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मुझे फंसाया गया, होनी चाहिए निष्पक्ष जांच- दुहन
Updated Sun, 06 May 2018 12:16 AM IST
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मुझे फंसाया गया, होनी चाहिए निष्पक्ष जांच- दुहन
शामली।
कैराना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र खरीद चुके बर्खास्त पीसीएस अफसर रणधीर सिंह दुहन ने शत्रु (निष्क्रांत) संपत्ति मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है। साथ ही कैराना के दिवगंत पूर्व सांसद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने शनिवार को प्रेसनोट जारी करके कहा कि बिड़ौली में शत्रु (निष्क्रांत) संपत्ति की नीलामी उन्होंने नहीं की, बल्कि तत्कालीन नायब तहसीलदार ने की थी और उसकी स्वीकृति तत्कालीन जिलाधिकारी शामली ने दी थी। बावजूद इसके उन्हें इस मामले में आरोपी मानते हुए बर्खास्त किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच तीन जनप्रतिनिधियों से कराई जाए, जो मौके पर जाकर सत्यता देखें। उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना लोकसभा क्षेत्र के गांव कौंथलपुर, रामड़ा बल्ला माजरा, तीतरवाड़ा, कैराना देहात, होसंगपुर, कांधला व मलखपुर की सरकारी जमीन पर अब भी लोगों के अवैध कब्जे हैं, जिन लोगों के कब्जे हैं, वह पूर्व में राजनीतिक व्यक्ति के बूथ एजेंट तथा सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं।
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शामली।
कैराना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र खरीद चुके बर्खास्त पीसीएस अफसर रणधीर सिंह दुहन ने शत्रु (निष्क्रांत) संपत्ति मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है। साथ ही कैराना के दिवगंत पूर्व सांसद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने शनिवार को प्रेसनोट जारी करके कहा कि बिड़ौली में शत्रु (निष्क्रांत) संपत्ति की नीलामी उन्होंने नहीं की, बल्कि तत्कालीन नायब तहसीलदार ने की थी और उसकी स्वीकृति तत्कालीन जिलाधिकारी शामली ने दी थी। बावजूद इसके उन्हें इस मामले में आरोपी मानते हुए बर्खास्त किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच तीन जनप्रतिनिधियों से कराई जाए, जो मौके पर जाकर सत्यता देखें। उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना लोकसभा क्षेत्र के गांव कौंथलपुर, रामड़ा बल्ला माजरा, तीतरवाड़ा, कैराना देहात, होसंगपुर, कांधला व मलखपुर की सरकारी जमीन पर अब भी लोगों के अवैध कब्जे हैं, जिन लोगों के कब्जे हैं, वह पूर्व में राजनीतिक व्यक्ति के बूथ एजेंट तथा सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं।
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