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Shamli News: पेट्रोल पंप और इंजीनियरों के खातों से सफेद हो रहा था काला धन

Tue, 04 Aug 2026 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 04 Aug 2026 01:17 AM IST
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Black money was being laundered through the accounts of petrol pumps and engineers.
शामली। साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए ठगों ने नया नेटवर्क तैयार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम पेट्रोल पंप संचालकों, कर्मचारियों और विभिन्न कंपनियों में कार्यरत इंजीनियरों के खातों में भेजी जाती है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति तीन प्रतिशत तक कमीशन लेकर नकदी निकालकर गिरोह तक पहुंचा रहे हैं।
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30 जुलाई को निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ। गिरफ्तार यमुनानगर निवासी साकिब और गौतमबुद्धनगर निवासी करण से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि गिरोह ने दिल्ली के करोलबाग और शाहदरा, वेस्ट यूपी के शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, हरियाणा के गुरुग्राम, करनाल और सोनीपत, बिहार के पटना तथा असम सहित कई राज्यों में नेटवर्क तैयार किया। इन स्थानों पर पेट्रोल पंप संचालकों, कर्मचारियों और निजी कंपनियों में कार्यरत इंजीनियरों के खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम निकालने के लिए किया जा रहा है। जांच में शामली के एक पेट्रोल पंप कर्मचारी के खातों में भी रुपये भेजने का खुलासा हुआ।
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पुलिस के अनुसार आरोपी 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक संबंधित खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करते। इसके बाद तीन प्रतिशत कमीशन देकर रुपया ले लिया जाता। बड़ी रकम बैंक से और छोटी रकम एटीएम के माध्यम से निकाली जा रही है।
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पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यूपी, बिहार, हरियाणा, दिल्ली के 30 से अधिक पेट्रोल पंप संचालक, कर्मचारी और इंजीनियर जांच के दायरे में हैं। उनके बैंक खातों की जांच कराई जा रही है। एसपी के अनुसार रसूखदार लोग भी इसमें शामिल है। संवाद

योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर खुलवाए खाते
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को प्रधानमंत्री आवास, श्रमिक और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करता था। इन्हीं दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था। इसके अलावा दिल्ली और पटना के छह लोगों के खाते हर माह 10 हजार रुपये किराए पर लेकर भी इस्तेमाल किए जा रहे थे। अब तक 15 खातों में दो करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चल चुका है।


हर महीने दर्ज हो रहे चार से पांच मामले
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़े हैं। हर महीने चार से पांच प्राथमिकी दर्ज हो रही है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या निवेश के झांसे में न आएं। ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत करें।
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