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उम्मत तक पैगाम पहुंचाना मुसलमानों की जिम्मेदारी
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:52 PM IST
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हजरत का पैगाम जान से भी प्यारा
कैराना (शामली)। फुलत शरीफ से आए हजरत मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कहा कि पैगंबर साहब का पैगाम उम्मत तक पहुंचाना प्रत्येक मुसलमानों की अहम जिम्मेदारी है। मुसलमानों के लिए हजरत का पैगाम जान से भी प्यारा है। उन्होंने कहा कि इस्लामी तरीके पर चलकर दोनों जहानों में कामयाबी संभव है।
शनिवार शाम कैराना में शामली बस स्टेंड वाली मस्जिद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इस्लाम की खातिर बड़े कष्ट सहन किए हैं। उन्होंने कहा कि हजरत पैगंबर मुहम्मद साहब की आंखों की ठंडक नमाज में बताई गई है। इसलिए उनका पैगाम दूसरों तक पहुंचाना हम सभी मुसलमानों की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने नौनिहालों को दुनियावी तालीम भले ही दिलाएं, लेकिन दीनी तालीम अवश्य दिलाएं। दीनी तालीम दुनिया और आखिरत में कामयाबी का स्रोत्र है। अलीगढ़ से आए डाक्टर कोनेन कौसर ने कहा कि आधुनिक युग में शिक्षा बेहद जरूरी है। अपने बच्चों को शिक्षा दिलाकर उनका भविष्य संवारा जाए। इस मौके पर अहद अलनूर लिल आम्मा के छात्र अब्दुस्समद, अबूबकर, अफ्फान, अजीम, अनस आदि ने अरबी और अंग्रेजी में भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना महफूज ने किया। इस अवसर पर मौलाना इमरान, मौलाना वासिल, कारी अनीसुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
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कैराना (शामली)। फुलत शरीफ से आए हजरत मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कहा कि पैगंबर साहब का पैगाम उम्मत तक पहुंचाना प्रत्येक मुसलमानों की अहम जिम्मेदारी है। मुसलमानों के लिए हजरत का पैगाम जान से भी प्यारा है। उन्होंने कहा कि इस्लामी तरीके पर चलकर दोनों जहानों में कामयाबी संभव है।
शनिवार शाम कैराना में शामली बस स्टेंड वाली मस्जिद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मौलाना कलीम सिद्दीकी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इस्लाम की खातिर बड़े कष्ट सहन किए हैं। उन्होंने कहा कि हजरत पैगंबर मुहम्मद साहब की आंखों की ठंडक नमाज में बताई गई है। इसलिए उनका पैगाम दूसरों तक पहुंचाना हम सभी मुसलमानों की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने नौनिहालों को दुनियावी तालीम भले ही दिलाएं, लेकिन दीनी तालीम अवश्य दिलाएं। दीनी तालीम दुनिया और आखिरत में कामयाबी का स्रोत्र है। अलीगढ़ से आए डाक्टर कोनेन कौसर ने कहा कि आधुनिक युग में शिक्षा बेहद जरूरी है। अपने बच्चों को शिक्षा दिलाकर उनका भविष्य संवारा जाए। इस मौके पर अहद अलनूर लिल आम्मा के छात्र अब्दुस्समद, अबूबकर, अफ्फान, अजीम, अनस आदि ने अरबी और अंग्रेजी में भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना महफूज ने किया। इस अवसर पर मौलाना इमरान, मौलाना वासिल, कारी अनीसुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
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