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किसान कल्याण सम्मेलन में छाया रहा बकाया भुगतान का मुद्दा
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:12 AM IST
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शामली। प्रदेश सरकार के गन्ना राज्यमंत्री और भाजपा सांसद हुकुम सिंह के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे पर सुर में सुर नहीं मिल पाए। एकतरफ गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने पूर्व के वर्षों की तुलनात्मक आंकड़ों के साथ इस बार रिकार्ड भुगतान का दावा किया। वहीं, कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि शुगर मिल मालिकों और गन्ना विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का शोषण हुआ है। इसकी जांच होनी चाहिए।
सोमवार को भाजपा की ओर से करनाल रोड स्थित बीएसएम स्कूल में किसान कल्याण सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा छाया रहा। प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री ने महज छह महीने के कार्यकाल में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई। उसका नतीजा है कि बीते वर्ष के मुकाबले इस साल रिकार्ड भुगतान किसानों को दिलाया जा चुका है। बागपत की रमाला चीनी मिल को डबल कराने की मांग 35 साल से चल रही थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही बजट में मंजूरी दी और 311 करोड़ रुपये का प्राविधान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में संयुक्त खाता खोलने जा रहे हैं, जिसके बाद 14 दिन के भीतर ही किसान के खाते में खुद ही पैसा पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रदेश में काई जमी मिली है, जिसे हटाने में वक्त तो लगेगा ही। इसके अलावा उन्होंने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया।
कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि किसानों की पीड़ा हम नहीं उठाएंगे, तो कौन उठाएगा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर की शुगर मिल शत प्रतिशत भुगतान कर सकती है, तो शामली के तीन चीनी मिल मालिक ऐसा क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि पूर्व में शुगर मिल मालिक और गन्ना विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से बाहरी क्षेत्र का गन्ना बगैर पर्ची के ही मिलों ने खरीदा और भुगतान भी कर दिया, यह आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ जांच कराई जानी चाहिए। निष्पक्ष जांच हुई, तो विभाग के अधिकारियों की पोल भी खुल जाएगी। गौरतलब है कि गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कैराना सांसद हुकुम सिंह संसद में भी सवाल उठा चुके हैं तथा 11 सितंबर को ही ऋण माफी प्रमाण पत्र समारोह के दौरान भी बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया था। इसको लेकर भाजपा में अंदरूनी राजनीति गरमा गई थी।
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गन्ना पर्ची मिलने का इंतजार होगा खत्म- राणा
गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि किसानों को शुगर मिल में डालने के लिए गन्ना पर्ची का चार चार महीने तक इंतजार करना पड़ता था। प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने जा रही है कि किसानों की एक साथ चार पर्चियां गन्ना कैलेंडर में चढ़ जाएंगी, जिसके बाद 45 दिन के भीतर किसान अपना गन्ना शुगर मिल में डाल सकेंगे।
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सोमवार को भाजपा की ओर से करनाल रोड स्थित बीएसएम स्कूल में किसान कल्याण सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा छाया रहा। प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री ने महज छह महीने के कार्यकाल में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई। उसका नतीजा है कि बीते वर्ष के मुकाबले इस साल रिकार्ड भुगतान किसानों को दिलाया जा चुका है। बागपत की रमाला चीनी मिल को डबल कराने की मांग 35 साल से चल रही थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही बजट में मंजूरी दी और 311 करोड़ रुपये का प्राविधान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में संयुक्त खाता खोलने जा रहे हैं, जिसके बाद 14 दिन के भीतर ही किसान के खाते में खुद ही पैसा पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रदेश में काई जमी मिली है, जिसे हटाने में वक्त तो लगेगा ही। इसके अलावा उन्होंने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया।
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कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि किसानों की पीड़ा हम नहीं उठाएंगे, तो कौन उठाएगा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर की शुगर मिल शत प्रतिशत भुगतान कर सकती है, तो शामली के तीन चीनी मिल मालिक ऐसा क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि पूर्व में शुगर मिल मालिक और गन्ना विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से बाहरी क्षेत्र का गन्ना बगैर पर्ची के ही मिलों ने खरीदा और भुगतान भी कर दिया, यह आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ जांच कराई जानी चाहिए। निष्पक्ष जांच हुई, तो विभाग के अधिकारियों की पोल भी खुल जाएगी। गौरतलब है कि गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर कैराना सांसद हुकुम सिंह संसद में भी सवाल उठा चुके हैं तथा 11 सितंबर को ही ऋण माफी प्रमाण पत्र समारोह के दौरान भी बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया था। इसको लेकर भाजपा में अंदरूनी राजनीति गरमा गई थी।
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गन्ना पर्ची मिलने का इंतजार होगा खत्म- राणा
गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि किसानों को शुगर मिल में डालने के लिए गन्ना पर्ची का चार चार महीने तक इंतजार करना पड़ता था। प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने जा रही है कि किसानों की एक साथ चार पर्चियां गन्ना कैलेंडर में चढ़ जाएंगी, जिसके बाद 45 दिन के भीतर किसान अपना गन्ना शुगर मिल में डाल सकेंगे।