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कार्तिक पूर्णिमा स्नान के बाद यमुना तट पर गंदगी का अंबार 20-11-11
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कैराना युमना नदी में फैली गंदगी
- फोटो : SHAMLI
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के बाद यमुना तट पर लगा गंदगी का अंबार
कैराना (शामली)। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान संपन्न होने के बाद बुधवार को यमुना किनारे गंदगी का अंबार लगा देखा गया। यमुना की हरियाणा और यूपी दोनों तरफ यमुना किनारे पूजा सामग्री, पॉलीथिन, कपड़े इधर-उधर फैले नजर आए। दोपहर तक भी यमुना किनारे कूड़ा और गंदगी पड़ी रही, जिससे जलीय जंतुओं और मछलियों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर रही है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर हरियाणा और यूपी के 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यमुना नदी पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई थी। कार्तिक पूर्णिमा पर हरियाणा और यूपी दोनों तरफ यमुना किनारे श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आ रहा था। श्रद्धालुओं ने यमुना किनारे पूजन कर स्नान किया था। मंगलवार को कार्तिक स्नान सकुशल संपन्न होने के अगले दिन बुधवार को यमुना तट पर छोड़ी गई पूजा सामग्री और अन्य सामान बुधवार को यमुना किनारे बिखरा पड़ा मिला। इससे जलीय जंतुओं और नदी में रहने वाली मछलियों के जीवन को खतरा होने की आशंका बनी है। कुछ गंदगी तो यमुना नदी के किनारों पर पानी के अंदर भी तैर रही थी, लेकिन प्रशासन ने यमुना किनारे सफाई नहीं कराई।
इस मामले में एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने सुबह ही नगर पालिका को यमुना नदी पर सफाई कराने के निर्देश दिए थे। यमुना नदी की सफाई होनी बहुत जरूरी है। उधर, नगर पालिका के कार्यालय अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि दोपहर बाद कर्मचारी यमुना नदी पर सफाई के लिए भेजे गए थे। सफाई कर्मचारियों ने यमुना नदी से एक ट्रैक्टर ट्राली गंदगी का उठा लिया है। सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल कुमार का कहना कि अगर गंदगी को साफ नहीं किया गया तो इससे नदी किनारे के गांवों में संक्रामक बीमारियां फैल सकती है।
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कैराना (शामली)। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान संपन्न होने के बाद बुधवार को यमुना किनारे गंदगी का अंबार लगा देखा गया। यमुना की हरियाणा और यूपी दोनों तरफ यमुना किनारे पूजा सामग्री, पॉलीथिन, कपड़े इधर-उधर फैले नजर आए। दोपहर तक भी यमुना किनारे कूड़ा और गंदगी पड़ी रही, जिससे जलीय जंतुओं और मछलियों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर रही है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर हरियाणा और यूपी के 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यमुना नदी पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई थी। कार्तिक पूर्णिमा पर हरियाणा और यूपी दोनों तरफ यमुना किनारे श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आ रहा था। श्रद्धालुओं ने यमुना किनारे पूजन कर स्नान किया था। मंगलवार को कार्तिक स्नान सकुशल संपन्न होने के अगले दिन बुधवार को यमुना तट पर छोड़ी गई पूजा सामग्री और अन्य सामान बुधवार को यमुना किनारे बिखरा पड़ा मिला। इससे जलीय जंतुओं और नदी में रहने वाली मछलियों के जीवन को खतरा होने की आशंका बनी है। कुछ गंदगी तो यमुना नदी के किनारों पर पानी के अंदर भी तैर रही थी, लेकिन प्रशासन ने यमुना किनारे सफाई नहीं कराई।
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इस मामले में एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने सुबह ही नगर पालिका को यमुना नदी पर सफाई कराने के निर्देश दिए थे। यमुना नदी की सफाई होनी बहुत जरूरी है। उधर, नगर पालिका के कार्यालय अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि दोपहर बाद कर्मचारी यमुना नदी पर सफाई के लिए भेजे गए थे। सफाई कर्मचारियों ने यमुना नदी से एक ट्रैक्टर ट्राली गंदगी का उठा लिया है। सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल कुमार का कहना कि अगर गंदगी को साफ नहीं किया गया तो इससे नदी किनारे के गांवों में संक्रामक बीमारियां फैल सकती है।
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