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मुलायम की प्रेरणा से राजनीति में आए, सपा में हुए थे शामिल
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शामली। वर्ष 2003 में रालोद- सपा गठबंधन में मुलायम सिंह यादव की कैबिनेट में पशुधन मंत्री रहे वीरेंद्र सिंह देश के पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिह यादव के निधन से आहत हैं। उनका कहना है कि विपक्ष में मुलायम सिंह यादव एक मात्र ऐसे नेता थे, मौजूदा दौर में उनसे वरिष्ठ रहे है। 39 साल गठबंधन और सपा में साथ कर जमीनी स्तर पर संघर्ष किया। उनके यहां दो बार आए। गठबंधन में वर्ष 2003 में वह तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो प्रदेश कैबिनेट मंत्री मंडल में पशुधन मंत्री का विभाग सौंपा। वर्ष 2009 मेें रालोद छोड़कर सपा में शामिल हुए तो वर्ष 2015 में गन्ना बीज निगम का चेयरमैन बनाया। बाद में सपा की ओर एमएलसी बना दिया था। सपा में 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि मुलायम सिह यादव प्रदेेश में जोड़-तोड़ की राजनीति के माहिर थे।
राजनीति में गांव खलिहान की धमक को बढ़ाया
किसानों के मसीहा और प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिह की राजनीति शुरु करने वाले पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री मुलायम सिह यादव प्रदेश की राजनीति के 50 साल तक केंद्र बिंदु रहे। मुलायम सिंह यादव के निधन से जिले के सपा कार्यकर्ता आहत है। सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिह यादव को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वह गरीबों मजलूमों के मददगार थे। उन्होंने राजनीति में गांव खलिहान की धमक को बढ़ाया। पूर्व विधायक रतनपाल सिह पंवार उनकी पुत्री एवं एलम की चेयरमैन दीपा पंवार, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य वीर सिंह मलिक, रालोद नेता राजन जावला ने धरती पुत्र मुलायम सिह यादव को याद करते हुए कहा कि उन्होने गांव किसानों, मजदूरों, नौजवानों की लड़ाई लड़ी। उनका निधन से प्रदेश की राजनीति को क्षति पहुंची है। नाला गांव के सुनील पंवार ने पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का कैराना से था गहरा नाता
कैराना। समाजवादी पार्टी के संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह का कैराना से अलग ही जुड़ाव रहा हैं। कैराना के हसन परिवार से उनके पारिवारिक रिश्ते थे।
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1991 में मुलायम सिंह यूपी के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 1993 में मुलायम सिंह खुद कैराना पहुंचे। जहां पर उन्होंने एक जनसभा के दौरान पूर्व सांसद मुनव्वर हसन को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। मुनव्वर हसन जनता दल से विधायक चुने गए थे। उन्होंने मुलायम सिंह के विचारों से प्रभावित होकर जनता दल छोड़ समाजवादी ज्वॉइन कर ली थी। 1995 में मुनव्वर के छोटे भाई एवं कैराना नगर पालिका के मौजूदा चेयरमैन हाजी अनवर हसन के शादी समारोह में मुलायम सिंह कैराना पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने मुनव्वर हसन के चबूतरे के बड़े हॉल में बैठकर मुनव्वर हसन के साथ सादे अंदाज में खाना खाया था।
1995 में ही मुलायम सिंह ने मोहल्ला छड़ियान स्थित पानी की टंकी का शिलान्यास किया था। 2007 में समाजवादी पार्टी ने पप्पू मलिक को कैराना सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। अपने प्रत्याशी के समर्थन में मुलायम सिंह ने कैराना के विजय सिंह पथिक महाविद्यालय के मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान पानीपत खटीमा राजमार्ग स्थित एक जनसभा में मुलायम सिंह पहुंचे। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह ने अपने जिगरी दोस्त मुनव्वर के बेटे नाहिद हसन को कैराना सीट से प्रत्याशी बनाया था। हालांकि उस दौरान मोदी लहर में बाबू हुकुम सिंह ने करीब ढाई लाख वोटों से नाहिद हसन को हरा दिया था।
पालिका चेयरमैन हाजी अनवर हसन बताते हैं कि 2002 में शामली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने के बाद मुलायम सिंह उनके आवास पर पहुंचे और उनके बड़े भाई मुनव्वर हसन के साथ उन्होंने खाना खाया। उनके साथ में उस समय पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह व सीताराम येचुरी भी मौजूद थे। मुलायम सिंह को चने का साग, दाल, रोटी लस्सी गुड़ पसंद था। उनके बड़े भाई मुनव्वर हसन से उनके राजनीतिक प्रगाढ़ रिश्ते रह चुके हैं। मुनव्वर हसन की मौत के बाद मुलायम सिंह को गहरा दुख पहुंचा था।
वाकई में धरतीपुत्र थे मुलायम सिंह: संजीव बालियान
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित एक कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि मुलायम सिंह का निधन भारतीय राजनीति की बड़ी क्षति है। वह सही में धरतीपुत्र थे। वह उस पीढ़ी के नेता थे, जहां नेता आम आदमी से मिलकर चलते थे। संजीव बालियान ने कहा कि संसद परिसर में लगातार उनसे बातचीत होती रहती थी। पार्टी लाइन से हटकर कई मुद्दों पर चर्चा होती थी। बालियान ने कहा कि उनका बहुत बड़ा हृदय था। पार्लियामेंट के आखिरी सत्र के आखिरी दिन उन्होंने विदाई मीटिंग में मोदी को फिर से सत्ता में आने का आशीर्वाद दिया था। ऐसा कार्य कोई बड़े दिल वाला व्यक्ति ही कर सकता है।
मुलायम सिंह के निधन पर अधिवक्ताओं ने किया शोक व्यक्त
कैराना। कचहरी परिसर स्थित बार एसोसिएशन भवन में अध्यक्ष राम कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन महासचिव जावेद अली द्वारा किया गया। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव, शामली के प्रसिद्ध डॉ. डीपी गुप्ता के पुत्र डॉ. उपहार गुप्ता व सेंट फ्रांसिस स्कूल की कक्षा 9 की छात्रा शुचि अग्रवाल के आकस्मिक निधन होने पर एक शोक सभा आयोजित की गई। सभी अधिवक्ताओं ने 2 मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं की शांति एवं दुखद परिवार को दुख सहन करने कि ईश्वर से प्रार्थना की। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के चलते सभी अधिवक्ताओं ने एक दिन के लिए न्यायालयों में न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया।
न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता
शामली। जिला बार भवन में सोमवार को बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश कुमार की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। साथ ही न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
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राजनीति में गांव खलिहान की धमक को बढ़ाया
किसानों के मसीहा और प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिह की राजनीति शुरु करने वाले पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री मुलायम सिह यादव प्रदेश की राजनीति के 50 साल तक केंद्र बिंदु रहे। मुलायम सिंह यादव के निधन से जिले के सपा कार्यकर्ता आहत है। सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिह यादव को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वह गरीबों मजलूमों के मददगार थे। उन्होंने राजनीति में गांव खलिहान की धमक को बढ़ाया। पूर्व विधायक रतनपाल सिह पंवार उनकी पुत्री एवं एलम की चेयरमैन दीपा पंवार, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य वीर सिंह मलिक, रालोद नेता राजन जावला ने धरती पुत्र मुलायम सिह यादव को याद करते हुए कहा कि उन्होने गांव किसानों, मजदूरों, नौजवानों की लड़ाई लड़ी। उनका निधन से प्रदेश की राजनीति को क्षति पहुंची है। नाला गांव के सुनील पंवार ने पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का कैराना से था गहरा नाता
कैराना। समाजवादी पार्टी के संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह का कैराना से अलग ही जुड़ाव रहा हैं। कैराना के हसन परिवार से उनके पारिवारिक रिश्ते थे।
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1991 में मुलायम सिंह यूपी के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 1993 में मुलायम सिंह खुद कैराना पहुंचे। जहां पर उन्होंने एक जनसभा के दौरान पूर्व सांसद मुनव्वर हसन को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। मुनव्वर हसन जनता दल से विधायक चुने गए थे। उन्होंने मुलायम सिंह के विचारों से प्रभावित होकर जनता दल छोड़ समाजवादी ज्वॉइन कर ली थी। 1995 में मुनव्वर के छोटे भाई एवं कैराना नगर पालिका के मौजूदा चेयरमैन हाजी अनवर हसन के शादी समारोह में मुलायम सिंह कैराना पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने मुनव्वर हसन के चबूतरे के बड़े हॉल में बैठकर मुनव्वर हसन के साथ सादे अंदाज में खाना खाया था।
1995 में ही मुलायम सिंह ने मोहल्ला छड़ियान स्थित पानी की टंकी का शिलान्यास किया था। 2007 में समाजवादी पार्टी ने पप्पू मलिक को कैराना सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। अपने प्रत्याशी के समर्थन में मुलायम सिंह ने कैराना के विजय सिंह पथिक महाविद्यालय के मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान पानीपत खटीमा राजमार्ग स्थित एक जनसभा में मुलायम सिंह पहुंचे। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह ने अपने जिगरी दोस्त मुनव्वर के बेटे नाहिद हसन को कैराना सीट से प्रत्याशी बनाया था। हालांकि उस दौरान मोदी लहर में बाबू हुकुम सिंह ने करीब ढाई लाख वोटों से नाहिद हसन को हरा दिया था।
पालिका चेयरमैन हाजी अनवर हसन बताते हैं कि 2002 में शामली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने के बाद मुलायम सिंह उनके आवास पर पहुंचे और उनके बड़े भाई मुनव्वर हसन के साथ उन्होंने खाना खाया। उनके साथ में उस समय पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह व सीताराम येचुरी भी मौजूद थे। मुलायम सिंह को चने का साग, दाल, रोटी लस्सी गुड़ पसंद था। उनके बड़े भाई मुनव्वर हसन से उनके राजनीतिक प्रगाढ़ रिश्ते रह चुके हैं। मुनव्वर हसन की मौत के बाद मुलायम सिंह को गहरा दुख पहुंचा था।
वाकई में धरतीपुत्र थे मुलायम सिंह: संजीव बालियान
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित एक कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि मुलायम सिंह का निधन भारतीय राजनीति की बड़ी क्षति है। वह सही में धरतीपुत्र थे। वह उस पीढ़ी के नेता थे, जहां नेता आम आदमी से मिलकर चलते थे। संजीव बालियान ने कहा कि संसद परिसर में लगातार उनसे बातचीत होती रहती थी। पार्टी लाइन से हटकर कई मुद्दों पर चर्चा होती थी। बालियान ने कहा कि उनका बहुत बड़ा हृदय था। पार्लियामेंट के आखिरी सत्र के आखिरी दिन उन्होंने विदाई मीटिंग में मोदी को फिर से सत्ता में आने का आशीर्वाद दिया था। ऐसा कार्य कोई बड़े दिल वाला व्यक्ति ही कर सकता है।
मुलायम सिंह के निधन पर अधिवक्ताओं ने किया शोक व्यक्त
कैराना। कचहरी परिसर स्थित बार एसोसिएशन भवन में अध्यक्ष राम कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन महासचिव जावेद अली द्वारा किया गया। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव, शामली के प्रसिद्ध डॉ. डीपी गुप्ता के पुत्र डॉ. उपहार गुप्ता व सेंट फ्रांसिस स्कूल की कक्षा 9 की छात्रा शुचि अग्रवाल के आकस्मिक निधन होने पर एक शोक सभा आयोजित की गई। सभी अधिवक्ताओं ने 2 मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं की शांति एवं दुखद परिवार को दुख सहन करने कि ईश्वर से प्रार्थना की। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के चलते सभी अधिवक्ताओं ने एक दिन के लिए न्यायालयों में न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया।
न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता
शामली। जिला बार भवन में सोमवार को बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश कुमार की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। साथ ही न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया।

एलम में पूर्व विधायक रतनपाल पंवार के घर पर खाना खाते पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और साक्ष?- फोटो : SHAMLI

कांधला कांड के विरोध में सभा के बाद एलम में पहुचे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव फाइल फोटो।- फोटो : SHAMLI

खरड़ किसान इंटर कॉलेज में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति का अनवारण कर लौटते पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम स?- फोटो : SHAMLI

कैराना में 1993 में आयोजित जनसभा के दौरान मुलायम व पूर्व सांसद मुनव्वर हसन आपस में बात करते हुए फाइल - फोटो : SHAMLI

कैराना में 2014 में लोकसभा चुनाव में आयोजित जनसभा के दौरान मंच पर बैठे मुलायम व साथ में विधायक नाहिद - फोटो : SHAMLI