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घर बैठे किराए पर मंगाएं आधुनिक कृषि यंत्र
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शामली में ग्रामीण महिलाओं को एप डाउनलोड करने की जानकारी देते कृषि मंत्रालय के प्रतिनिधि।
- फोटो : SHAMLI
शामली। अब किसानों को अपने खेत की जुताई, बुवाई या थ्रेेसिंग के लिए इधर उधर मशीनें ढूंढने की जरूरत नहीं है। वे घर बैठे ही ऑनलाइन आधुनिक यंत्रों को किराए पर मंगा सकते हैं। जनपद में इस तरह के कुल 25 सेंटर शुरू हुए हैं, जो किसानों को किराए पर ये यंत्र उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए कृषि मंत्रालय द्वारा एप जारी किया गया है। इस योजना और एप की जानकारी के लिए केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय की टीम ने जिले में पहुंचकर किसानों से रूबरू हुई ।
आधुनिक कृषि यंत्र से खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि मंत्रालय द्वारा आधुनिक उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है, लेकिन सभी किसानों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि ये लाखों की कीमत के ये महंगे यंत्र खरीद सकें। लिहाजा जनपदों में कस्टम हायरिंग सेंटर्स, फार्म मशीनरी बैंक खोले गए हैं। इसके लिए पांच ये कृषि यंत्रों का पूरा पैकेज पर भारी अनुदान दिया गया। इसमें ट्रैक्टर भी शामिल हैं। इनमें अलग अलग चीजों पर 40 फीसदी तक अनुदान दिया गया है। जिले में कुल 26 सेंटर खुलने हैं। ये पूरा पैकेज 11 से 14 लाख का है। इसे लेने वाले किसानों ने अपने गांव में ही कस्टम हायरिंग सेंटर खोले हैं। ये अपने खुद के खेतों के अलावा अन्य किसानों को भी ये यंत्र किराए पर देंगे। इसके लिए किसानों ने एक निश्चित वाजिब किराया लिया जाएगा।
जरूरत के हिसाब से किराए मांग सकते हैं यंत्र
इस योजना की जानकारी देने शनिवार को केंद्र सरकार के केंद्रीय कृषि मंत्रालय की दो सदस्य टीम शामली पहुंची। टीम में मंत्रालय के प्रतिनिधि शिवकुमार शर्मा और सुनील कौशिक गांवों में जाकर किसानों से रूबरू हुए। टीम ले इस योजना और एप की जानकारी किसानों को दी। गूगल प्ले स्टोर से सीएचसी नाम का एप डाउन लोड किया जा सकता है। एप में किसान के संबंध में मांगी गई जानकारियां भरकर उसके सेंड आप्शन पर क्लिक करने पर किसान के मोबाइल नंबर पर एसमएस आएगा। जिसमें उसे एक ओटीपी मिलेेगा। उस ओटीपी को मोबाइल डालकर सेंड करने पर किसान का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और तुरंत मोबाइल पर दूसरा मेसेज आएगा, जिसमें किसान का यूजर नंबर और पासवर्ड की जानकारी होगी। इसी यूजर आईडी का प्रयोग कर किसान जरूरत के हिसाब से कृषि यंत्र को किराए पर मंगा सकता है।
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कम रेट देने वाले सेंटर को चुनें
किसान द्वारा कृषि यंत्र मंगाने के लिए एप में ही दिए गए आप्शन में अपना पूरा नाम पते आदि जानकारियां भरनी होंगी। किस दिन, कितने बजे ,कितने घंटे के लिए यंत्र की जरूरत है। कितना क्षेत्रफल में बुवाई जुताई आदि करना है ये तमाम जानकारियां देेनी होंगी। इन जानकारियों को सेंड करने पर आपको जिले में संचालित सेंटरों के नाम पते और उनका किराया नजर आएगा। आप इनमें से सबसे कम किराया चार्ज करने वाले सेंटर को बुक कर सकते हैं। इस तरह सबसे सस्ता किराए वाला सेंटर चुनने का आप्शन भी आपके पास होगा।
ये यंत्र मिलेंगे किराए पर
हैप्पीसीडर - गेहूं की बिना जुताई बुवाई करने के लिए
एमबीप्लाऊ - जमीन की गहराई से जुताई कर निचली सतह को ऊपर लाती है
मल्चर - पराली, फसल अवशेष को बारीक भूसा बनाती है।
लेजर एंड लेवलर - जमीन की सतह को एक लेवल में करने वाली मशीन
ट्रैक्टर - किसान के लिए
इन गांवों में हैं कस्टम हायरिंग सेंटर
नाला, मलकपुर में दो, गढ़ीदौलत, उमरपुर, मुल्लापुर, मनट मंटी, काजीपुरा, ताना, रंगाना, झिंझाना, जैनपुर, सूबरी, मालैंडी, बेहड़ा, भिक्की देह, भैंसवाल में दो ,बलवा, धनैना, गोहरनी, करौदा हाथी, पावटी कला, कंडेला ।
जो छोटे और आर्थिक रुप से कमजोर किसान जो ये यंत्र नहीं खरीद सकते, उनके लिए बेहद लाभकारी है। वे घर बैठे ही इस तरह के नए और आधुनिक यंत्रों को किराए पर मंगाकर अपने खेतों में बुवाई जुताई आदि कर सकते हैं। अपने खेत के अवशेष, पराली को काटकर उसका भूसा बना सकते हैं। इस सिस्टम को चालू कर दिया गया है। किसान एप डाउनलोड करके अपने घर से ही यंत्रों की किराए पर बुकिंग करा सकते हैं। केंद्र सरकार की टीम भी किसानों के बीच जाकर इस योजना को बता रही है। - शिव कुमार केसरी, कृषि उपनिदेशक
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आधुनिक कृषि यंत्र से खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि मंत्रालय द्वारा आधुनिक उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है, लेकिन सभी किसानों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि ये लाखों की कीमत के ये महंगे यंत्र खरीद सकें। लिहाजा जनपदों में कस्टम हायरिंग सेंटर्स, फार्म मशीनरी बैंक खोले गए हैं। इसके लिए पांच ये कृषि यंत्रों का पूरा पैकेज पर भारी अनुदान दिया गया। इसमें ट्रैक्टर भी शामिल हैं। इनमें अलग अलग चीजों पर 40 फीसदी तक अनुदान दिया गया है। जिले में कुल 26 सेंटर खुलने हैं। ये पूरा पैकेज 11 से 14 लाख का है। इसे लेने वाले किसानों ने अपने गांव में ही कस्टम हायरिंग सेंटर खोले हैं। ये अपने खुद के खेतों के अलावा अन्य किसानों को भी ये यंत्र किराए पर देंगे। इसके लिए किसानों ने एक निश्चित वाजिब किराया लिया जाएगा।
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जरूरत के हिसाब से किराए मांग सकते हैं यंत्र
इस योजना की जानकारी देने शनिवार को केंद्र सरकार के केंद्रीय कृषि मंत्रालय की दो सदस्य टीम शामली पहुंची। टीम में मंत्रालय के प्रतिनिधि शिवकुमार शर्मा और सुनील कौशिक गांवों में जाकर किसानों से रूबरू हुए। टीम ले इस योजना और एप की जानकारी किसानों को दी। गूगल प्ले स्टोर से सीएचसी नाम का एप डाउन लोड किया जा सकता है। एप में किसान के संबंध में मांगी गई जानकारियां भरकर उसके सेंड आप्शन पर क्लिक करने पर किसान के मोबाइल नंबर पर एसमएस आएगा। जिसमें उसे एक ओटीपी मिलेेगा। उस ओटीपी को मोबाइल डालकर सेंड करने पर किसान का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और तुरंत मोबाइल पर दूसरा मेसेज आएगा, जिसमें किसान का यूजर नंबर और पासवर्ड की जानकारी होगी। इसी यूजर आईडी का प्रयोग कर किसान जरूरत के हिसाब से कृषि यंत्र को किराए पर मंगा सकता है।
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कम रेट देने वाले सेंटर को चुनें
किसान द्वारा कृषि यंत्र मंगाने के लिए एप में ही दिए गए आप्शन में अपना पूरा नाम पते आदि जानकारियां भरनी होंगी। किस दिन, कितने बजे ,कितने घंटे के लिए यंत्र की जरूरत है। कितना क्षेत्रफल में बुवाई जुताई आदि करना है ये तमाम जानकारियां देेनी होंगी। इन जानकारियों को सेंड करने पर आपको जिले में संचालित सेंटरों के नाम पते और उनका किराया नजर आएगा। आप इनमें से सबसे कम किराया चार्ज करने वाले सेंटर को बुक कर सकते हैं। इस तरह सबसे सस्ता किराए वाला सेंटर चुनने का आप्शन भी आपके पास होगा।
ये यंत्र मिलेंगे किराए पर
हैप्पीसीडर - गेहूं की बिना जुताई बुवाई करने के लिए
एमबीप्लाऊ - जमीन की गहराई से जुताई कर निचली सतह को ऊपर लाती है
मल्चर - पराली, फसल अवशेष को बारीक भूसा बनाती है।
लेजर एंड लेवलर - जमीन की सतह को एक लेवल में करने वाली मशीन
ट्रैक्टर - किसान के लिए
इन गांवों में हैं कस्टम हायरिंग सेंटर
नाला, मलकपुर में दो, गढ़ीदौलत, उमरपुर, मुल्लापुर, मनट मंटी, काजीपुरा, ताना, रंगाना, झिंझाना, जैनपुर, सूबरी, मालैंडी, बेहड़ा, भिक्की देह, भैंसवाल में दो ,बलवा, धनैना, गोहरनी, करौदा हाथी, पावटी कला, कंडेला ।
जो छोटे और आर्थिक रुप से कमजोर किसान जो ये यंत्र नहीं खरीद सकते, उनके लिए बेहद लाभकारी है। वे घर बैठे ही इस तरह के नए और आधुनिक यंत्रों को किराए पर मंगाकर अपने खेतों में बुवाई जुताई आदि कर सकते हैं। अपने खेत के अवशेष, पराली को काटकर उसका भूसा बना सकते हैं। इस सिस्टम को चालू कर दिया गया है। किसान एप डाउनलोड करके अपने घर से ही यंत्रों की किराए पर बुकिंग करा सकते हैं। केंद्र सरकार की टीम भी किसानों के बीच जाकर इस योजना को बता रही है। - शिव कुमार केसरी, कृषि उपनिदेशक

शामली डाउनलोड किया गया सीएचसी ऐप- फोटो : SHAMLI