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कार्यालय और आवासीय परिसर में पौधे लगाएं - डीएम
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:12 AM IST
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कार्यालय और आवासीय परिसर में पौधे लगाएं - डीएम
शामली।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी है, जिसमें सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यालय तथा आवासीय परिसर में पौधे लगाकर सहयोग प्रदान कर सकते हैं।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला वन रक्षक समिति की बैठक हुई। उसमें जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के पौधरोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जो लक्ष्य प्राप्त हुआ है, उसे हर हाल में पूरा करना है। जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेना चाहिए। प्रभागीय वनाधिकारी अनुज कुमार सक्सेना ने कहा कि किसी भी भवन की दीवार से डेढ़ मीटर दूरी पर, पेड़ से पांच मीटर की दूरी पर दूसरा पौधा लगाया जाना उचित रहता है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य की पूर्ति के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को पौधरोपण में अभियान के रूप में हिस्सा लेना चाहिए। इस दौरान परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी बलराम कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार अत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
टीबी रोगियों को तलाश करेंगी 54 टीमें
शामली। टीबी रोगियों को तलाशने के लिए जिले में 54 टीमों का गठन किया गया है। यह अभियान चार चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण 11 जून से 29 जून तक चलेगा, जिसमें पांच पांच दिन के दो अभियान बनाए गए हैं। इसके बाद सितंबर, दिसंबर और फरवरी में फिर से टीबी मरीजों की जांच के लिए अभियान चलेगा।
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बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक के दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि टीबी के मरीजों की पहचान के लिए प्लास्टिक के दो कंटेनर (छोटे डिब्बे) दिए जाएंगे। उनमें से एक कंटेनर में मौके पर ही बलगम जांच के लिए लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीजों को उपचार के लिए प्रतिमाह 500 रुपये दिए जाएंगे। जिले से बाहर मेरठ अथवा दूसरे स्थानों पर इलाज कराने के लिए जाने पर किराया भत्ता के रूप में 600 रुपये का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीजों की जांच के लिए जिले में 10 माइक्रोस्कोप है, जबकि दो एलईडी माइक्रोस्कोप भी मौजूद हैं। टीबी के मरीजों को जांच के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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शामली।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी है, जिसमें सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यालय तथा आवासीय परिसर में पौधे लगाकर सहयोग प्रदान कर सकते हैं।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला वन रक्षक समिति की बैठक हुई। उसमें जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के पौधरोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जो लक्ष्य प्राप्त हुआ है, उसे हर हाल में पूरा करना है। जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेना चाहिए। प्रभागीय वनाधिकारी अनुज कुमार सक्सेना ने कहा कि किसी भी भवन की दीवार से डेढ़ मीटर दूरी पर, पेड़ से पांच मीटर की दूरी पर दूसरा पौधा लगाया जाना उचित रहता है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य की पूर्ति के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को पौधरोपण में अभियान के रूप में हिस्सा लेना चाहिए। इस दौरान परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी बलराम कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार अत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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टीबी रोगियों को तलाश करेंगी 54 टीमें
शामली। टीबी रोगियों को तलाशने के लिए जिले में 54 टीमों का गठन किया गया है। यह अभियान चार चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण 11 जून से 29 जून तक चलेगा, जिसमें पांच पांच दिन के दो अभियान बनाए गए हैं। इसके बाद सितंबर, दिसंबर और फरवरी में फिर से टीबी मरीजों की जांच के लिए अभियान चलेगा।
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बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक के दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि टीबी के मरीजों की पहचान के लिए प्लास्टिक के दो कंटेनर (छोटे डिब्बे) दिए जाएंगे। उनमें से एक कंटेनर में मौके पर ही बलगम जांच के लिए लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीजों को उपचार के लिए प्रतिमाह 500 रुपये दिए जाएंगे। जिले से बाहर मेरठ अथवा दूसरे स्थानों पर इलाज कराने के लिए जाने पर किराया भत्ता के रूप में 600 रुपये का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीजों की जांच के लिए जिले में 10 माइक्रोस्कोप है, जबकि दो एलईडी माइक्रोस्कोप भी मौजूद हैं। टीबी के मरीजों को जांच के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा।