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सरकारी हैंडपंपों से नहीं निकल रहा पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गर्मी बढ़ते ही पेयजल की समस्या भी बढ़ जाती है। शामली नगर पालिका क्षेत्र की बात करें तो यहां 495 सरकारी हैंडपंप लगे हुए है। मगर, कई मोहल्लों में लगे यह हैंडपंप खराब पड़े है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत है कि लगातार समस्या को अनदेखा किया जा रहा है।
नगर पालिका के आंकड़ों में गर्मी में प्रतिदिन औसतन 16 घंटे ट्यूबवेल चलाई जा रही है। इस हिसाब से प्रतिदिन शहर में 36,320 किलोलीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पालिका अधिकारियों के मुताबिक साल 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी एक लाख सात हजार 233 है। इस हिसाब से देखा जाए तो रोजाना प्रति व्यक्ति 338 लीटर से अधिक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में शहर की आबादी लगभग डेढ़ लाख के करीब मानी जाती है, उस हिसाब से भी रोजाना प्रति व्यक्ति 242 लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा है, जबकि मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति को रोजना 165 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। गर्मी के मौसम में पालिका की पेय जल आपूर्ति किसी वजह से बाधित होती है तो नागरिकों को इन्हीं हैंडपंपों ही पानी का सहारा बनते है। पालिका के रिकार्ड के मुुताबिक शामली शहर में लगभग 495 हैंडपंप लगे हुए है। इनमें कई मोहल्लों में हैंडपंप खराब पड़े हुए है। मोहल्ला रेशमी कटहरा, जैन मोहल्ला, फव्वारा चौक, नौकुआं रोड और बरखंडी चौराहे पर लगे हैंडपंप खराब पड़े हुए है। इन मोहल्ले के निवासी मोहम्मद अजहर, महबूब अली, तासीम और भूरा आदि ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की सूचना पालिका को दी जा चुकी है, लेकिन हैंडपंप ठीक नहीं हो सके।
शहर में पेयजल की कोई समस्या नहीं है। पालिका की सभी 37 ट्यूबवेलों से शहर में भरपूर मात्रा में पानी सप्लाई किया जा रहा है। प्रति व्यक्ति जरूरत के मानक से लगभग दुगना पानी नागरिकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। हैंडपंपों के खराब होने की जहां से शिकायत मिलती है, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाता है। खराब हैंडपंप को भी ठीक कराया जा रहा है। - विशाल तोमर, जेई जलकल विभाग नगरपालिका।
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बत्ती हुई गुल तो पड़ेगा पेयजल के लिए जूझना
गर्मी के मौसम में यदि शहर की बिजली गुल हो गई तो शहरवासियों को पानी के लिए जूझना पड़ सकता है। शहर के पेयजल आपूर्ति करने वाले 37 में से केवल दो नलकूपों पर ही जनरेटर की व्यवस्था है, हालांकि पालिका का दावा है कि ऐसी स्थिति बनने पर अन्य संसाधनों से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
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शामली। गर्मी बढ़ते ही पेयजल की समस्या भी बढ़ जाती है। शामली नगर पालिका क्षेत्र की बात करें तो यहां 495 सरकारी हैंडपंप लगे हुए है। मगर, कई मोहल्लों में लगे यह हैंडपंप खराब पड़े है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत है कि लगातार समस्या को अनदेखा किया जा रहा है।
नगर पालिका के आंकड़ों में गर्मी में प्रतिदिन औसतन 16 घंटे ट्यूबवेल चलाई जा रही है। इस हिसाब से प्रतिदिन शहर में 36,320 किलोलीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पालिका अधिकारियों के मुताबिक साल 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी एक लाख सात हजार 233 है। इस हिसाब से देखा जाए तो रोजाना प्रति व्यक्ति 338 लीटर से अधिक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में शहर की आबादी लगभग डेढ़ लाख के करीब मानी जाती है, उस हिसाब से भी रोजाना प्रति व्यक्ति 242 लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा है, जबकि मानक के अनुसार प्रति व्यक्ति को रोजना 165 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। गर्मी के मौसम में पालिका की पेय जल आपूर्ति किसी वजह से बाधित होती है तो नागरिकों को इन्हीं हैंडपंपों ही पानी का सहारा बनते है। पालिका के रिकार्ड के मुुताबिक शामली शहर में लगभग 495 हैंडपंप लगे हुए है। इनमें कई मोहल्लों में हैंडपंप खराब पड़े हुए है। मोहल्ला रेशमी कटहरा, जैन मोहल्ला, फव्वारा चौक, नौकुआं रोड और बरखंडी चौराहे पर लगे हैंडपंप खराब पड़े हुए है। इन मोहल्ले के निवासी मोहम्मद अजहर, महबूब अली, तासीम और भूरा आदि ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की सूचना पालिका को दी जा चुकी है, लेकिन हैंडपंप ठीक नहीं हो सके।
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शहर में पेयजल की कोई समस्या नहीं है। पालिका की सभी 37 ट्यूबवेलों से शहर में भरपूर मात्रा में पानी सप्लाई किया जा रहा है। प्रति व्यक्ति जरूरत के मानक से लगभग दुगना पानी नागरिकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। हैंडपंपों के खराब होने की जहां से शिकायत मिलती है, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाता है। खराब हैंडपंप को भी ठीक कराया जा रहा है। - विशाल तोमर, जेई जलकल विभाग नगरपालिका।
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बत्ती हुई गुल तो पड़ेगा पेयजल के लिए जूझना
गर्मी के मौसम में यदि शहर की बिजली गुल हो गई तो शहरवासियों को पानी के लिए जूझना पड़ सकता है। शहर के पेयजल आपूर्ति करने वाले 37 में से केवल दो नलकूपों पर ही जनरेटर की व्यवस्था है, हालांकि पालिका का दावा है कि ऐसी स्थिति बनने पर अन्य संसाधनों से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।