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आंगनबाड़ियों के जाम से थमी शहर की रफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:24 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण समिति की ओर आंगनबाड़ियों ने विजय चौक पर जाम लगाकर शहर का चक्का जाम कर दिया। जाम खुलवाने पहुंचे सीओ की एक नहीं मानी और डीएम को बुलाने पर अड़ गईं। जिसके बाद एसडीएम ने समझा बुझाकर शांत किया और ज्ञापन लिया।
विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दो सितंबर से हड़ताल पर हैं। इसी के चलते शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ि कार्यकर्ता हनुमान धाम से जुलूस निकालते हुए करीब डेढ़ बजे विजय चौक पर पहुंची और जाम लगा दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विजय चौक पर जाम लगने से पानीपत-खटीमा मार्ग हाईवे, मेरठ-करनाल हाईवे पर जाम लग गया।
दोनों तरफ जाम लगने के कारण पूरे शहर का चक्का जाम हो गया। जाम लगने की सूचना पर सीओ सिटी निशांक शर्मा भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुंचे और आंगनबाड़ियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी और डीएम सुजीत कुमार बुलाने पर अड़ गई।
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इस दौरान कांग्रेस विधायक पंकज मलिक मलिक मौके पर पहुंचे और आंगनबाड़ियों की पीड़ा सुनी। कहा कि उनकी आवाज को विधानसभा में उठाने का वायदा किया। जाम लगने के करीब दो घंटे बाद एसडीएम शामली एमपी सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और महिलाओं को समझाया। जिसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष बबीता के नेतृत्व में एसडीएम को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ये है ंप्रमुख मांगंे
1 . आईसीडीएस के निजीकरण को तुरंत रोका जाए।
2 . 45वें, 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करें।
3 . ग्रुप सी तथा सहायिका को ग्रुप डी के तहत सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।
4 . न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
5 . सभी को पेंशन, ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड तथा ईएसआई की सुविधा दी जाए।
6 . 12वीं प्लान के अनुसार आईसीडीएस को बजट आवंटित किया जाए।
7 . जिला शामली आंगनबाड़ियों का मानदेय जनवरी 2016 से नहीं आ रहा, मानदेय दिलवाने की मांग।
8 . आंगनबाड़ी की विभागीय कार्य के अलावा अन्य जगह ड्यूटी नहीं लगाई जाए।
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विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दो सितंबर से हड़ताल पर हैं। इसी के चलते शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ि कार्यकर्ता हनुमान धाम से जुलूस निकालते हुए करीब डेढ़ बजे विजय चौक पर पहुंची और जाम लगा दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विजय चौक पर जाम लगने से पानीपत-खटीमा मार्ग हाईवे, मेरठ-करनाल हाईवे पर जाम लग गया।
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दोनों तरफ जाम लगने के कारण पूरे शहर का चक्का जाम हो गया। जाम लगने की सूचना पर सीओ सिटी निशांक शर्मा भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुंचे और आंगनबाड़ियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी और डीएम सुजीत कुमार बुलाने पर अड़ गई।
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इस दौरान कांग्रेस विधायक पंकज मलिक मलिक मौके पर पहुंचे और आंगनबाड़ियों की पीड़ा सुनी। कहा कि उनकी आवाज को विधानसभा में उठाने का वायदा किया। जाम लगने के करीब दो घंटे बाद एसडीएम शामली एमपी सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और महिलाओं को समझाया। जिसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष बबीता के नेतृत्व में एसडीएम को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ये है ंप्रमुख मांगंे
1 . आईसीडीएस के निजीकरण को तुरंत रोका जाए।
2 . 45वें, 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करें।
3 . ग्रुप सी तथा सहायिका को ग्रुप डी के तहत सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।
4 . न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
5 . सभी को पेंशन, ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड तथा ईएसआई की सुविधा दी जाए।
6 . 12वीं प्लान के अनुसार आईसीडीएस को बजट आवंटित किया जाए।
7 . जिला शामली आंगनबाड़ियों का मानदेय जनवरी 2016 से नहीं आ रहा, मानदेय दिलवाने की मांग।
8 . आंगनबाड़ी की विभागीय कार्य के अलावा अन्य जगह ड्यूटी नहीं लगाई जाए।