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परिवार का फर्ज निभा रहा अंतिम यात्रा समूह
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परिवार का फर्ज निभा रहा अंतिम यात्रा समूह
शामली। कोरोना संक्रमण काल में जहां अपनों ने दूरी बनाने के मामले सामने आ रहे हैं। यहां तक कि किसी की मौत होने पर शव के अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी बच रहे हैं। ऐसे में शहर के लोगों ने मिलकर अंतिम यात्रा सेवा समूह बनाया है। समूह के सदस्य गैर होते हुए निस्वार्थ सेवाभाव से पीड़ितों के गम में शरीक होकर परिवार का फर्ज निभाते हुए शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए आगे आए हैं।
अंतिम यात्रा सेवा समूह के सदस्य निशिकांत संगल ने बताया कि करीब 15 दिन पहले शहर में एक महिला का निधन हो गया था। कोरोना संक्रमण के डर की वजह से उसके बेटे ने शव को हाथ तक नहीं लगाया। यह दृश्य देखकर उनके मन में कुछ करने की इच्छा हुई। उन्होंने इस बारे में शहर के जागरूक व समाजसेवी सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल के चेयरमैन अरुण बंसल, अनिल गोयल, डॉ. विपिन कौशिक को बताया।
इसके बाद इनके संरक्षण में अंतिम यात्रा सेवा समूह का बनाया गया। निर्णय लिया गया कि ऐसे लोग जिनका दुख की घड़ी में कोई अपना साथ न दे, तो उनके साथ परिवार की तरह खड़े होकर उनकी मदद करें। आठ दिन पहले बनाए गए समूह में मनीष नामदेव, आकाश गोयल, अंकित गुप्ता, महेश गोयल, सलमान अहमद, सुनील उपाध्याय, प्रमोद वर्मा सहित करीब 50 से सदस्य हैं।
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शुक्रवार को मोहल्ला दयानंद नगर निवासी एक व्यक्ति का निधन हो गया। परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे रह गए। गरीब परिवार के सामने शव का अंतिम संस्कार करने की समस्या बनी थी। इसकी जानकारी मिलने पर समूह के सदस्य पहुंचे और एंबुलेंस से शव को श्मशान ले जाकर परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया। समूह के सदस्यों का कहना है कि कोरोना संकट के समय में किसी को कोई भी समस्या हो तो समूह उसकी मदद करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
निशुल्क ऑक्सीमीटर देने की व्यवस्था
निशिकांत संगल ने बताया कि अंतिम यात्रा सेवा समूह के पास 20 ऑक्सीमीटर उपलब्ध है। समूह ने निर्णय लिया है कि ऑक्सीमीटर की सेवा आमजन को 15 दिन के लिए निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मरीज के ठीक होने पर परिजनों को ऑक्सीमीटर वापस करना होगा।
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शामली। कोरोना संक्रमण काल में जहां अपनों ने दूरी बनाने के मामले सामने आ रहे हैं। यहां तक कि किसी की मौत होने पर शव के अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी बच रहे हैं। ऐसे में शहर के लोगों ने मिलकर अंतिम यात्रा सेवा समूह बनाया है। समूह के सदस्य गैर होते हुए निस्वार्थ सेवाभाव से पीड़ितों के गम में शरीक होकर परिवार का फर्ज निभाते हुए शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए आगे आए हैं।
अंतिम यात्रा सेवा समूह के सदस्य निशिकांत संगल ने बताया कि करीब 15 दिन पहले शहर में एक महिला का निधन हो गया था। कोरोना संक्रमण के डर की वजह से उसके बेटे ने शव को हाथ तक नहीं लगाया। यह दृश्य देखकर उनके मन में कुछ करने की इच्छा हुई। उन्होंने इस बारे में शहर के जागरूक व समाजसेवी सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल के चेयरमैन अरुण बंसल, अनिल गोयल, डॉ. विपिन कौशिक को बताया।
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इसके बाद इनके संरक्षण में अंतिम यात्रा सेवा समूह का बनाया गया। निर्णय लिया गया कि ऐसे लोग जिनका दुख की घड़ी में कोई अपना साथ न दे, तो उनके साथ परिवार की तरह खड़े होकर उनकी मदद करें। आठ दिन पहले बनाए गए समूह में मनीष नामदेव, आकाश गोयल, अंकित गुप्ता, महेश गोयल, सलमान अहमद, सुनील उपाध्याय, प्रमोद वर्मा सहित करीब 50 से सदस्य हैं।
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शुक्रवार को मोहल्ला दयानंद नगर निवासी एक व्यक्ति का निधन हो गया। परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे रह गए। गरीब परिवार के सामने शव का अंतिम संस्कार करने की समस्या बनी थी। इसकी जानकारी मिलने पर समूह के सदस्य पहुंचे और एंबुलेंस से शव को श्मशान ले जाकर परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया। समूह के सदस्यों का कहना है कि कोरोना संकट के समय में किसी को कोई भी समस्या हो तो समूह उसकी मदद करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
निशुल्क ऑक्सीमीटर देने की व्यवस्था
निशिकांत संगल ने बताया कि अंतिम यात्रा सेवा समूह के पास 20 ऑक्सीमीटर उपलब्ध है। समूह ने निर्णय लिया है कि ऑक्सीमीटर की सेवा आमजन को 15 दिन के लिए निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मरीज के ठीक होने पर परिजनों को ऑक्सीमीटर वापस करना होगा।