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सड़क हादसों की कड़वी यादें छोड़ गया बीता साल
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। बीता साल सड़क हादसों से भरा रहा। जिले में कुल 208 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 121 लोगों की जान गई। 172 लोग घायल हुए। अधिकांश दुर्घटनाएं ब्लैक स्पॉट और डेंजर जोन क्षेत्रों में हुई। टूटी सड़कें और गलत दिशा में दौड़ रहे वाहन इन हादसों की बड़ी वजह बने।
जनवरी माह में मेरठ-करनाल हाइवे पर लक्षमणपुरा के निकट स्कॉर्पियो और ट्रक की टक्कर में मेरठ के तीन परिवार के आठ लोगों की मौत हुई थी। हादसे का मंजर देख रुह कांप उठी थी। जुलाई में ही काठ नदी पर मेरठ जा रहे अंबाला निवासी एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई थी। इसके बाद तो साल भर जिले में हादसों का सिलसिला चलता रहा। जिले में हुई अधिकांश बड़ी दुर्घटनाएं मेरठ-करनाल, सहारनपुर हाईवे पर बने पुल और पुलिया पर हुई। करनाल हाईवे पर काबड़ौत पुल, झिंझाना क्षेत्र में काठ के पुल पर कई हादसे हुए। दरअसल, पुल संकरा होना हादसे की वजह रही। दूसरी वजह टूटी सड़के हैं। सड़कों में गहरे गड्ढों की वजह से भी वाहन चालक गलत दिशा से वाहन निकालने की कोशिश करते हैं और दुर्घटना होती है। करनाल हाईवे पर बिड़ौली से गाड़ी वाला चौराहे तक बने बेहिसाब कट भी इसकी वजह है।
जनपद में 2018 में हुए बड़े सड़क हादसे
जनवरी - मेरठ-करनाल हाइवे पर लक्षमणपुरा में स्कार्पियो-ट्रक भिड़ंत में आठ की मौत।
फरवरी- बिड़ौली में बस-ट्रैक्टर की टक्कर के बाद बस पलटी, तीन की मौत।
जुलाई- काठ नली पर सड़क हादसे में अंबाला निवासी परिवार के पांच सदस्यों की मौत।
सितंबर- काबड़ौत पुल पर ट्रक ने शहर के व्यापारी और उनके पुत्र को कुचला, मौत।
नवंबर- शहर के बुढ़ाना रोड पर सड़क हादसे में पूर्व मंत्री के भांजे की मौत।
नवंबर- कैराना में भूसे से भरी ट्राली पलटी, दो युवकों की मौत।
नवंबर- काबड़ौत पुल पर कैंटर ट्रक से टकराया, दो की मौत।
दिसंबर- जलालाबाद कस्बे में सहारनपुर हाईवे पर पिकप पलटी, दो की मौत, 20 घायल।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े
कुल दुर्घटना 208
मृतक 121
घायल 172
ब्लैड स्पॉट 32
डेंजर 12
नए साल से उम्मीद
नए साल में जिले के लोगों को उम्मीद है कि काबड़ौत पुल का अधूरा निमार्ण पूरा होगा। काठ के पुल का चौड़ीकरण कराया जाएगा। मेरठ करनाल हाईवे की टूटी सड़कों की मरम्मत होगी। करनाल हाइवे पर ढाबों के बाहर खुले अनावश्यक कट बंद कराए जाएंगे। इन तमाम उपायों से हादसों में कमी आ सकती है।
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अधिकांश दुर्घटनाएं काठ के पुल और काबड़ौत पुल पर होती है। टूटी सड़कें भी बड़ी वजह है। यातायात विभाग लोगों को अपने स्तर से लोगों को जागरूक कर रहा है। प्रयास है कि आने वाले नए साल में हादसों में कमी हो।- भंवर सिंह, यातायात निरीक्षक।
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शामली। बीता साल सड़क हादसों से भरा रहा। जिले में कुल 208 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 121 लोगों की जान गई। 172 लोग घायल हुए। अधिकांश दुर्घटनाएं ब्लैक स्पॉट और डेंजर जोन क्षेत्रों में हुई। टूटी सड़कें और गलत दिशा में दौड़ रहे वाहन इन हादसों की बड़ी वजह बने।
जनवरी माह में मेरठ-करनाल हाइवे पर लक्षमणपुरा के निकट स्कॉर्पियो और ट्रक की टक्कर में मेरठ के तीन परिवार के आठ लोगों की मौत हुई थी। हादसे का मंजर देख रुह कांप उठी थी। जुलाई में ही काठ नदी पर मेरठ जा रहे अंबाला निवासी एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई थी। इसके बाद तो साल भर जिले में हादसों का सिलसिला चलता रहा। जिले में हुई अधिकांश बड़ी दुर्घटनाएं मेरठ-करनाल, सहारनपुर हाईवे पर बने पुल और पुलिया पर हुई। करनाल हाईवे पर काबड़ौत पुल, झिंझाना क्षेत्र में काठ के पुल पर कई हादसे हुए। दरअसल, पुल संकरा होना हादसे की वजह रही। दूसरी वजह टूटी सड़के हैं। सड़कों में गहरे गड्ढों की वजह से भी वाहन चालक गलत दिशा से वाहन निकालने की कोशिश करते हैं और दुर्घटना होती है। करनाल हाईवे पर बिड़ौली से गाड़ी वाला चौराहे तक बने बेहिसाब कट भी इसकी वजह है।
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जनपद में 2018 में हुए बड़े सड़क हादसे
जनवरी - मेरठ-करनाल हाइवे पर लक्षमणपुरा में स्कार्पियो-ट्रक भिड़ंत में आठ की मौत।
फरवरी- बिड़ौली में बस-ट्रैक्टर की टक्कर के बाद बस पलटी, तीन की मौत।
जुलाई- काठ नली पर सड़क हादसे में अंबाला निवासी परिवार के पांच सदस्यों की मौत।
सितंबर- काबड़ौत पुल पर ट्रक ने शहर के व्यापारी और उनके पुत्र को कुचला, मौत।
नवंबर- शहर के बुढ़ाना रोड पर सड़क हादसे में पूर्व मंत्री के भांजे की मौत।
नवंबर- कैराना में भूसे से भरी ट्राली पलटी, दो युवकों की मौत।
नवंबर- काबड़ौत पुल पर कैंटर ट्रक से टकराया, दो की मौत।
दिसंबर- जलालाबाद कस्बे में सहारनपुर हाईवे पर पिकप पलटी, दो की मौत, 20 घायल।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े
कुल दुर्घटना 208
मृतक 121
घायल 172
ब्लैड स्पॉट 32
डेंजर 12
नए साल से उम्मीद
नए साल में जिले के लोगों को उम्मीद है कि काबड़ौत पुल का अधूरा निमार्ण पूरा होगा। काठ के पुल का चौड़ीकरण कराया जाएगा। मेरठ करनाल हाईवे की टूटी सड़कों की मरम्मत होगी। करनाल हाइवे पर ढाबों के बाहर खुले अनावश्यक कट बंद कराए जाएंगे। इन तमाम उपायों से हादसों में कमी आ सकती है।
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अधिकांश दुर्घटनाएं काठ के पुल और काबड़ौत पुल पर होती है। टूटी सड़कें भी बड़ी वजह है। यातायात विभाग लोगों को अपने स्तर से लोगों को जागरूक कर रहा है। प्रयास है कि आने वाले नए साल में हादसों में कमी हो।- भंवर सिंह, यातायात निरीक्षक।