वह दोबारा इस तरह की कायराना हरकत करने के बारे में सोच भी न सके।

- आनंद मलिक, हवलदार लिसाढ़।
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चीन से बदला ले सरकार, यहीं शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि
एक छद्म, झूठे और विस्तारवादी देश चीन पर हम विश्वास कर धोखा खाते रहे। अब चीन का ये फरेब चलने वाला नहीं है। हाल ही में सीमा पर हिंसक झड़पों में सेना के बहादुर ऑफिसरों सहित 20 जवान शहीद हुए हैं, जो देश की एक बड़ी हानि है। देशवासियों की उम्मीद अब सरकार के आगामी कदम पर टिकी है। शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम इसका बदला लें और चीन को ऐसा सबक सिखाएं कि वह दोबारा इस तरह की हरकत करने की सोच भी न सके।
- कैप्टन लोकेंद्र सिंह, प्राचार्य आरके इंटर कालेज शामली।
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