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विश्व के प्रथम इं जीनियर थे विश्वकर्मा
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:29 AM IST
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कैराना। विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्वकर्मा जयंती पर कार्यक्रम किया गया। शुभारंभ प्राचार्य डॉ. चमन लाल एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा विश्वकर्मा के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।
प्राचार्य ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में भी विश्वकर्मा के अर्चना दिवस पर आयोजन का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब युवा शक्ति को सृजन की सकारात्मक विचार धारा के प्रति संवेदन शील बनाया जाए। डॉ. अजय बाबू शर्मा ने कहा कि विश्व के प्रथम इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा थे। ऋग्वेद में भी विश्वकर्मा सूत्र के सृजन सहयोग का उल्लेख है। डॉ. नीतू त्यागी ने कहा कि हमारा मन मस्तिष्क और हमारे विचार ही हमारे भविष्य का सृजन करते है। डॉ. जितेंद्र कुमार विकल ने बताया कि राष्ट्रहित में किए जाने वाले कार्यों में युवा छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार के कौशल में पारंगत होना चाहिए। डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि महाविद्यालय में शैक्षिक कैलेंडर के तहत समारोहों का आयोजन किया जा रहा है युवा छात्र-छात्राओं को इन दिवसों के वास्तविक उद्देश्य के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। मौके पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. योगेंद्र कुमार, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. मदन पाल, डॉ. उत्तम कुमार, डॉ. आंचल यादव, पप्पन, सुभाष, गौतम आदि का सहयोग रहा।
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प्राचार्य ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में भी विश्वकर्मा के अर्चना दिवस पर आयोजन का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब युवा शक्ति को सृजन की सकारात्मक विचार धारा के प्रति संवेदन शील बनाया जाए। डॉ. अजय बाबू शर्मा ने कहा कि विश्व के प्रथम इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा थे। ऋग्वेद में भी विश्वकर्मा सूत्र के सृजन सहयोग का उल्लेख है। डॉ. नीतू त्यागी ने कहा कि हमारा मन मस्तिष्क और हमारे विचार ही हमारे भविष्य का सृजन करते है। डॉ. जितेंद्र कुमार विकल ने बताया कि राष्ट्रहित में किए जाने वाले कार्यों में युवा छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार के कौशल में पारंगत होना चाहिए। डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि महाविद्यालय में शैक्षिक कैलेंडर के तहत समारोहों का आयोजन किया जा रहा है युवा छात्र-छात्राओं को इन दिवसों के वास्तविक उद्देश्य के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। मौके पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. योगेंद्र कुमार, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. मदन पाल, डॉ. उत्तम कुमार, डॉ. आंचल यादव, पप्पन, सुभाष, गौतम आदि का सहयोग रहा।
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