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Shamli News: नगर पालिका के लिपिक के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
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-फर्जी दस्तावेज बनाकर कर्मचारियों की पीएफ धनराशि पत्नी, भाभी के खातों में ट्रांसफर कराने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। नगर पालिका के अधिष्ठान लिपिक विपुल पंवार पर कर्मचारियों की पीएफ राशि में गड़बड़ी कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया था। अधिशासी अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समीर कुमार कश्यप ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। इसमें बताया गया कि सात दिन पूर्व सफाई कर्मचारी सुभाष चंद्र व उसकी पत्नी कमलेश ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि अधिष्ठान लिपिक विपुल पंवार ने उनकी पीएफ धनराशि अपनी पत्नी सोनिया और भाभी मीना देवी के खाते में जमा करा ली।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी लंबे समय से नगर पालिका के कई कर्मचारियों की पीएफ राशि धोखाधड़ी करके अपने परिजनों के खातों में स्थानांतरित कराता रहा। बैंक को भेजी जाने वाली मैन्युअल सूची में सही नाम भेजे जाते थे, जबकि ईमेल से भेजी गई सूची में कर्मचारियों के नाम हटाकर अपनी पत्नी और भाभी के नाम शामिल कर दिए जाते थे। इससे कर्मचारियों की पीएफ राशि सीधे आरोपी के परिजनों के खातों में चली जाती थी।
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फिलहाल पुलिस ने आरोपी लिपिक विपुल पंवार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, करीब आठ दिन पहले पालिका अध्यक्ष ने भी आरोपी को अधिष्ठान लिपिक पद से हटाकर कर-संग्रह विभाग में भेज दिया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। नगर पालिका के अधिष्ठान लिपिक विपुल पंवार पर कर्मचारियों की पीएफ राशि में गड़बड़ी कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया था। अधिशासी अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समीर कुमार कश्यप ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। इसमें बताया गया कि सात दिन पूर्व सफाई कर्मचारी सुभाष चंद्र व उसकी पत्नी कमलेश ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि अधिष्ठान लिपिक विपुल पंवार ने उनकी पीएफ धनराशि अपनी पत्नी सोनिया और भाभी मीना देवी के खाते में जमा करा ली।
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जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी लंबे समय से नगर पालिका के कई कर्मचारियों की पीएफ राशि धोखाधड़ी करके अपने परिजनों के खातों में स्थानांतरित कराता रहा। बैंक को भेजी जाने वाली मैन्युअल सूची में सही नाम भेजे जाते थे, जबकि ईमेल से भेजी गई सूची में कर्मचारियों के नाम हटाकर अपनी पत्नी और भाभी के नाम शामिल कर दिए जाते थे। इससे कर्मचारियों की पीएफ राशि सीधे आरोपी के परिजनों के खातों में चली जाती थी।
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फिलहाल पुलिस ने आरोपी लिपिक विपुल पंवार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, करीब आठ दिन पहले पालिका अध्यक्ष ने भी आरोपी को अधिष्ठान लिपिक पद से हटाकर कर-संग्रह विभाग में भेज दिया था।