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भाजपा सांसद के आवास में दिखा मजहबी सौहार्द
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:50 AM IST
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शामली के कैराना से जिले की राजनीति में अहम किरदार निभाने वाले कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह के मुद्दे पर अनगिनत सवाल और जवाब उठ रहे हैं। पलायन का मुद्दा चाहे कितना भी गर्म हो गया हो, लेकिन सांसद के आशियाने में मजहबी सौहार्द दिखता है। कई मुस्लिम उनके फार्म हाउस में नमाज पढ़ते मिले तो कुछ घर का कामकाज करते नजर आए।
सांसद हुकुम सिंह के फार्म हाउस पर अमर उजाला की टीम पहुंची तो वहां मजहबी सौहार्द नजर आया। अतिथियों के सेवा सत्कार में मुसलिम जुटे थे। खेतीबाड़ी की देखरेख में भी हिंदुओं के साथ मुस्लिम काम करते हैं। आशियाने में ही नमाज अदा होती है और रोजा खुलता है। माजरा गांव के मुनफेद से नमाज के बाद बात हुई। हिंदुओं के कैराना छोड़ने के सवाल पर मुनफेद ने कहा कि यह सब राजनीतिक बातें हैं। हम वर्षों से यहां काम कर रहे हैं। हिंदू और मुस्लिम मिलकर त्यौहार मनाते हैं।
सूबे की सियासत में हुकुम सिंह की गिनती कद्दावर नेताओं में होती है। हालांकि उनकी मुजफ्फरनगर के गांधी कालोनी में कोठी है, मगर खेतीबाड़ी और पैतृक भूमि वहीं है। गुर्जर समाज की कलस्यान खाप की चौधराहट भी उन्हीं के परिवार पर है। लंबे सियासी कैरियर में हिंदुओं के कैराना छोड़ने का मुद्दा उठाकर हुकुम सिंह ने पूरे देश की निगाहें खींच ली हैं। कभी लोकदल और कांग्रेस में रह चुके सिंह वर्तमान में पश्चिम में भाजपा का सबसे बड़ा पिछड़ा चेहरा हैं। यही वजह है कि उनके द्वारा उठाए गए कैराना के सच को भाजपा नेतृत्व ने हाथों हाथ लिया।
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सांसद हुकुम सिंह के फार्म हाउस पर अमर उजाला की टीम पहुंची तो वहां मजहबी सौहार्द नजर आया। अतिथियों के सेवा सत्कार में मुसलिम जुटे थे। खेतीबाड़ी की देखरेख में भी हिंदुओं के साथ मुस्लिम काम करते हैं। आशियाने में ही नमाज अदा होती है और रोजा खुलता है। माजरा गांव के मुनफेद से नमाज के बाद बात हुई। हिंदुओं के कैराना छोड़ने के सवाल पर मुनफेद ने कहा कि यह सब राजनीतिक बातें हैं। हम वर्षों से यहां काम कर रहे हैं। हिंदू और मुस्लिम मिलकर त्यौहार मनाते हैं।
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सूबे की सियासत में हुकुम सिंह की गिनती कद्दावर नेताओं में होती है। हालांकि उनकी मुजफ्फरनगर के गांधी कालोनी में कोठी है, मगर खेतीबाड़ी और पैतृक भूमि वहीं है। गुर्जर समाज की कलस्यान खाप की चौधराहट भी उन्हीं के परिवार पर है। लंबे सियासी कैरियर में हिंदुओं के कैराना छोड़ने का मुद्दा उठाकर हुकुम सिंह ने पूरे देश की निगाहें खींच ली हैं। कभी लोकदल और कांग्रेस में रह चुके सिंह वर्तमान में पश्चिम में भाजपा का सबसे बड़ा पिछड़ा चेहरा हैं। यही वजह है कि उनके द्वारा उठाए गए कैराना के सच को भाजपा नेतृत्व ने हाथों हाथ लिया।
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