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Shamli News: जिले के छह परिषदीय स्कूलों में 55 लाख का फर्जीवाड़ा, जांच में खुलासा
Fri, 10 Apr 2026 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:49 AM IST
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शामली। स्वास्थ्य विभाग में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों के गोलमाल के बाद अब शिक्षा विभाग में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले के छह परिषदीय स्कूलों में जिला समन्वयक राहुल कुमार और गंगेरू के पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय के पूर्व प्रभारी इंचार्ज अध्यापक सचिन कुमार द्वारा विकास कार्यों के नाम पर करीब 55 लाख रुपये के गबन का मामला उजागर हुआ है।
इस मामले में अधिकारियों को भेजे गए प्रस्तावों में खेल कर फर्जीवाड़ा कर धनराशि निकाली गई। सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कराई, जिसमें व्यापक अनियमितताएं पकड़ में आईं। अब सीडीओ ने सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को पत्र भेजकर दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की है। बताया गया कि स्कूलों में टाइलिंग, इंटरलॉकिंग, रंगाई-पुताई, रसोईघर और शौचालय मरम्मत जैसे कार्यों के नाम पर धनराशि निकाली गई। कार्यों में अनियमितताएं पाई गईं। बिना टेंडर के कार्य कराए गए।
शिकायत के बाद खुला मामला
12 मार्च को गंगेरु के पीएमश्री विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक बृजेश शर्मा ने सहारनपुर आयुक्त और सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को शिकायत भेजकर फर्जीवाड़े की जांच की मांग की थी। इसके बाद आयुक्त ने रिपोर्ट मांगी। मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने जांच कर रिपोर्ट सहायक शिक्षा निदेशक सहारनपुर को भेज दी। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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जांच में क्या मिला
सीडीओ की जांच में सामने आया कि गंगेरू के पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय समेत छह स्कूलों में कृषि कोष से दी गई धनराशि में अनियमितताएं की गईं।
बिना टेंडर के टाइलिंग, रंगाई-पुताई, रसोईघर और शौचालय मरम्मत कराई गई
इंटरलॉकिंग और निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी
पत्रावलियों में फर्जीवाड़ा और अनुमोदन प्रक्रिया में गड़बड़ी
सबसे अधिक धनराशि चहारदीवारी में खर्च दर्शाए गए
दस्तावेजों में भी गड़बड़ी
जांच में पाया गया कि 30 अप्रैल 2025 को आठ विद्यालयों के कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कराए गए, लेकिन पत्रावली नियमानुसार डीएम के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के नाम पर फर्जी तरीके से एई लिखकर प्रस्ताव तैयार किए गए। प्रस्तावों में अंडरलाइन और निशान भी कूटरचित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से कर प्रस्तावों को आगे बढ़ाया गया।
इन स्कूलों में दिखाया गया खर्च
उच्च प्राथमिक विद्यालय दथेडा – 12.19 लाख
कंपोजिट विद्यालय ऊन – 5.10 लाख
उच्च प्राथमिक विद्यालय भाज्जू – 9.87 लाख
उच्च प्राथमिक विद्यालय जलालाबाद – 6.67 लाख
प्राथमिक विद्यालय राझड़ – 4.14 लाख
गंगेरू विद्यालय – 17.087 लाख
इन सभी में टाइलिंग, रंगाई-पुताई, रसोईघर मरम्मत, शौचालय निर्माण और खिड़की-दरवाजों के कार्य दर्शाए गए।
कार्रवाई की संस्तुति
सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने पत्र भेजकर जिला समन्वयक राहुल कुमार के खिलाफ विधिक कार्रवाई और सेवा समाप्ति की संस्तुति की है। साथ ही अन्य दोषियों के खिलाफ दंडात्मक और वसूली की कार्रवाई करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग में भी गोलमाल आया था सामने
हाल ही में शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर मरम्मत, पेंट और अन्य विकास कार्यों के नाम पर करीब पांच करोड़ का गोलमाल मुख्य विकास अधिकारी की जांच में सामने आया था। सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई को जांच कमेटी ने सहारनपुर के मंडलायुक्त को पत्र भेजा था।
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इस मामले में अधिकारियों को भेजे गए प्रस्तावों में खेल कर फर्जीवाड़ा कर धनराशि निकाली गई। सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कराई, जिसमें व्यापक अनियमितताएं पकड़ में आईं। अब सीडीओ ने सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को पत्र भेजकर दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की है। बताया गया कि स्कूलों में टाइलिंग, इंटरलॉकिंग, रंगाई-पुताई, रसोईघर और शौचालय मरम्मत जैसे कार्यों के नाम पर धनराशि निकाली गई। कार्यों में अनियमितताएं पाई गईं। बिना टेंडर के कार्य कराए गए।
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शिकायत के बाद खुला मामला
12 मार्च को गंगेरु के पीएमश्री विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक बृजेश शर्मा ने सहारनपुर आयुक्त और सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को शिकायत भेजकर फर्जीवाड़े की जांच की मांग की थी। इसके बाद आयुक्त ने रिपोर्ट मांगी। मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने जांच कर रिपोर्ट सहायक शिक्षा निदेशक सहारनपुर को भेज दी। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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जांच में क्या मिला
सीडीओ की जांच में सामने आया कि गंगेरू के पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय समेत छह स्कूलों में कृषि कोष से दी गई धनराशि में अनियमितताएं की गईं।
बिना टेंडर के टाइलिंग, रंगाई-पुताई, रसोईघर और शौचालय मरम्मत कराई गई
इंटरलॉकिंग और निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी
पत्रावलियों में फर्जीवाड़ा और अनुमोदन प्रक्रिया में गड़बड़ी
सबसे अधिक धनराशि चहारदीवारी में खर्च दर्शाए गए
दस्तावेजों में भी गड़बड़ी
जांच में पाया गया कि 30 अप्रैल 2025 को आठ विद्यालयों के कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कराए गए, लेकिन पत्रावली नियमानुसार डीएम के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के नाम पर फर्जी तरीके से एई लिखकर प्रस्ताव तैयार किए गए। प्रस्तावों में अंडरलाइन और निशान भी कूटरचित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से कर प्रस्तावों को आगे बढ़ाया गया।
इन स्कूलों में दिखाया गया खर्च
उच्च प्राथमिक विद्यालय दथेडा – 12.19 लाख
कंपोजिट विद्यालय ऊन – 5.10 लाख
उच्च प्राथमिक विद्यालय भाज्जू – 9.87 लाख
उच्च प्राथमिक विद्यालय जलालाबाद – 6.67 लाख
प्राथमिक विद्यालय राझड़ – 4.14 लाख
गंगेरू विद्यालय – 17.087 लाख
इन सभी में टाइलिंग, रंगाई-पुताई, रसोईघर मरम्मत, शौचालय निर्माण और खिड़की-दरवाजों के कार्य दर्शाए गए।
कार्रवाई की संस्तुति
सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने पत्र भेजकर जिला समन्वयक राहुल कुमार के खिलाफ विधिक कार्रवाई और सेवा समाप्ति की संस्तुति की है। साथ ही अन्य दोषियों के खिलाफ दंडात्मक और वसूली की कार्रवाई करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग में भी गोलमाल आया था सामने
हाल ही में शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर मरम्मत, पेंट और अन्य विकास कार्यों के नाम पर करीब पांच करोड़ का गोलमाल मुख्य विकास अधिकारी की जांच में सामने आया था। सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई को जांच कमेटी ने सहारनपुर के मंडलायुक्त को पत्र भेजा था।