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Shamli News: भाज्जू में दोनों युवकों के शव रखकर मार्ग पर लगाया जाम
Sun, 04 Feb 2024 01:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 04 Feb 2024 01:49 AM IST
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शामली-भौराकलां मार्ग पर जाम लगाते ग्रामीण सौजन्य : सोशल मीडिया
बाबरी (शामली)। क्षेत्र के गांव भाज्जू निवासी दो युवकों की भौराकलां थानाक्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचे दोनों शव को शामली-भौराकलां मार्ग पर रखकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया और आर्थिक सहायता की मांग की। ग्रामीणों ने एसडीएम बुढ़ाना को मांग पत्र सौंपा। एसडीएम ने ग्रामीणों को पीड़ित परिजनों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
गांव भाज्जू निवासी अमित और प्रमोद शुक्रवार रात को बाइक पर किसी काम से भौराकलां जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। शनिवार दोपहर को मुजफ्फरनगर से पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने दोनों युवकों के शव गांव में शामली-भौराकलां मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एसडीएम बुढ़ाना, थाना बाबरी व भौराकलां पुलिस गांव में पहुंची। ग्रामीणों ने एसडीएम बुढ़ाना को मांग पत्र देकर दोनों के परिवार के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने, सड़क दुर्घटना में पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने, सरकारी आवास, मुख्यमंत्री राहत कोष से वित्तीय सहायता देने, विधवा पेंशन का लाभ देने, कृषि योग्य पट्टा आवंटित करने, राष्ट्रीय पारिवारिक बीमा लाभ योजना, अंत्योदय राशन कार्ड बनाने, आयुष्मान कार्ड बनाने आदि मांगें की गई। एसडीएम ने पीड़ितों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खोल दिया।
तीन बहनों का इकलौता भाई था अमित
बाबरी। गांव भाज्जू निवासी अमित राजमिस्त्री का कार्य करता था। उसके पिता की कई साल पहले मौत हो गई थी। उसके तीन छोटी बहन है। अमित की मार्च में शादी होनी तय थी। घर में कमाने वाला वहीं था। युवक की मौत होने से मां मेमकला व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल बना रहा। दूसरा युवक प्रमोद मजदूरी करता था। तीन पुत्री के बाद एक फरवरी को उसकी पत्नी ने पुत्र को जन्म दिया है। वहीं मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था। उसकी मौत होने पर पत्नी व अन्य परिजनों में कोहराम मचा है।
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गांव भाज्जू निवासी अमित और प्रमोद शुक्रवार रात को बाइक पर किसी काम से भौराकलां जा रहे थे। रास्ते में सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। शनिवार दोपहर को मुजफ्फरनगर से पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने दोनों युवकों के शव गांव में शामली-भौराकलां मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एसडीएम बुढ़ाना, थाना बाबरी व भौराकलां पुलिस गांव में पहुंची। ग्रामीणों ने एसडीएम बुढ़ाना को मांग पत्र देकर दोनों के परिवार के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने, सड़क दुर्घटना में पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने, सरकारी आवास, मुख्यमंत्री राहत कोष से वित्तीय सहायता देने, विधवा पेंशन का लाभ देने, कृषि योग्य पट्टा आवंटित करने, राष्ट्रीय पारिवारिक बीमा लाभ योजना, अंत्योदय राशन कार्ड बनाने, आयुष्मान कार्ड बनाने आदि मांगें की गई। एसडीएम ने पीड़ितों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खोल दिया।
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तीन बहनों का इकलौता भाई था अमित
बाबरी। गांव भाज्जू निवासी अमित राजमिस्त्री का कार्य करता था। उसके पिता की कई साल पहले मौत हो गई थी। उसके तीन छोटी बहन है। अमित की मार्च में शादी होनी तय थी। घर में कमाने वाला वहीं था। युवक की मौत होने से मां मेमकला व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल बना रहा। दूसरा युवक प्रमोद मजदूरी करता था। तीन पुत्री के बाद एक फरवरी को उसकी पत्नी ने पुत्र को जन्म दिया है। वहीं मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था। उसकी मौत होने पर पत्नी व अन्य परिजनों में कोहराम मचा है।
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