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ऊन और कैराना में सब फायर स्टेशन का प्रस्ताव अटका
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ऊन और कैराना में सब फायर स्टेशन का प्रस्ताव अटका
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह के बाद शायद ही कोई दिन ऐसा रहा होगा, जिस दिन आग लगने की घटना न हुई हो। जिला मुख्यालय के फायर स्टेेशन पर पुराने और सीमित संसाधनों से ही आग बुझाने का काम किया जाता है। जिले में कैराना और ऊन तहसील पर सब फायर स्टेशन की जरूरत है। इनका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जिले में हर रोज आग लगने की घटनाएं हो रही है। शामली में जिला मुख्यालय पर स्थित फायर स्टेशन पर एक गाड़ी 33 साल पुरानी और दूसरी 23 साल पुरानी दमकल की बड़ी गाड़ियों के सहारे आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती है। इनके अलावा दो छोटी गाड़ी है, जिनमें एक गाड़ी 13 साल पुरानी है। ऐसी स्थिति में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में आग से बचाव के संसाधनों का टोटा है, लेकिन शासन स्तर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। पुरानी गाड़ियों को न तो बदला जा रहा है और न ही नई गाड़ी दी जा रही है। विभागीय जानकारी के मुताबिक नियमानुसार तहसील स्तर पर सब फायर स्टेशन होना चाहिए, लेकिन जिले में कैराना और ऊन तहसील पर अभी तक सब फायर स्टेशन बनाने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई। जबकि आग लगने की सबसे अधिक घटनाएं कैराना और ऊन तहसील क्षेत्र में होती है। अप्रैल माह में आग लगने की 20 से अधिक घटनाएं हुई, जिनमें करीब 15 घटनाएं कैराना और ऊन तहसील क्षेत्र में हुई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक कैराना और ऊन तहसील में सब फायर स्टेशन का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भेजा जा चुका है। ऊन में सब फायर स्टेशन के लिए 0.7900 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की जा चुकी है। इसका प्रस्ताव 29 सितंबर 2018 को भेजा गया था। इसके बाद 11 फरवरी 2019 को प्रस्ताव का रिमांडर भेजा गया। कैराना तहसील में भी सब फायर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन इसके लिए अभी भूमि चिह्नित नहीं हो सकी। जिले में कैराना और ऊन में सब फायर स्टेशन बनने से संसाधन और स्टाफ में बढ़ोत्तरी होगी और आग लगने से होने वाली क्षति को समय रहते काफी हद तक रोका जा सकेगा।
कोट
तहसील स्तर पर सब फायर स्टेशन बनाए जाने का नियम है। शामली जिले में कैराना और ऊन तहसील पर सब फायर स्टेशन के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। शासन स्तर से प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद ही सब फायर स्टेशन का निर्माण हो सकेगा।
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- अजीज खान, प्रभारी फायर स्टेशन शामली।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह के बाद शायद ही कोई दिन ऐसा रहा होगा, जिस दिन आग लगने की घटना न हुई हो। जिला मुख्यालय के फायर स्टेेशन पर पुराने और सीमित संसाधनों से ही आग बुझाने का काम किया जाता है। जिले में कैराना और ऊन तहसील पर सब फायर स्टेशन की जरूरत है। इनका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जिले में हर रोज आग लगने की घटनाएं हो रही है। शामली में जिला मुख्यालय पर स्थित फायर स्टेशन पर एक गाड़ी 33 साल पुरानी और दूसरी 23 साल पुरानी दमकल की बड़ी गाड़ियों के सहारे आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती है। इनके अलावा दो छोटी गाड़ी है, जिनमें एक गाड़ी 13 साल पुरानी है। ऐसी स्थिति में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में आग से बचाव के संसाधनों का टोटा है, लेकिन शासन स्तर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। पुरानी गाड़ियों को न तो बदला जा रहा है और न ही नई गाड़ी दी जा रही है। विभागीय जानकारी के मुताबिक नियमानुसार तहसील स्तर पर सब फायर स्टेशन होना चाहिए, लेकिन जिले में कैराना और ऊन तहसील पर अभी तक सब फायर स्टेशन बनाने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई। जबकि आग लगने की सबसे अधिक घटनाएं कैराना और ऊन तहसील क्षेत्र में होती है। अप्रैल माह में आग लगने की 20 से अधिक घटनाएं हुई, जिनमें करीब 15 घटनाएं कैराना और ऊन तहसील क्षेत्र में हुई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक कैराना और ऊन तहसील में सब फायर स्टेशन का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भेजा जा चुका है। ऊन में सब फायर स्टेशन के लिए 0.7900 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की जा चुकी है। इसका प्रस्ताव 29 सितंबर 2018 को भेजा गया था। इसके बाद 11 फरवरी 2019 को प्रस्ताव का रिमांडर भेजा गया। कैराना तहसील में भी सब फायर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन इसके लिए अभी भूमि चिह्नित नहीं हो सकी। जिले में कैराना और ऊन में सब फायर स्टेशन बनने से संसाधन और स्टाफ में बढ़ोत्तरी होगी और आग लगने से होने वाली क्षति को समय रहते काफी हद तक रोका जा सकेगा।
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तहसील स्तर पर सब फायर स्टेशन बनाए जाने का नियम है। शामली जिले में कैराना और ऊन तहसील पर सब फायर स्टेशन के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। शासन स्तर से प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद ही सब फायर स्टेशन का निर्माण हो सकेगा।
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- अजीज खान, प्रभारी फायर स्टेशन शामली।