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Shamli News: लापरवाह 107 पंचायत सहायकों और अन्य कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

Fri, 05 Sep 2025 12:19 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Sep 2025 12:19 AM IST
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Action will be taken against 107 careless Panchayat assistants and other employees
कलक्ट्रेट सभागार में डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा में मौजूद अ​धिकारी , कर्मचारी। कृ​षि विभाग
- डिजिटल क्रॉप सर्वे में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
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- 165 कर्मचारियों को जिलेभर में शुरू करना था फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे

संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। एग्रीस्टैक योजनांतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे (ई-खसरा पड़ताल) खरीफ 2025 के सर्वे कार्य की समीक्षा बैठक बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। सर्वे मेें लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने 107 पंचायत सहायकों और अन्य कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि ई-खसरा पड़ताल भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे हर हाल में छह सितंबर 2025 तक पूर्ण करना आवश्यक है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जनपद में कुल 98 पंचायत सहायकों, 33 कृषि विभाग कार्मिकों एवं 34 गन्ना पर्यवेक्षकों की ड्यूटी ई-खसरा पड़ताल हेतु लगाई गई थी। किंतु अब तक केवल 24 पंचायत सहायकों, 33 कृषि विभाग कार्मिकों एवं 01 गन्ना पर्यवेक्षक ने ही सर्वे कार्य प्रारंभ किया है। 74 ने कार्य प्रारंभ करना ही मुनासिब नहीं समझा।
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इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीपीआरओ को निर्देश दिए कि लापरवाह पंचायत सहायकों की सूची तैयार कर उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए। साथ ही शेष सभी विभागों को चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय सीमा में सर्वे कार्य हर हाल में पूरा किया जाए। कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं पंचायती राज विभाग के पंचायत सहायक मौजूद रहे।
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- डिजिटल क्रॉप सर्वे क्या है?
यह भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत शुरू की गई एक नई व्यवस्था है। इसमें किसानों की जमीन (खसरा नंबर) और उस पर बोई गई फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। पहले फसलों का सर्वे कागजों में किया जाता था, जिससे गड़बड़ी, देरी और फर्जीवाड़े की संभावना रहती थी। अब यह काम मोबाइल एप व जीपीएस तकनीक से ऑनलाइन किया जाएगा।

- इसमें क्या होगा?
- ई-खसरा पड़ताल
- किसानों की जमीन की खसरा संख्या को मोबाइल एप से मिलाया जाएगा।
- मौके पर जाकर अधिकारी/सहायक फसल देखकर डिजिटल फोटो अपलोड करेंगे।

- फसल का डिजिटल रिकॉर्ड
- किस खेत में कौन-सी फसल बोई गई है, उसकी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होगी।
- किसान की खुद की पहचान (आधार कार्ड) से यह रिकॉर्ड लिंक होगा।
- फसल बीमा और योजनाओं से जोड़ना।
- किसान को प्राकृतिक आपदा, सूखा या बाढ़ जैसी स्थिति में सीधे उसी फसल के आधार पर बीमा/मुआवजा मिलेगा।
- कोई भी किसान गलत फसल या फर्जी दावे नहीं कर पाएगा।
-- जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि 282 गांव का सर्वे करना था। जिसमें 2 लाख 49 हजार 798 का डाटा मिला था। अभी 113 गांव में काम शुरू हो सका है। जिले में 40 प्रतिशत क्रॉप सर्वे हो सका है। जिसमें आठ गांव में सर्वे कंपलीट किया जा चुका है। 34410 गाटे का सर्वे पूरा किया गया है। बाकी सर्वे चल रहा है।
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