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कोरोना काल में आयुर्वेद,योग की तरफ बढ़ा झुकाव
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शामली। कोरोना संक्रमण काल और बदलते मौसम में बचाव के लिए लोगों का आयुर्वेदिक दवाओं पर भरोसा बढ़ा है। बीमारियों से बचाव और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लोग काढ़े का इस्तेमाल कर रहे हैं वहीं योग एवं प्राणायाम को अपनाकर तनाव, डिप्रेशन को दूर भगा रहे हैं।
बदलते मौसम में बीमारियां बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा कोरोना का प्रकोप तो चल ही रहा है। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों में बुखार, नजला, जुकाम के केस भी सामने आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में डेंगू के कई केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों को सेहत के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। कोरोना काल में लोग आयुर्वेद दवाओं पर भरोसा जताते हुए उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जहां काढ़े का इस्तेमाल किया जा रहा है वहीं शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए लोग योग और प्राणायाम का भी सहारा ले रहे हैं।
आयुर्वेद चिकित्सक डा. राज तायल का कहना है कि कोरोना काल में लोगों का आयुर्वेद पर भरोसा बढ़ा है। इसके चलते आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री बढ़ी है। लोग अब काढ़े का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। काढ़ा निर्धारित मात्रा में दिन में एक बार पीना चाहिए। उन्होंने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए यह एक आयुर्वेदिक उपाय है। कोरोना काल हो या बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो बीमारियों का संक्रमण होने का खतरा नहीं होगा। इसके साथ ही सावधानी बरतनी जरूरी है।
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महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी कुमुद शर्मा ने बताया कि नियमित योग ओर प्राणायाम करने से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है। जब इम्युनिटी मजबूत होगी तो किसी भी तरह का संक्रमण होने का खतरा नहीं रहेगा। योग ऐसा माध्यम है, जिससे असाध्य बीमारियों का भी उपचार संभव है। कोरोना काल में ऑनलाइन योगाभ्यास कराया जा रहा है। योग करने वालों की संख्या बढ़ी है। कोरोना और बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और बचाव के उपाय करने चाहिए।
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बदलते मौसम में बीमारियां बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा कोरोना का प्रकोप तो चल ही रहा है। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों में बुखार, नजला, जुकाम के केस भी सामने आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में डेंगू के कई केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों को सेहत के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। कोरोना काल में लोग आयुर्वेद दवाओं पर भरोसा जताते हुए उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जहां काढ़े का इस्तेमाल किया जा रहा है वहीं शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए लोग योग और प्राणायाम का भी सहारा ले रहे हैं।
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आयुर्वेद चिकित्सक डा. राज तायल का कहना है कि कोरोना काल में लोगों का आयुर्वेद पर भरोसा बढ़ा है। इसके चलते आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री बढ़ी है। लोग अब काढ़े का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। काढ़ा निर्धारित मात्रा में दिन में एक बार पीना चाहिए। उन्होंने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए यह एक आयुर्वेदिक उपाय है। कोरोना काल हो या बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो बीमारियों का संक्रमण होने का खतरा नहीं होगा। इसके साथ ही सावधानी बरतनी जरूरी है।
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महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी कुमुद शर्मा ने बताया कि नियमित योग ओर प्राणायाम करने से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है। जब इम्युनिटी मजबूत होगी तो किसी भी तरह का संक्रमण होने का खतरा नहीं रहेगा। योग ऐसा माध्यम है, जिससे असाध्य बीमारियों का भी उपचार संभव है। कोरोना काल में ऑनलाइन योगाभ्यास कराया जा रहा है। योग करने वालों की संख्या बढ़ी है। कोरोना और बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और बचाव के उपाय करने चाहिए।