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फीस जमा न होने पर छात्र को धूप में खड़ा कर दिया
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:48 AM IST
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जलालाबाद/थानाभवन।
फीस जमा नहीं होने पर स्कूल में एक छात्र को धूप में खड़ा कर दिया गया। करीब एक घंटे तक छात्र धूप में खड़ा रहा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने छात्र का उपचार कराने के बाद थानाभवन थाने में तहरीर दी।
मामला जलालाबाद के एल्पाइन इंटरनेशनल स्कूल का है। स्थानीय निवासी अबिद अली का बेटा मोहम्मद कैफ यहां कक्षा पांच का छात्र है। आरोप है कि समय पर फीस जमा नहीं होने के कारण बुधवार को अध्यापक ने उनके बेटे को कक्षा में बैठने से रोक दिया और धूप में खड़ा कर दिया। जिससे छात्र की हालत बिगड़ गई। स्कूल स्टाफ ने छात्र को घर भेज दिया।
परिजनों ने चिकित्सक के यहां ले जाकर उसका उपचार कराया। आबिद ने बताया कि गन्ना भुगतान नहीं मिलने के कारण दो महीने से वह अपने बेटे की फीस जमा नहीं कर पाया है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने उसके बेटे को धूप में खड़ा कर उत्पीड़न किया है। मामले में स्कूल प्रबंधन और अध्यापक के खिलाफ तहरीर दी गई है। उधर, स्कूल प्रबंधक कमेटी के सदस्य नितिन गर्ग का कहना है कि छह माह से जिन छात्रों की फीस जमा नहीं हुई, उन्हें डिफाल्टर मानते हुए परीक्षा देने से रोका गया। ऐसे छात्रों को रिसेप्शन के पास बैठा दिया गया था। किसी भी छात्र को धूप में खड़ा नहीं किया गया। छात्र का उत्पीड़न करने और धूप में खड़ा करने का आरोप निराधार हैं।
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फीस जमा नहीं होने पर स्कूल में एक छात्र को धूप में खड़ा कर दिया गया। करीब एक घंटे तक छात्र धूप में खड़ा रहा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने छात्र का उपचार कराने के बाद थानाभवन थाने में तहरीर दी।
मामला जलालाबाद के एल्पाइन इंटरनेशनल स्कूल का है। स्थानीय निवासी अबिद अली का बेटा मोहम्मद कैफ यहां कक्षा पांच का छात्र है। आरोप है कि समय पर फीस जमा नहीं होने के कारण बुधवार को अध्यापक ने उनके बेटे को कक्षा में बैठने से रोक दिया और धूप में खड़ा कर दिया। जिससे छात्र की हालत बिगड़ गई। स्कूल स्टाफ ने छात्र को घर भेज दिया।
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परिजनों ने चिकित्सक के यहां ले जाकर उसका उपचार कराया। आबिद ने बताया कि गन्ना भुगतान नहीं मिलने के कारण दो महीने से वह अपने बेटे की फीस जमा नहीं कर पाया है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने उसके बेटे को धूप में खड़ा कर उत्पीड़न किया है। मामले में स्कूल प्रबंधन और अध्यापक के खिलाफ तहरीर दी गई है। उधर, स्कूल प्रबंधक कमेटी के सदस्य नितिन गर्ग का कहना है कि छह माह से जिन छात्रों की फीस जमा नहीं हुई, उन्हें डिफाल्टर मानते हुए परीक्षा देने से रोका गया। ऐसे छात्रों को रिसेप्शन के पास बैठा दिया गया था। किसी भी छात्र को धूप में खड़ा नहीं किया गया। छात्र का उत्पीड़न करने और धूप में खड़ा करने का आरोप निराधार हैं।
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