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आठ साल बाद भी पावटी कला गांव में बिजली नहीं
Wed, 02 Jan 2019 11:40 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 02 Jan 2019 11:40 PM IST
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file
- फोटो : amarujala
बसपा शासनकाल में अंबेडकर योजना में शामिल पावटी खुर्द गांव में आठ साल बाद भी बिजली नहीं आई है। ग्रामीण नलकूपों के लिए जा रही विद्युत लाइनों से अपने घरों की बिजली चला रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होेने के कारण ग्रामीण परेशान हैं।
क्षेत्र के गांव पावटी खुर्द में 2010 में बसपा शासन काल में यह गांव अंबेडकर योजना में आया था। आने के बाद गांव में विद्युत निगम द्वारा मेट्रो योजना के तहत गांव में खंभे लगाकर केबिल डालकर गांव का विद्युतीकरण कराने की योजना थी। ठेकेदार ने गांव में खंभों पर केबिल तो लगा दिए, लेकिन लाइन तैयार कर विद्युत निगम को हैंडओवर नहीं की। जिसके बाद सत्ता बदलने पर यह योजना खटाई में पड़ गई। जिस वजह से गांव वाले अपनी लाइटों को नलकूपों के लिए जाने वाली लाइनों से तार डालकर बिजली चला रहे हैं। नलकूपों के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति का एक समय तय है। यहां देर रात या सुबह तड़के बिजली दो शेड्यूल में दी जाती है।
ग्रामीण जयप्रकाश, इलमसिंह, नीरज, विनोद, सलेकचंद, धीरज कुमार, सतीश कुमार आदि ने बताया कि हर बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के अलावा विद्युत निगम के उच्चाधिकारियों से मिलकर समस्या बताई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण सरकार द्वारा गांवों को दी जाने वाली 18 घंटे बिजली की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सोमवार को जिलाधिकारी शामली के कार्यालय पर प्रदर्शन कर गांव के विद्युतीकरण करने की मांग की जाएगी। इस संबंध में एसडीओ नाजिम से बात करने पर उन्होंने बताया की मामला उनके संज्ञान में है। एस्टीमेट बनाया जा हरा है। ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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क्षेत्र के गांव पावटी खुर्द में 2010 में बसपा शासन काल में यह गांव अंबेडकर योजना में आया था। आने के बाद गांव में विद्युत निगम द्वारा मेट्रो योजना के तहत गांव में खंभे लगाकर केबिल डालकर गांव का विद्युतीकरण कराने की योजना थी। ठेकेदार ने गांव में खंभों पर केबिल तो लगा दिए, लेकिन लाइन तैयार कर विद्युत निगम को हैंडओवर नहीं की। जिसके बाद सत्ता बदलने पर यह योजना खटाई में पड़ गई। जिस वजह से गांव वाले अपनी लाइटों को नलकूपों के लिए जाने वाली लाइनों से तार डालकर बिजली चला रहे हैं। नलकूपों के लिए दी जाने वाली बिजली आपूर्ति का एक समय तय है। यहां देर रात या सुबह तड़के बिजली दो शेड्यूल में दी जाती है।
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ग्रामीण जयप्रकाश, इलमसिंह, नीरज, विनोद, सलेकचंद, धीरज कुमार, सतीश कुमार आदि ने बताया कि हर बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के अलावा विद्युत निगम के उच्चाधिकारियों से मिलकर समस्या बताई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण सरकार द्वारा गांवों को दी जाने वाली 18 घंटे बिजली की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सोमवार को जिलाधिकारी शामली के कार्यालय पर प्रदर्शन कर गांव के विद्युतीकरण करने की मांग की जाएगी। इस संबंध में एसडीओ नाजिम से बात करने पर उन्होंने बताया की मामला उनके संज्ञान में है। एस्टीमेट बनाया जा हरा है। ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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