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‘कानूनी दायरे में लें धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की अनुमति’
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:37 AM IST
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कानूनी दायरे में लें अनुमति
कैराना (ब्यूरो)। मस्जिद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में लाउडस्पीकर संबंधी आदेशों पर कानूनी दायरे में अनुमति लेने का आह्वान किया गया।
बृहस्पतिवार दोपहर बाद जमीयत की बैठक में जमीयत के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मौलाना आकिल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मौलाना आकिल ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर संबंधी हाईकोर्ट का बयान सर-आंखों पर है। हाईकोर्ट ने मंदिर-मस्जिद सभी धार्मिक स्थलों के लिए यह आदेश दिया है, जिसका हमें विरोध नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाउस्पीकर में अजान और जुमा आदि की नमाज अदा करानी पड़ती है। इनका बड़ा ही महत्व होता है। पाबंदी यह नहीं कि हम अजान बंद कर दें, बल्कि यह है कि अपने यहां लाउडस्पीकर की अनुमति ले लें। मौलाना ने कहा कि जमीयत भी इस फैसले के विरोध में नहीं है। लिहाजा हमें चाहिए कि नियमानुसार अपने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए प्रशासन को आवेदन करें। वहीं, जमीयत के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद मुस्तफा एडवोकेट ने बताया है कि यदि किसी भी जिम्मेदार को लाउडस्पीकर की अनुमति लेने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है, तो वह उनसे संपर्क कर अपना कार्य पूर्ण करा सकते हैं। यह नि:शुल्क खिदमत की जाएगी। बैठक का संचालन जमीयत उलमा-ए-हिंद के तहसील ऊन महासचिव मौलाना वासिल ने किया। इस अवसर पर जमीयत के शामली जिलाध्यक्ष मौलाना खुर्शीद, जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना ताहिर, मौलाना तैय्यब, मौलाना वसीम, मौलाना उमर, मौलाना इमरान, कारी इस्राईल, मुफ्ती नासिर, कारी अनीस, मौलाना तहसीन आदि मौजूद रहे।
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कैराना (ब्यूरो)। मस्जिद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में लाउडस्पीकर संबंधी आदेशों पर कानूनी दायरे में अनुमति लेने का आह्वान किया गया।
बृहस्पतिवार दोपहर बाद जमीयत की बैठक में जमीयत के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मौलाना आकिल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मौलाना आकिल ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर संबंधी हाईकोर्ट का बयान सर-आंखों पर है। हाईकोर्ट ने मंदिर-मस्जिद सभी धार्मिक स्थलों के लिए यह आदेश दिया है, जिसका हमें विरोध नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाउस्पीकर में अजान और जुमा आदि की नमाज अदा करानी पड़ती है। इनका बड़ा ही महत्व होता है। पाबंदी यह नहीं कि हम अजान बंद कर दें, बल्कि यह है कि अपने यहां लाउडस्पीकर की अनुमति ले लें। मौलाना ने कहा कि जमीयत भी इस फैसले के विरोध में नहीं है। लिहाजा हमें चाहिए कि नियमानुसार अपने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए प्रशासन को आवेदन करें। वहीं, जमीयत के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद मुस्तफा एडवोकेट ने बताया है कि यदि किसी भी जिम्मेदार को लाउडस्पीकर की अनुमति लेने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है, तो वह उनसे संपर्क कर अपना कार्य पूर्ण करा सकते हैं। यह नि:शुल्क खिदमत की जाएगी। बैठक का संचालन जमीयत उलमा-ए-हिंद के तहसील ऊन महासचिव मौलाना वासिल ने किया। इस अवसर पर जमीयत के शामली जिलाध्यक्ष मौलाना खुर्शीद, जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना ताहिर, मौलाना तैय्यब, मौलाना वसीम, मौलाना उमर, मौलाना इमरान, कारी इस्राईल, मुफ्ती नासिर, कारी अनीस, मौलाना तहसीन आदि मौजूद रहे।