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‘भक्ति में बाधा है अभिमान’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Feb 2017 12:03 AM IST
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जलालाबाद में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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जलालाबाद। प्राचीन सिद्द पीठ दुर्गा देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में आचार्य वेद प्रकाश शुक्ल ने कहा कि भगवान की भक्ति में सबसे बड़ी बाधा अभिमान है।
भगवान की दी हुई वस्तुओं में से ही मनुष्य दान देता है और कहता है कि मैने बहुत दान दिया है, परंतु मैं का अभिमान जब तक हमारे अंदर है, हम न दान करते हैं और न भगवान की भक्ति कर सकते है।
उन्होंने महाराज बलि-शुक्राचार्य, शुकदेव मुनि के चरित्रों को बहुत ही सरल भाव से व्याख्यान किया। बताया कि भगवान पृथ्वी पर अलग-अलग रूप धारण कर मानव का उद्धार करते हैं। मानव अभिमान दूर कर सात्विक भाव को धारण कर भगवान की पूजा भक्ति करे। चंद्रमोहन शास्त्री ने हवन कराया। जिसमें यजमान देवेंद्र शर्मा रहे।
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इस दौरान सुभाषचंद्र शर्मा, ब्रजमोहन, भूषण लाल, देवेंद्र शर्मा, ममता शर्मा, मंजू रानी, इंदू आहूजा, बबिता, योगेश देवी, शालिनी, वंदना, राखी, पूनम, ओम प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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भगवान की दी हुई वस्तुओं में से ही मनुष्य दान देता है और कहता है कि मैने बहुत दान दिया है, परंतु मैं का अभिमान जब तक हमारे अंदर है, हम न दान करते हैं और न भगवान की भक्ति कर सकते है।
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उन्होंने महाराज बलि-शुक्राचार्य, शुकदेव मुनि के चरित्रों को बहुत ही सरल भाव से व्याख्यान किया। बताया कि भगवान पृथ्वी पर अलग-अलग रूप धारण कर मानव का उद्धार करते हैं। मानव अभिमान दूर कर सात्विक भाव को धारण कर भगवान की पूजा भक्ति करे। चंद्रमोहन शास्त्री ने हवन कराया। जिसमें यजमान देवेंद्र शर्मा रहे।
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इस दौरान सुभाषचंद्र शर्मा, ब्रजमोहन, भूषण लाल, देवेंद्र शर्मा, ममता शर्मा, मंजू रानी, इंदू आहूजा, बबिता, योगेश देवी, शालिनी, वंदना, राखी, पूनम, ओम प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।