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हाइवे में कटान, खतरे में कांवड़ियों की जान
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:53 PM IST
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शामली। बारिश के बाद जिले के समूचे कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और कटान होने से शिवभक्त कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हरिद्वार कांवड मार्ग मुजफ्फरनगर से शामली, शामली से कैराना, पानीपत एवं शामली से करनाल मार्ग प्रस्तावित है। श्रावण का महीना शुरू होते ही हरिद्वार से शामली होकर मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा के शिवभक्त कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया हैं। तीन दिनों की बारिश के बाद समूचे कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह गड्ढ़े हो गए है। हाइवे किनारे की ओर कटान हो गए है। कांवड़ मार्ग पर सबसे खस्ता हाल शामली से लेकर करनाल हाइवे का है। इस पर शामली से लेकर बिड़ौली तक अनगिनत गड्ढे है। मेरठ- करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित हो चुका है। पानीपत-कोटद्वार मार्ग राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित होने की प्रक्रिया में हैं। पानीपत-कोटद्वार मार्ग की जहां एक माह पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीनीकरण व विशेष मरम्मत का कार्य किया गया है। इस मार्ग पर शामली सिटी में हनुमान रोड से लेकर कलक्ट्रेट गेट तक 18 गड्ढ़े हैं। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा गड्ढ़े धीमानपुरा रेलवे फाटक से लेकर हनुमान वर्मा मार्केट तक है। मुख्य मार्ग पर 11 गड्ढे है। कैराना रोड यमुना नहर पुल खेड़ीकरमू के 100 मीटर की दूरी पर सिल्वर बेल्स स्कूल के सामने पानीपत-कोटद्वार मार्ग पर हाईवे की पूर्व की ओर डेढ़ मीटर भारी कटान हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि पानीपत-कोटद्वार मार्ग पर पर गड्ढ़े भरने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है। जल्द गड्ढे भरने का काम किया जाएगा। मेरठ- करनाल मार्ग पर शामली से लेकर बिडौली यमुना सीमा तक गड्ढ़े भरना काम राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्राधिकरण की टीम मौके का निरीक्षण कर चुकी है।
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हरिद्वार कांवड मार्ग मुजफ्फरनगर से शामली, शामली से कैराना, पानीपत एवं शामली से करनाल मार्ग प्रस्तावित है। श्रावण का महीना शुरू होते ही हरिद्वार से शामली होकर मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा के शिवभक्त कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया हैं। तीन दिनों की बारिश के बाद समूचे कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह गड्ढ़े हो गए है। हाइवे किनारे की ओर कटान हो गए है। कांवड़ मार्ग पर सबसे खस्ता हाल शामली से लेकर करनाल हाइवे का है। इस पर शामली से लेकर बिड़ौली तक अनगिनत गड्ढे है। मेरठ- करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित हो चुका है। पानीपत-कोटद्वार मार्ग राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित होने की प्रक्रिया में हैं। पानीपत-कोटद्वार मार्ग की जहां एक माह पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीनीकरण व विशेष मरम्मत का कार्य किया गया है। इस मार्ग पर शामली सिटी में हनुमान रोड से लेकर कलक्ट्रेट गेट तक 18 गड्ढ़े हैं। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा गड्ढ़े धीमानपुरा रेलवे फाटक से लेकर हनुमान वर्मा मार्केट तक है। मुख्य मार्ग पर 11 गड्ढे है। कैराना रोड यमुना नहर पुल खेड़ीकरमू के 100 मीटर की दूरी पर सिल्वर बेल्स स्कूल के सामने पानीपत-कोटद्वार मार्ग पर हाईवे की पूर्व की ओर डेढ़ मीटर भारी कटान हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि पानीपत-कोटद्वार मार्ग पर पर गड्ढ़े भरने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है। जल्द गड्ढे भरने का काम किया जाएगा। मेरठ- करनाल मार्ग पर शामली से लेकर बिडौली यमुना सीमा तक गड्ढ़े भरना काम राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्राधिकरण की टीम मौके का निरीक्षण कर चुकी है।