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बैंकों में कम नहीं हुई कतार, कैश के लिए रहे लाचार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:19 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली/थानाभवन/झिंझाना। बैंकों में नगदी पाने के लिए शुक्रवार को भी मारामारी रही। कैश के लिए लोग कतारों में जूझते रहे। दिनभर हंगामे हुए। कांधला कैराना के अलावा थानाभवन, झिंझाना, चौसाना, बाबरी से लेकर अन्य जगहांे पर बैंक अफसरों और कर्मचारियों पर मनमानी के आरोप लगाए गए।
थानाभवन में अधिकतर उपभोक्ताआें ने आरोप लगाया कि बैंक में कैश होने के बावजूद लोगों को नोट नहीं दिए जा रहे हैं। कैश देने में बैंक स्टाफ मनमानी कर रहा है। नगर के यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स, भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नैशनल बैंक पर नोट बदलवाने की प्रक्रिया बंद होने के बावजूद नगदी लेने वालों की कतारें सुबह से ही लग गईं। सबसे ज्यादा भीड़ यूनियन बैंक पर रही।
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि पंजाब नैशनल बैंक, ओबीसी और भारतीय स्टेट बैंक में तो कुछ नकदी वितरित की गई। लेकिन 24000 रुपये की जगह दूसरा वाउचर भरवाकर पांच से दस हजार रुपये ही दिए गए। कतारों में लगे लोगों बिजेंद्र सिंह, रणवीर सिंह, अमित चौधरी, जयपाल, कृष्णकुमार आदि ने आरोप लगाया कि बैंकों में कैश तो पहुंच रहा है। लेकिन उसके वितरण में जमकर मनमानी की जा रही है। वहीं बाजारों में पैसा न आने के कारण दुकानदार खाली बैठे हैं और मजदूरों को भी पैसा नहीं मिल रहा है। वे काफी परेशान हैं।
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बैंक में अभद्रता पर ली कोर्ट की शरण
चौसाना। पंजाब नेशनल बैंक पर नोटबंदी के बाद ग्रामीणों का हंगामा लगातार जारी है। ग्राहकों का आरोप है कि नोटबंदी का फायदा उठाते हुए बैंक कर्मचारी मनमानी कर अपने जानकारों का ही काम कर रहे हैं।
इन आरोपों के बीच ही एक व्यापारी ने बैंक में उससे अभद्रता करने पर कोर्ट की शरण ली है। चौसाना के व्यापारी प्रियंक मित्तल का आरोप है कि जब वह नोट जमा करने के लिये बैंक में पहुंचा और ग्राहकों द्वारा दिये गए चार हजार और आठ हजार रुपये के चैक बैंक मैनेजर को दिया तो उसने कैश की कमी बताकर पैसा नहीं दिया।
इसके बाद व्यापारी ने शिकायत पुस्तिका मांगी तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसका चैक फाड़ दिया गया। इससे क्षुब्ध व्यापारी ने बैंक प्रबंधक के विरुद्ध मानसिक उत्पीड़न, मानहानि के आरोप में कोर्ट में केस दर्ज कराया है। कुछ ग्रामीणों ने मांग की है कि बैंक के निकासी रजिस्टर से लेकर ग्राहकों से नोटों के लेनदेन की जांच की जाए। उधर, बैंक प्रबंधक कपिल शर्मा से बातचीत की कोशिश की गई मगर मोबाइल पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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थानाभवन में अधिकतर उपभोक्ताआें ने आरोप लगाया कि बैंक में कैश होने के बावजूद लोगों को नोट नहीं दिए जा रहे हैं। कैश देने में बैंक स्टाफ मनमानी कर रहा है। नगर के यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स, भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नैशनल बैंक पर नोट बदलवाने की प्रक्रिया बंद होने के बावजूद नगदी लेने वालों की कतारें सुबह से ही लग गईं। सबसे ज्यादा भीड़ यूनियन बैंक पर रही।
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कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि पंजाब नैशनल बैंक, ओबीसी और भारतीय स्टेट बैंक में तो कुछ नकदी वितरित की गई। लेकिन 24000 रुपये की जगह दूसरा वाउचर भरवाकर पांच से दस हजार रुपये ही दिए गए। कतारों में लगे लोगों बिजेंद्र सिंह, रणवीर सिंह, अमित चौधरी, जयपाल, कृष्णकुमार आदि ने आरोप लगाया कि बैंकों में कैश तो पहुंच रहा है। लेकिन उसके वितरण में जमकर मनमानी की जा रही है। वहीं बाजारों में पैसा न आने के कारण दुकानदार खाली बैठे हैं और मजदूरों को भी पैसा नहीं मिल रहा है। वे काफी परेशान हैं।
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बैंक में अभद्रता पर ली कोर्ट की शरण
चौसाना। पंजाब नेशनल बैंक पर नोटबंदी के बाद ग्रामीणों का हंगामा लगातार जारी है। ग्राहकों का आरोप है कि नोटबंदी का फायदा उठाते हुए बैंक कर्मचारी मनमानी कर अपने जानकारों का ही काम कर रहे हैं।
इन आरोपों के बीच ही एक व्यापारी ने बैंक में उससे अभद्रता करने पर कोर्ट की शरण ली है। चौसाना के व्यापारी प्रियंक मित्तल का आरोप है कि जब वह नोट जमा करने के लिये बैंक में पहुंचा और ग्राहकों द्वारा दिये गए चार हजार और आठ हजार रुपये के चैक बैंक मैनेजर को दिया तो उसने कैश की कमी बताकर पैसा नहीं दिया।
इसके बाद व्यापारी ने शिकायत पुस्तिका मांगी तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसका चैक फाड़ दिया गया। इससे क्षुब्ध व्यापारी ने बैंक प्रबंधक के विरुद्ध मानसिक उत्पीड़न, मानहानि के आरोप में कोर्ट में केस दर्ज कराया है। कुछ ग्रामीणों ने मांग की है कि बैंक के निकासी रजिस्टर से लेकर ग्राहकों से नोटों के लेनदेन की जांच की जाए। उधर, बैंक प्रबंधक कपिल शर्मा से बातचीत की कोशिश की गई मगर मोबाइल पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।