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कैराना मेला महोत्सव के पर छाये संकट के बादल
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:08 AM IST
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कैराना। कैराना में 12 जुलाई से शुरू होने वाले कैराना मेला महोत्सव पर कुछ लोगों द्वारा बवाल होने की आशंका जताते हुए आपत्ति की गई थी। जिस पर मंगलवार को एएसपी ने सीओ और कोतवाल को साथ लेकर मेले का निरीक्षण किया। इस दौरान पूछे जाने पर एलआईयू विभाग के इंस्पेक्टर ने बताया कि मेले की अनुमति लेने से पहले उनसे रिपोर्ट नहीं मांगी गई। जिस पर एएसपी ने डीएम व एसपी से वार्ता करके मेले की अनुमति के बारे में निर्णय लेने को कहा।
कैराना में झाड़खेड़ी रोड पर प्रशासन ने 12 जुलाई से मेला लगाने की अनुमति प्रदान की थी। जिस पर वहां मेले के झूले व अन्य सामान आना शुरू हो गया था। वही झाड़खेड़ी रोड पर पड़ने वाले गांव तीतरवाडा, सहपत, बुच्चाखेड़ी के ग्रामीणों ने प्रशासन को प्रार्थनापत्र दिया था कि कांवड़ यात्रा के दौराना मेला लगने से कभी भी बवाल हो सकता है। साथ ही उक्त मार्ग से प्रतिदिन छात्राएं अपने गांव में आती जाती है। मेले के कारण छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं होने का अंदेशा बना रहेगा। साथ ही नगर पालिका परिषद के चेयरमैन हाजी अनवर हसन ने भी मेले लगाने पर आपत्ति जताते हुए पत्र लिखा था। लेकिन इसके बाद भी मेला लगने पर पुलिस उच्चाधिकारियों ने एलआईयू से रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि मेले की परमिशन देने से पहले एलआईयू से कोई रिपोर्ट भी नहीं मांगी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार दोपहर एएसपी श्लोक कुमार, सीओ राजेश कुमार तिवारी, एलआईयू इंस्पेक्टर एसके त्यागी व कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह मेला स्थल पर पहुंचे तथा माहौल का जायजा लिया। एएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के समय मेला लगाने से परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने एलआईयू इंस्पेक्टर से कहा कि तुम क्षेत्र में जाकर मेला लगने के बारे में जानकारी एकत्र करो। इसके बाद मामले में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से वार्ता करने के बाद निर्णय लिया जाएगा। वही देर शाम तक पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामली में मीटिंग में व्यस्त थे जिनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
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कैराना में झाड़खेड़ी रोड पर प्रशासन ने 12 जुलाई से मेला लगाने की अनुमति प्रदान की थी। जिस पर वहां मेले के झूले व अन्य सामान आना शुरू हो गया था। वही झाड़खेड़ी रोड पर पड़ने वाले गांव तीतरवाडा, सहपत, बुच्चाखेड़ी के ग्रामीणों ने प्रशासन को प्रार्थनापत्र दिया था कि कांवड़ यात्रा के दौराना मेला लगने से कभी भी बवाल हो सकता है। साथ ही उक्त मार्ग से प्रतिदिन छात्राएं अपने गांव में आती जाती है। मेले के कारण छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं होने का अंदेशा बना रहेगा। साथ ही नगर पालिका परिषद के चेयरमैन हाजी अनवर हसन ने भी मेले लगाने पर आपत्ति जताते हुए पत्र लिखा था। लेकिन इसके बाद भी मेला लगने पर पुलिस उच्चाधिकारियों ने एलआईयू से रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि मेले की परमिशन देने से पहले एलआईयू से कोई रिपोर्ट भी नहीं मांगी।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार दोपहर एएसपी श्लोक कुमार, सीओ राजेश कुमार तिवारी, एलआईयू इंस्पेक्टर एसके त्यागी व कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह मेला स्थल पर पहुंचे तथा माहौल का जायजा लिया। एएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के समय मेला लगाने से परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने एलआईयू इंस्पेक्टर से कहा कि तुम क्षेत्र में जाकर मेला लगने के बारे में जानकारी एकत्र करो। इसके बाद मामले में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से वार्ता करने के बाद निर्णय लिया जाएगा। वही देर शाम तक पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामली में मीटिंग में व्यस्त थे जिनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
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