{"_id":"61fd738ab20d4f37561c7458","slug":"beam-fell-while-repairing-harijan-choupal-shamli-news-mrt575830336","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिजन चौपाल की मरम्मत करते समय बीम गिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिजन चौपाल की मरम्मत करते समय बीम गिरा
विज्ञापन
Beam fell while repairing Harijan Choupal
- फोटो : SHAMLI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़ीपुख्ता। क्षेत्र के गांव राझड़ में गन्ना मंत्री सुरेश राणा की विधायक निधि से हरिजन चौपाल पर लिंटर डाले जाने से पहले बीम गिर गया। निर्माण कार्य में जुटे मजदूर बाल-बाल बचे। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
गांव राझड़ में हरिजन चौपाल में मरम्मत और लिंटर का कार्य किया जा रहा था। शुक्रवार सुबह मजदूर दीवार पर निर्माण कार्य कर रहे थे। तभी बीम गिर गया। हादसे में मजदूर बाल-बाल बचे। चौपाल पर घटिया सामग्री लगने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
मौके पर लोकेश कुमार, राजेंद्र, उदयवीर देशवाल, राजीव, संजीव, रामवीर सिंह, हरि सिंह, पवन सिंह, धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे है। ग्राम प्रधान के पति सुनील कुमार का कहना है गन्ना मंत्री सुरेश राणा के कहने पर हरिजन चौपाल का प्रस्ताव भेजा गया था। गांव में इस कार्य की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। आरईएस के एक्सईएन जवाहर सिंह ने बताया कि चौपाल वर्षों पुरानी है। इसकी छत पर लिंटर डालने के लिए पैसा मिला था। ग्रामीणों के विरोध के चलते पुराने आर्च तोड़ने पड़ा। जिसके लिए पहले बीम को भी तोड़ा गया। कोई बीम नहीं गिरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव राझड़ में हरिजन चौपाल में मरम्मत और लिंटर का कार्य किया जा रहा था। शुक्रवार सुबह मजदूर दीवार पर निर्माण कार्य कर रहे थे। तभी बीम गिर गया। हादसे में मजदूर बाल-बाल बचे। चौपाल पर घटिया सामग्री लगने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
मौके पर लोकेश कुमार, राजेंद्र, उदयवीर देशवाल, राजीव, संजीव, रामवीर सिंह, हरि सिंह, पवन सिंह, धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे है। ग्राम प्रधान के पति सुनील कुमार का कहना है गन्ना मंत्री सुरेश राणा के कहने पर हरिजन चौपाल का प्रस्ताव भेजा गया था। गांव में इस कार्य की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। आरईएस के एक्सईएन जवाहर सिंह ने बताया कि चौपाल वर्षों पुरानी है। इसकी छत पर लिंटर डालने के लिए पैसा मिला था। ग्रामीणों के विरोध के चलते पुराने आर्च तोड़ने पड़ा। जिसके लिए पहले बीम को भी तोड़ा गया। कोई बीम नहीं गिरा है।
विज्ञापन