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किसानों का कच्चा कलेंडर तैयार, शीघ्र होगा गन्ना समितियों द्वारा वितरण
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:13 PM IST
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शामली। अक्तूबर में चलने वाली जिले की चीनी मिलों के गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों के संबंध में गन्ने का कच्चा कलेंडर का किसानों को वितरण शुक्रवार से शुरू हो जाएगा।
पिछले की अपेक्षा इस साल गन्ने की बंपर पैदावार होने के कारण शासन ने चीनी मिलों को एक माह पूर्व चीनी मिलों का संचालन करने का निर्णय लिया है। चीनी मिलों के नए पेराई सत्र को चलाने के लिए सहकारी गन्ना समितियों की बैठक करके किसानों की च्वांइस के अनुसार मिलों को गन्ना खरीद केंद्र आवंटन को लेकर प्रस्ताव जिला गन्ना कार्यालय को भेजे जा चुके हैं। इस संबंध में लखनऊ में गन्ना आयुक्त 11 सितंबर को सहारनपुर मंडल व 12 सितंबर को मेरठ मंडल की गन्ना खरीद केंद्र चीनी मिलों के आवंटन को लेकर बैठक लेंगे।
बृहस्पतिवार को लखनऊ में गन्ना आयुक्त संजय भूसरेड्डी ने प्रदेश के चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, सहकारी गन्ना समितियों के सचिव, जिला गन्ना अधिकारियों की बैठक बुलाकर चीनी मिलों के नए पेराई सत्र चालू करने की तैयारियों की समीक्षा की। लखनऊ बैठक से लौटकर जिला गन्नाधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि गन्ना आयुक्त की बैठक में वर्ष 2018-19 के गन्ना पेराई सत्र की चीनी मिलों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा की गई है। नए पेराई सत्र के लिए गन्ने का कच्चा कलेंडर का प्रकाशन के लिए भेजा गया है। शुक्रवार से किसानों को कच्चा कलेंडर का वितरण कर दिया जाएगा। कच्चे कलेंडर पर किसानों की आपत्ति आने के बाद संशोधित करके चीनी मिल का पेराई सत्र चलने से पहले पक्का कलेंडर प्रकाशन करके किसानों को वितरित किया जाएगा। उधर, शामली सहकारी गन्ना समिति के विशेष सचिव मुुकेश राठी ने बताया कि पक्के कलेंडर में गन्ना किसानों की पर्चियों का बंटवारा हफ्ता, कालम होता है। गन्ना किसान के कलेंडर में 15 कालम और 12 हफ्ते होते हैं। कच्चे कलेंडर को लेकर लखनऊ में विचार विमर्श हुआ है, लखनऊ बैठक के कारण किसानों को कच्चा कलेंडर का वितरण नहीं किया गया।
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किसान की बेसिक जानकारी है, कच्चा कलेंडर
- कच्चे कलेंडर किसान के गन्ने का रकबा, खाता संख्या।
- किसान की कृषि योग्य जानकारी।
- किसान का गन्ने का प्लाट हेक्टेयर, बीघा।
- किसान का बेसिक कोटा दो साल, तीन साल, पांच साल, किसान के गांव का नाम।
- टिन कोड आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर, गन्ना ट्रॉली बोगी।
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पिछले की अपेक्षा इस साल गन्ने की बंपर पैदावार होने के कारण शासन ने चीनी मिलों को एक माह पूर्व चीनी मिलों का संचालन करने का निर्णय लिया है। चीनी मिलों के नए पेराई सत्र को चलाने के लिए सहकारी गन्ना समितियों की बैठक करके किसानों की च्वांइस के अनुसार मिलों को गन्ना खरीद केंद्र आवंटन को लेकर प्रस्ताव जिला गन्ना कार्यालय को भेजे जा चुके हैं। इस संबंध में लखनऊ में गन्ना आयुक्त 11 सितंबर को सहारनपुर मंडल व 12 सितंबर को मेरठ मंडल की गन्ना खरीद केंद्र चीनी मिलों के आवंटन को लेकर बैठक लेंगे।
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बृहस्पतिवार को लखनऊ में गन्ना आयुक्त संजय भूसरेड्डी ने प्रदेश के चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, सहकारी गन्ना समितियों के सचिव, जिला गन्ना अधिकारियों की बैठक बुलाकर चीनी मिलों के नए पेराई सत्र चालू करने की तैयारियों की समीक्षा की। लखनऊ बैठक से लौटकर जिला गन्नाधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि गन्ना आयुक्त की बैठक में वर्ष 2018-19 के गन्ना पेराई सत्र की चीनी मिलों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा की गई है। नए पेराई सत्र के लिए गन्ने का कच्चा कलेंडर का प्रकाशन के लिए भेजा गया है। शुक्रवार से किसानों को कच्चा कलेंडर का वितरण कर दिया जाएगा। कच्चे कलेंडर पर किसानों की आपत्ति आने के बाद संशोधित करके चीनी मिल का पेराई सत्र चलने से पहले पक्का कलेंडर प्रकाशन करके किसानों को वितरित किया जाएगा। उधर, शामली सहकारी गन्ना समिति के विशेष सचिव मुुकेश राठी ने बताया कि पक्के कलेंडर में गन्ना किसानों की पर्चियों का बंटवारा हफ्ता, कालम होता है। गन्ना किसान के कलेंडर में 15 कालम और 12 हफ्ते होते हैं। कच्चे कलेंडर को लेकर लखनऊ में विचार विमर्श हुआ है, लखनऊ बैठक के कारण किसानों को कच्चा कलेंडर का वितरण नहीं किया गया।
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किसान की बेसिक जानकारी है, कच्चा कलेंडर
- कच्चे कलेंडर किसान के गन्ने का रकबा, खाता संख्या।
- किसान की कृषि योग्य जानकारी।
- किसान का गन्ने का प्लाट हेक्टेयर, बीघा।
- किसान का बेसिक कोटा दो साल, तीन साल, पांच साल, किसान के गांव का नाम।
- टिन कोड आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर, गन्ना ट्रॉली बोगी।