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Shamli News: आरटीई में भ्रष्टाचार के लगे आरोप के बाद रोके 71 आवेदन

Sun, 16 Apr 2023 12:23 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Apr 2023 12:23 AM IST
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71 applications stopped after allegations of corruption in RTE
शामली। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए स्कूल आवंटन करने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद बीएसए ने जांच समिति गठित की थी। जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 269 आवेदकों के फार्म व दस्तावेज सही मिलने के बाद उन्हें हरी झंडी दे दी। साथ ही 71 आवेदकों के दस्तावेजों पर संदेह होने के कारण उनको रोक दिया गया है। अब दस्तावेजों की जांच के बाद ही उनको स्कूल का आवंटन किया जाएगा।
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निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत गरीब बच्चाें को प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दी जाती है और इसके लिए अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। लॉटरी में नाम आने के बाद उनको स्कूल का आवंटन किया जाता है। मगर जिले में कई परिजनों ने लॉटरी में बच्चों को फर्जी तरीके से शामिल करने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप था कि कांधला के बच्चे को शामली, थानाभवन के बच्चे को कैराना तो शामली के बच्चे को जलालाबाद के स्कूल का आवंटन कर दिया गया है, जो पूरी तरह से गलत है। शामली में कांधला, कैराना, जलालाबाद व थानाभवन के बच्चे भी दाखिला लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिससे उनके बच्चों को अपने शहर का स्कूल नहीं मिल पाएगा। शिकायत के बाद बीएसए कोमल ने जांच समिति गठित की। समिति ने लॉटरी में निकले 340 बच्चों के दस्तावेजाें की जांच की तो उसमें 269 बच्चों के दस्तावेज सही मिले और उनको हरी झंडी देते हुए स्कूलाें का आवंटन कर दिया गया। अब 71 बच्चों के दस्तावेजों पर संदेह है, क्योंकि उनका आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र का मिलान नहीं हो रहा है। इसके अलावा कई परिजनों के पास तो स्कूल में दाखिला के भी दस्तावेज तक नहीं हैं। दस्तावेज सही नहीं मिलने के कारण 71 आवेदन रोक दिए गए। जांच के बाद ही स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।
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जांच समिति की रिपोर्ट के बाद 269 बच्चों को स्कूल का आवंटन कर दिया गया है। अभी जिन बच्चों का डाटा संदेहास्पद मिला है, उनकी जांच चल रही है। जांच के बाद उन्हें स्कूल का आवंटन किया जाएगा। भ्रष्टाचार का आरोप गलत था, क्योंकि परिजनों का आरोप था कि शामली में किसी अन्य स्थानों के बच्चों को स्कूल आवंटन न किया जाए।
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-अमित कुमार, जिला समन्वयक, शामली
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