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श्रवण को लगा तीर, राजा दशरथ को मिला श्राप
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:12 AM IST
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कैराना।
नगर के गौशाला भवन में चल रही रामलीला मंचन के तीसरे दिन श्रवण और राजा दशरथ संवाद का मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महासचिव प्रवीण सिंघल और मोहित अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
श्रवण कुमार अपने अंधे माता पिता को कांवड़ में बैठाकर चारों धाम की तीर्थ यात्रा के लिए निकल पड़े। सरयू नदी के निकट पहुंचे तो माता पिता को प्यास लगती है। वह जल लेने के लिए नदी के पास जाते हैं। इसी दौरान शिकार के लिए राजा दशरथ जंगल की ओर निकल पड़े। आहट सुनकर श्रवण को जंगली जीव समझकर दशरथ ने तीर चला दिया जो श्रवण को लगा। आवाज सुनकर वह उसके पास पहुंचे। श्रवण ने बताया कि मैं अपने माता पिता के लिए जल लेने आया था यह कह प्राण त्याग दिए। दशरथ श्रवण के माता पिता के पास जल लेकर पहुंचे और पूरी घटना के बारे में बता दिया। जिसके बाद उन्होंने दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप देकर प्राण त्याग दिए। राजा दशरथ का किरदार घनश्यामदास गोयल, श्रवण का सतीश, सुमंत का राकेश गर्ग, कौशल्या का किरदार अंकुर गोयल ने निभाया। पद्म सैन नामदेव और अभिषेक गोयल ने बहुत सुंदर झांकी लगाई। श्रवण कुमार का अभिनय करने वाले कलाकार सतीश को जनता की तरफ से उपहार दिए गए। इस दौरान डॉ. रामकुमार गुप्ता, राजेश नामदेव, संजू वर्मा, अमित, पप्पन शर्मा, वरुण, जयपाल, नवीन, अनिल गुप्ता, जनक प्रसाद, पद्म सैन और अभिषेक आदि मौजूद रहे।
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नगर के गौशाला भवन में चल रही रामलीला मंचन के तीसरे दिन श्रवण और राजा दशरथ संवाद का मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महासचिव प्रवीण सिंघल और मोहित अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
श्रवण कुमार अपने अंधे माता पिता को कांवड़ में बैठाकर चारों धाम की तीर्थ यात्रा के लिए निकल पड़े। सरयू नदी के निकट पहुंचे तो माता पिता को प्यास लगती है। वह जल लेने के लिए नदी के पास जाते हैं। इसी दौरान शिकार के लिए राजा दशरथ जंगल की ओर निकल पड़े। आहट सुनकर श्रवण को जंगली जीव समझकर दशरथ ने तीर चला दिया जो श्रवण को लगा। आवाज सुनकर वह उसके पास पहुंचे। श्रवण ने बताया कि मैं अपने माता पिता के लिए जल लेने आया था यह कह प्राण त्याग दिए। दशरथ श्रवण के माता पिता के पास जल लेकर पहुंचे और पूरी घटना के बारे में बता दिया। जिसके बाद उन्होंने दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप देकर प्राण त्याग दिए। राजा दशरथ का किरदार घनश्यामदास गोयल, श्रवण का सतीश, सुमंत का राकेश गर्ग, कौशल्या का किरदार अंकुर गोयल ने निभाया। पद्म सैन नामदेव और अभिषेक गोयल ने बहुत सुंदर झांकी लगाई। श्रवण कुमार का अभिनय करने वाले कलाकार सतीश को जनता की तरफ से उपहार दिए गए। इस दौरान डॉ. रामकुमार गुप्ता, राजेश नामदेव, संजू वर्मा, अमित, पप्पन शर्मा, वरुण, जयपाल, नवीन, अनिल गुप्ता, जनक प्रसाद, पद्म सैन और अभिषेक आदि मौजूद रहे।
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