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खून के निशान मिटाने को बागपत के जंगल में कार की सीट और शर्ट जलाई
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शामली : कांधला थाने की हवालात में बंद पिता पुत्र की हत्या के तीन आरोपी आरोपी।
- फोटो : SHAMLI
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शामली/ कांधला। लेनदेन के विवाद में की गई पिता-पुत्र की हत्या के बाद आरोपी विक्रांत अपनी गाड़ी लेकर बागपत की ओर फरार हो गया था। वहां उसने सबसे पहले पिता-पुत्र के खून से सनी अपनी शर्ट जलाई। इसके बाद गाड़ी की सीट को भी बाहर निकालकर उसमें भी आग लगा दी। पुलिस ने बागपत के जंगल से शर्ट की राख और जली हुई सीट भी बरामद की है।
मखमूलपुर गांव में बुधवार शाम हुए इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आईबी के पूर्व निदेशक रहे सैय्यद आसिफ इब्राहिम की सुरक्षा में तैनात सिपाही विक्रांत ने भूपेंद्र और उसके बेटे अर्जुन को अपने घर में बंधक बना रखा था। भूपेंद्र की मां सुरेश देवी ने पुलिस को सूचना दी थी। पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) पर तैनात सिपाही रजत और सोनू पहुंचे तो विक्रांत पिता-पुत्र को कांधला थाने ले जाने की बात कहकर अपनी गाड़ी में लेकर निकल गया था। बाद में पिता-पुत्र के शव सल्फा गांव के जंगल में पड़े मिले। पुलिस की पूछताछ में विक्रांत ने बताया कि उसने 5.80 लाख रुपये के लेनदेन में चलती गाड़ी में ही भूपेंद्र और अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव सल्फा के जंगल में फेंक दिए थे। इसके बाद वह गाड़ी लेकर बागपत की ओर गया और वहां सबूत मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने शर्ट की राख और जली हुई सीट भी आरोपी की निशानदेही पर बागपत के जंगल से बरामद की है।
अवैध पिस्टलों से मारी गई गोली
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सर्विस पिस्टल से गोली नहीं चली। भूपेंद्र और अर्जुन को अवैध पिस्टल से गोली मारी गई। एक अवैध पिस्टल पुलिस ने आरोपी अर्जुन से और दूसरी विक्रांत से बरामद की है।
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बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि नोएडा पुलिस लाइन से बिना किसी सूचना के विक्रांत गायब था। पिता-पुत्र की हत्या के बाद उसे निलंबित कर दिया गया। जबकि बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सवालों पर चुप रहा विक्रांत
कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस ने विक्रांत को मीडिया के सामने पेश किया। इस दौरान विक्रांत से हत्या की वजह और भूपेंद्र को दी गई रकम के बारे में कई सवाल किए गए, लेकिन विक्रांत ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और चुप ही खड़ा रहा।
निलंबित सिपाही, पिता व साथी के साथ भेजा गया जेल
कांधला। पिता-पुत्र की हत्या के मामले में शनिवार को पुलिस ने आरोपी निलंबित सिपाही विक्रांत और उसके पिता विरेंद्र व साथी मोनू को कोर्ट में पेश कर दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयोग की गई होंडा सिटी कार, सर्विस व अवैध पिस्टल और कारतूस व खोखे भी बरामद किए हैं। इस मामले में नामजद विक्रांत की पत्नी शिवानी और मां मुद्रेश को भी हिरासत में लिया था। लेकिन उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इस घटना में दोनों महिलाओं की क्या भूमिका रही, पुलिस इसकी जांच कर रही है। आरोपियों को कैराना स्थित सिविल जज सीनियर डिविजन विजय वर्मा की अदालत में पेश किया। कोर्ट में आरोपियों का रिमांड होने के बाद न्यायाधीश ने तीनों हत्यारोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने विक्रांत के भाई अर्जुन को शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
वर्जन-
इस मामले में आरोपी सिपाही विक्रांत और उसके पिता व साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान कर दिया। आरोपी दोनों महिलाओं की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सुकीर्ति माधव, एसएसपी।
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मखमूलपुर गांव में बुधवार शाम हुए इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आईबी के पूर्व निदेशक रहे सैय्यद आसिफ इब्राहिम की सुरक्षा में तैनात सिपाही विक्रांत ने भूपेंद्र और उसके बेटे अर्जुन को अपने घर में बंधक बना रखा था। भूपेंद्र की मां सुरेश देवी ने पुलिस को सूचना दी थी। पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) पर तैनात सिपाही रजत और सोनू पहुंचे तो विक्रांत पिता-पुत्र को कांधला थाने ले जाने की बात कहकर अपनी गाड़ी में लेकर निकल गया था। बाद में पिता-पुत्र के शव सल्फा गांव के जंगल में पड़े मिले। पुलिस की पूछताछ में विक्रांत ने बताया कि उसने 5.80 लाख रुपये के लेनदेन में चलती गाड़ी में ही भूपेंद्र और अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव सल्फा के जंगल में फेंक दिए थे। इसके बाद वह गाड़ी लेकर बागपत की ओर गया और वहां सबूत मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने शर्ट की राख और जली हुई सीट भी आरोपी की निशानदेही पर बागपत के जंगल से बरामद की है।
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अवैध पिस्टलों से मारी गई गोली
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सर्विस पिस्टल से गोली नहीं चली। भूपेंद्र और अर्जुन को अवैध पिस्टल से गोली मारी गई। एक अवैध पिस्टल पुलिस ने आरोपी अर्जुन से और दूसरी विक्रांत से बरामद की है।
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बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि नोएडा पुलिस लाइन से बिना किसी सूचना के विक्रांत गायब था। पिता-पुत्र की हत्या के बाद उसे निलंबित कर दिया गया। जबकि बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सवालों पर चुप रहा विक्रांत
कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस ने विक्रांत को मीडिया के सामने पेश किया। इस दौरान विक्रांत से हत्या की वजह और भूपेंद्र को दी गई रकम के बारे में कई सवाल किए गए, लेकिन विक्रांत ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और चुप ही खड़ा रहा।
निलंबित सिपाही, पिता व साथी के साथ भेजा गया जेल
कांधला। पिता-पुत्र की हत्या के मामले में शनिवार को पुलिस ने आरोपी निलंबित सिपाही विक्रांत और उसके पिता विरेंद्र व साथी मोनू को कोर्ट में पेश कर दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयोग की गई होंडा सिटी कार, सर्विस व अवैध पिस्टल और कारतूस व खोखे भी बरामद किए हैं। इस मामले में नामजद विक्रांत की पत्नी शिवानी और मां मुद्रेश को भी हिरासत में लिया था। लेकिन उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इस घटना में दोनों महिलाओं की क्या भूमिका रही, पुलिस इसकी जांच कर रही है। आरोपियों को कैराना स्थित सिविल जज सीनियर डिविजन विजय वर्मा की अदालत में पेश किया। कोर्ट में आरोपियों का रिमांड होने के बाद न्यायाधीश ने तीनों हत्यारोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने विक्रांत के भाई अर्जुन को शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
वर्जन-
इस मामले में आरोपी सिपाही विक्रांत और उसके पिता व साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान कर दिया। आरोपी दोनों महिलाओं की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सुकीर्ति माधव, एसएसपी।