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कीड़ों की दवाई बगैर न रह जाए कोई बच्चा
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Sat, 18 Feb 2017 12:03 AM IST
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health
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। विश्व कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएमओ आफिस पर ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान ब्लाक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
28 फरवरी को जिला कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इसके चलते 1 से 19 साल तक के बच्चे को एलबंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस पर एक ट्रेनिंग दी गई। मेरठ से आए ट्रेनर कासिफ ने बताया कि तीन तरह के कृमि होते हैं, यह कृमि होने के चलते बच्चों में कुपोषण होता है।
इससे उनमें मानसिक व शारीरिक विकास में कमी हो जाती है, शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। पिछले दो साल में यह बात सामने आई कि जब से कृमि मुक्ति दिवस चला है, तब से बच्चों की बीस प्रतिशत उपस्थिति बढ़ी है। उन्होंने कहा जो बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं, उन बच्चों की लिस्ट बनाकर आशा डॉक्टरों को सौंपेंगी, ताकि उनको भी दवाई खिलाई जा सके।
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बैठक की अध्यक्षता सीएमओ विनीता अग्निहोत्री ने की। नोडल व एसीएमओ एके अग्रवाल, खालिद आदि मौजूद रहे। ट्रेनिंग में जिला समन्वयक, डीसीपीएम, जिला कार्यक्रम अधिकारी के यहां से सचिन, सभी ब्लाकों की सीडीपीओ, खंड शिक्षा अधिकारी और सभी ब्लाकों के चिकित्साधीक्षक मौजूद रहे।
दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
शामली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी विनीत अग्निहोत्री एवं जिला मलेरिया अधिकारी विनय कुमार ने राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आशा, संगीनी, एलटी, एलए, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक आदि को ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान आशा प्रशिक्षण में समस्त आशाओं मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया से बचाव का प्रशिक्षण दिया गया।
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28 फरवरी को जिला कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इसके चलते 1 से 19 साल तक के बच्चे को एलबंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस पर एक ट्रेनिंग दी गई। मेरठ से आए ट्रेनर कासिफ ने बताया कि तीन तरह के कृमि होते हैं, यह कृमि होने के चलते बच्चों में कुपोषण होता है।
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इससे उनमें मानसिक व शारीरिक विकास में कमी हो जाती है, शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। पिछले दो साल में यह बात सामने आई कि जब से कृमि मुक्ति दिवस चला है, तब से बच्चों की बीस प्रतिशत उपस्थिति बढ़ी है। उन्होंने कहा जो बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं, उन बच्चों की लिस्ट बनाकर आशा डॉक्टरों को सौंपेंगी, ताकि उनको भी दवाई खिलाई जा सके।
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बैठक की अध्यक्षता सीएमओ विनीता अग्निहोत्री ने की। नोडल व एसीएमओ एके अग्रवाल, खालिद आदि मौजूद रहे। ट्रेनिंग में जिला समन्वयक, डीसीपीएम, जिला कार्यक्रम अधिकारी के यहां से सचिन, सभी ब्लाकों की सीडीपीओ, खंड शिक्षा अधिकारी और सभी ब्लाकों के चिकित्साधीक्षक मौजूद रहे।
दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
शामली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी विनीत अग्निहोत्री एवं जिला मलेरिया अधिकारी विनय कुमार ने राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आशा, संगीनी, एलटी, एलए, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक आदि को ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान आशा प्रशिक्षण में समस्त आशाओं मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया से बचाव का प्रशिक्षण दिया गया।