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Shamli News: प्रशासन की जांच में आबादी के नंबर में निकली किले की जमीन
Thu, 02 Jan 2025 11:17 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:17 PM IST
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जलालाबाद का किला ।
जलालाबाद/थानाभवन। जलालाबाद के ऐतिहासिक किले के संरक्षण की हिंदू संगठन और मनहार खेड़ा दुर्ग कल्याण समिति आवाज उठा रही है। वहीं, प्रशासन की प्रथम दृष्टया जांच में ऐतिहासिक किले वाला स्थान आबादी का नंबर निकला है। हालांकि प्रशासन ने अभी मामले को लेकर विस्तृत रिपोर्ट जल्द तैयार करने की बात कहीं है। किले को लेकर निर्णय पुरातत्व विभाग को लेना है।
जलालाबाद में कई सौ साल पुराना ऐतिहासिक किला है, जिसमें रालोद विधायक अशरफ अली अपने परिवार समेत रहते हैं। कुछ समय पूर्व मनहार खेड़ा दुर्ग कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर किला को पुरातत्व विभाग को सौंपने की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा था। पुरातत्व विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जलालाबाद किले का सरकारी रिकार्ड, खसरा खतौनी, राजस्व नक्शा गाटा संख्या, रकबा आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
गत 29 दिसंबर को जलालाबाद के किले की बाबत जिला प्रशासन की रिपोर्ट पुरातत्व विभाग लखनऊ को भेज दी थी। जिला प्रशासन की जलालाबाद किले की रिपोर्ट पुरातत्व विभाग को लखनऊ में प्राप्त हो गई है।
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एसडीएम सदर हामिद हुसैन न बताया कि अभी तक की उनकी प्राथमिक जांच में राजस्व रिकाॅर्ड में किले की जमीन आबादी के नंबर के रूप में दर्ज मिली है। इसमें किसी की पैतृक संपत्ति या किले का इंद्राज हमारे पास नहीं है। शासन के आदेश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अन्य कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
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जलालाबाद में कई सौ साल पुराना ऐतिहासिक किला है, जिसमें रालोद विधायक अशरफ अली अपने परिवार समेत रहते हैं। कुछ समय पूर्व मनहार खेड़ा दुर्ग कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर किला को पुरातत्व विभाग को सौंपने की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा था। पुरातत्व विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जलालाबाद किले का सरकारी रिकार्ड, खसरा खतौनी, राजस्व नक्शा गाटा संख्या, रकबा आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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गत 29 दिसंबर को जलालाबाद के किले की बाबत जिला प्रशासन की रिपोर्ट पुरातत्व विभाग लखनऊ को भेज दी थी। जिला प्रशासन की जलालाबाद किले की रिपोर्ट पुरातत्व विभाग को लखनऊ में प्राप्त हो गई है।
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एसडीएम सदर हामिद हुसैन न बताया कि अभी तक की उनकी प्राथमिक जांच में राजस्व रिकाॅर्ड में किले की जमीन आबादी के नंबर के रूप में दर्ज मिली है। इसमें किसी की पैतृक संपत्ति या किले का इंद्राज हमारे पास नहीं है। शासन के आदेश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अन्य कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।